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कोटखाई मामला: मुख्य आरोपी ने CBI रिपोर्ट को गलत बताया, बोला- 'रेप करने में मैं अकेला नहीं था'

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    शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला की कैथू जेल की बैरक नंबर तीन में बंद एक कैदी ऐसा भी है, जो चिल्ला-चिल्लाकर सीबीआई की फाइनल रिपोर्ट को झूठा बता रहा है। इस कैदी का कहना है कि उसने जो अपराध किया है उसमें वह अकेले नहीं ,बल्कि उसके साथ चार और लोग भी शामिल थे। जिनके नाम तो वह नहीं जानता लेकिन शकल और सूरत से उसे जरूर पहचानता है। यह कैदी कोई ओर नहीं बल्कि बहुचर्चित कोटखाई गैंगरेप मर्डर केस में आरोपी अनिल कुमार उर्फ नीलू है। उसके खिलाफ सीबीआई चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। सीबीआई टीम ने दस महीने की छानबीन के बाद इस मामले में अब एक ही शख्स को ही आरोपी बनाया है। सीबीआई ने अपनी जांच में केवल नीलू को ही इस कांड को अंजाम देने के आरोपी बनाया है। सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, इस मामले को केवल एक ही शख्स ने अंजाम दिया है।

    जेल के अंदर से उठी आवाज

    जेल के अंदर से उठी आवाज

    लेकिन बताया जा रहा है कि सीबीआई की चार्जशीट दायर करने के बाद कैथू जेल में बंद दूसरे कैदियों को इस बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने भी इस मामले के आरोपी अनिल कुमार नीलू से पूछताछ की। कैदियों की आपसी बातचीत में अनिल ने बताया कि वह कोटखाई मामले में अकेला नहीं था। बल्कि चार और लोगों ने भी पीड़िता से उस दिन रेप किया था। उसने बताया कि वह उनके नाम तो नहीं जानता,लेकिन उन युवकों को पहचानता है। अनिल कुमार ने कहा कि उसकी बात को सीबीआई ने बार-बार अनसुना किया है।

    उठे सीबीआई की रिपोर्ट पर सवाल

    उठे सीबीआई की रिपोर्ट पर सवाल

    बताया जा रहा है कि जेल की चारदीवारी के बाहर यह सारी बात उस समय बाहर आई,जब दो दिन पहले कैथू जेल में सजायाफ्ता कैदी से मिलने उनके परिजन जेल गए थे। उस कैदी ने बैरक नंबर तीन में बंद कैदी के बारे में यह जानकारी साझा की थी। उसके बाद नीलू के इस दावे की खबर आग की तरह शिमला में फैल गई व बीते दिन से इस मामले में खूब चर्चा हो रही है। उधर जेल प्रशासन भी मामले को लेकर हैरान है कि आखिर कैसे जेल के अंदर की बात बाहर आ गई। सारे मामले पर अब हिमाचल पुलिस की भी चिंताएं बढ़ गई हैं कि कहीं इस मामले पर अब एक बार फिर कहीं कोई जनअंदोलन ही खड़ा न हो जाये। यही वजह है कि पुलिस को काई भी अधिकारी इस मामले पर मुंह खोलने को तैयार नहीं है। उधर, शिमला के कुछ वकील नीलू के दावे को प्रदेश हाईकोर्ट के नोटिस में लाने की तैयारी कर रहे हैं।

    कोटखाई मामले की टाइमलाइन कब क्या हुआ---

    कोटखाई मामले की टाइमलाइन कब क्या हुआ---

    4 जुलाई 2017 : स्कूल से लौट रही छात्रा लापता हो गई।

    6 जुलाई : कोटखाई के जंगल में गुडिय़ा का शव मिला, पुलिस ने दुराचार के हत्या की आशंका जताई।
    7 जुलाई : पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुराचार का खुलासा, कोटखाई में हुआ प्रदर्शन।
    8 जुलाई : मौके पर पहुंचे एसपी, 72 घंटे बाद भी दरिंदे पकडऩे न जाने पर जनाक्रोश भडक़ा।
    9 जुलाई : कई लोगों से पूछताछ पर कोई गिरफ्तारी नहीं, सीबीआई जांच की उठी मांग।
    10 जुलाई : सरकार ने बढ़ते आंदोलन के बाद एसआईटी का गठन किया।
    11 जुलाई : सरकार ने पीडि़त परिवार को पांच लाख मुआवजे की घोषणा की। दरिंदों को पकडऩे के लिए एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया।
    12 जुलाई : तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आधिकारिक फेसबुक पेज से वांछित आरोपियों के फोटो वायरल हुए।
    13 जुलाई : पुलिस ने मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया। जांच पर उठे सवाल।
    14 जुलाई : जांच के विरोध में ठियोग पुलिस थाने पर पथराव, गाडिय़ां तोड़ी, दबाव में सीबीआई जांच की सरकार ने की संस्तुति।
    15 जुलाई : दो रईसजादों के डीएनए सैंपल लिए गए। मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच के लिए प्रधानमंत्री को लिखा पत्र।
    16 जुलाई : एसआईटी फिर घटनास्थल पर पहुंची। दांदी जंगल में स्थानीय लोगों ने किया हवन।
    17 जुलाई : दिल्ली से मुंबई तक जस्टिस फार गुडिय़ा के लिए हुए प्रदर्शन। राजभवन पहुंची भाजपा ने कांग्रेस सरकार को बर्खास्त करने की उठाई मांग।
    18 जुलाई : सरकार ने हाईकोर्ट में जल्द सीबीआई जांच करने के लिए आवेदन दाखिल किया।
    19 जुलाई : कोटखाई पुलिस थाने में रात को एक आरोपी की पुलिस हिरासत में हत्या हुई। जनता ने थाने को घेरा। थाने को आग लगाने की कोशिश हुई। इस घटना में कई पुलिस वाले घायल हुए।
    22 जुलाई : सीबीआई ने दिल्ली में दर्ज की एफआईआर।
    23 जुलाई : हिमाचल पहुंची सीबीआई टीम ने शुरू की मामले की जांच।
    29 अगस्त 2017 : पुलिस लॉकअप में हुए सूरज हत्याकांड मामले में सीबीआई ने आईजी समेत आठ पुलिस वालों को गिरफ्तार किया।
    16 नवंबर : सूरज हत्याकांड मामले में शिमला के पुलिस अधीक्षक रहे डीडब्ल्यू नेगी को सीबीआई ने किया गिरफ्तार।
    25 नवंबर : सीबीआई अदालत में जांच एजेंसी ने गिरफ्तार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दायर की चार्जशीट।
    29 मार्च 2018 : हाईकोर्ट में सीबीआई ने स्टेटस रिपोर्ट पेश कर 25 अप्रैल तक आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया।

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    English summary
    shimla main accused claim that he did not rape alone

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