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बड़ा खुलासा: 'कोटखाई मामले में गैंगरेप नहीं रेप हुआ था, छात्रा पर थूकने को लेकर शुरू हुआ था विवाद'

By Prashant Srivastava
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    शिमला। बीते साल हिमाचल की राजनिति में तूफान खड़ा कर देने वाले कोटखाई की स्कूली छात्रा से रेप व मर्डर के मामले पर सीबीआई ने जो जांच पूरी की है। वह चौंकाने वाली है। इस जांच पर अभी भी लोगों को भरोसा नहीं है। हालांकि इससे पहले हिमाचल पुलिस की जांच व सीबीआई ने ही खुद दावा किया था कि कोटखाई की स्कूली छात्रा के साथ गैंगरेप किया गया व उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। उसके बाद उसकी लाश को जंगल में फेंक दिया गया। इस मामले में छह आरोपी पकड़े गए थे। इनमें एक की कोटखाई थाने में 18 जुलाई की रात को हत्या कर दी गई थी। इसके उलट विपरीत सीबीआई ने शिमला की जिला अदालत में जो चार्जशीट इस मामले में पेश की है। उसमें कई चौंकाने वाले तथ्य पेश किए गए हैं।

    नहीं हुआ था गैंगरेप, सिर्फ रेप की पुष्टि

    नहीं हुआ था गैंगरेप, सिर्फ रेप की पुष्टि

    रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कोटखाई की स्कूली छात्रा के साथ गैंगरेप नहीं, बल्कि रेप ही हुआ था। सीबीआई टीम ने दस महीने की गहन छानबीन के बाद इस मामले में अब एक ही शख्स को ही आरोपी बनाया है। सीबीआई ने अपनी जांच में केवल नीलू को ही इस कांड को अंजाम देने के आरोपी बनाया है। चार्जशीट के मुताबिक अनिल कुमार ने 4 जुलाई, 2017 को कोटखाई की स्कूली छात्रा से रेप किया और बाद में उसका गला घोंट कर उसे मौत के घाट उतार दिया।

     छात्रा के ऊपर थूकने को लेकर हुआ था विवाद, जिसके बाद हत्या हुई

    छात्रा के ऊपर थूकने को लेकर हुआ था विवाद, जिसके बाद हत्या हुई

    जांच के दौरान इस बात का भी खुलासा हुआ है कि छात्रा व आरोपी के बीच छात्रा के ऊपर थूकने को लेकर पहले कहासुनी हुई और बाद में दोनों के बीच हाथापाई हुई थी। स्थानीय पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर 5 लोगों को हिरासत में लिया था। 13 जुलाई, 2017 को स्थानीय पुलिस ने इस बात का खुलासा प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से किया था कि उन्होंने 5 लोगों को वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस हिरासत में ले लिया गया है।

    रिपोर्ट में कुछ आरोपियों को दोषी ना पाते हुए मुक्त करने को कहा गया है

    रिपोर्ट में कुछ आरोपियों को दोषी ना पाते हुए मुक्त करने को कहा गया है

    सीबीआई ने पुलिस द्वारा घोषित आरोपियों में आशीष चौहान, राजेंद्र सिंह उर्फ राजू, सुभाष, लोकजन उर्फ छोटू व दीपक उर्फ दीपू को इस मामले के लिए दोषी न पाते हुए उन्हें आपराधिक संहिता प्रक्रिया की धारा 169 के तहत डिस्चार्ज करने को कहा है। स्थानीय पुलिस द्वारा पकड़े गए एक आरोपी सूरज की 19 जुलाई की रात को पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। इस बात का भी खुलासा हुआ है कि 2 लोगों के बयानों के आधार पर इन 5 लोगों को हिरासत में लिया था लेकिन सीबीआई की जांच के दौरान ये दोनों अपने बयान से मुकर गए थे। स्थानीय पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों के पॉलीग्राफ टेस्ट, नार्को एनालिसिस रिपोर्ट, ब्रेन इलैक्ट्रिकल ओसीलेशन सिग्नेचर प्रोफाइलिंग व कंप्रीहैंसिव फॉरेंसिक साइकोलॉजिकल रिपोर्ट से भी इस बात का खुलासा हुआ कि इन लोगों को गलत तरीके से हिरासत में लिया गया था।

    मामले में अगली सुनवाई 27 जून को

    मामले में अगली सुनवाई 27 जून को

    चार्जशीट में यह बताया गया है कि अनिल उर्फ नीलू आदतन अपराधी हैं। उसके खिलाफ वर्ष, 2015 में पुलिस स्टेशन सराहां जिला सिरमौर में भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 354, 326, 323 व 324 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उसे इस मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। उसके पश्चात वह फरार था। नीलू के खिलाफ यह भी आरोप है कि उसने 5 जुलाई, 2017 की रात को एक युवती से दुष्कर्म का प्रयास किया था। इसके बाद 6 जुलाई को उसने एक अन्य युवती से दुर्व्यवहार किया। इस मामले की अगली सुनवाई 27 जून को होगी।

    ये भी पढ़ें- कोटखाई कांड के आरोपी को ज्यूडीशियल कस्टडी में भेजा गया

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    English summary
    Shimla cbi sumbited its final report says no clue found of rape in kotkhai rape case

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