कोटखाई गैंगरेप: शिमला में पुलिस-पब्लिक में झड़प, विरोध प्रदर्शन

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शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला में कोटखाई गैंगरेप-मर्डर मामले के खिलाफ विरोध जता रहे सामाजिक संगठनों व वामपंथी प्रर्दशनकारियों और पुलिस की झड़प हो गई। प्रदर्शनकारी राज्य सचिवालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान पुलिस बैरिेकेड को हटाने लगे तो बीच में पुलिस आ गई व माहौल तनावपूर्ण हो गया। इससे पहले डीसी आफिस के बाहर शिमला के विभिन्न सामाजिक संगठनों और वामपंथी कार्यकर्ता जमा हुये और उन्होंने डीसी ऑफिस से राज्य सचिवालय तक शांति मार्च निकाला। सचिवालय तक पहुंचते ही महौल में उस समय तनातनी आ गई, जब यहां पहले से ही भारी तादाद में पुलिस को तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास किया और सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए। सचिवालय के सभी गेट बंद किये जा चुके हैं व यहां प्रर्दशनकारी डटे रहे।

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सोमवार को सड़क पर उतरे वामपंथी

सोमवार को सड़क पर उतरे वामपंथी

न्याय मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार स्कूली छात्रा को न्याय दिलाने को लेकर गंभीर नहीं है। न्याय मंच की कन्वीनर शारदा दमशेट व मंच के कन्वीनर विजेन्दर मेहरा ने कहा कि जांच एजेंसी की जांच के लिये दोनों ही मामलों में कोई समयवधि निर्धारित नहीं की गई है। इससे सबूतों से छेड़छाड़ व उन्हें नष्ट करने के प्रयास होते रहेंगे। वहीं सूरज की पत्नी को भी सुरक्षा मिले। वामपंथी मांग कर रहे हैं कि सीबीआई की जांच को टाइम बाउंड किया जाये। पुलिस हिरासत में आरोपी सूरज की मौत को भी सीबीआई की जांच में जोड़ा जाये। मृतक सूरज की पत्नी ममता व उसके परिवार को पूर्ण सुरक्षा दी जाये। सूरज की पत्नी का बयान जल्द से जल्द ज्युडिशियल मेजिस्ट्रेट के समक्ष रिकॉर्ड कराया जाये। प्रदेश के पुलिस प्रमुख सोमेश गोयल को तुरंत उनके पद से हटाया जाये। प्रदेश में कानून-व्यवस्था ठीक की जाये। शैक्षणिक स्थलों, कार्यस्थलों और समाज के हर दायरे में शरिरिक शोषण के खिलाफ लिंग संवेदन कमिटियों को गठित किया जाये।

शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने की अपील

शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने की अपील

माकपा के नेता राकेश सिंघा ने एसआईटी जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें कुछ रसूखदार लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है। लॉकअप में एक आरोपी की हत्या होती है, वह भी इस मामले में पुलिस व सरकार के विरुद्ध और संदेह पैदा करती है। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में ऐसी हैवानियत पहली बार देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि जहां पुलिस वारदात होने की बात कर रही है उसे देखकर कोई भी कह सकता है कि यहां ऐसा कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि बेईमानों से जंग लड़ने के लिये हर किसी को अपने मकानों से बाहर निकलना होगा।

उधर कोटखाई मामले से शुरू से बेरुखी दिखानेवाले शिमला के डीएम रोहन चंद ठाकुर ने जनता से अपील की है कि वे आंदोलन के दौरान सड़कों को बंद न करें। उन्होंने कहा कि लोगों का जो भी रोष है, वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना रोष व्यक्त कर सकते हैं। सड़क बंद करने या फिर तोड़-फोड़ करने से वे अपना ही नुकसान कर रहे हैं। इस प्रकार के प्रदर्शन से लोगों को परेशानी होती है। स्कूली बच्चों को स्कूल आने-जाने में दिक्कत होती है। मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल जाने में दिक्कत होती है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे उग्र आंदोलन ना करें। जो भी प्रदर्शन करना है वह शांतिपूर्वक हो।

प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस

प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस

इस बीच शिमला पुलिस ने पुलिस ने 20 जुलाई को सचिवालय के बाहर भाजपा के प्रदर्शन और इस दौरान हुई हलकी पत्थरबाजी के आरोप में चौपाल के विधायक बलबीर वर्मा और शिमला नगर निगम के पार्षद शैलेंद्र चौहान के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं ठियोग में 22 जुलाई को हुये प्रदर्शन के दौरान एनएच बाधित करने पर माकपा नेता राकेश सिंघा सहित कुछ अन्य कार्यकर्ताओं पर मामले बनाए हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस कोटखाई में हुई आगजनी की घटना को लेकर भी कुछ नेताओं पर केस दर्ज कर सकती है। ठियोग में माकपा के प्रदर्शन के दौरान चक्का जाम को लेकर पूर्व विधायक राकेश सिंघा और कुछ अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। ऐसे में अब प्रबल संभावना है कि कोटखाई की आगजनी को लेकर भी पुलिस मामले दर्ज करेगी और वह उस दिन के वीडियो फुटेज को खंगाल रही है। ऐसे में वहां पर कुछ नेताओं के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज होने की उम्मीद है।

मामले की इस तरह की जा रही सीबीआई जांच

मामले की इस तरह की जा रही सीबीआई जांच

उधर, मामले की जांच के लिए सीबीआई ने शिमला के ग्रैंड होटल को अपना कैंप आफिस बना लिया है व जांच के लिये तीन टीमों का गठन किया है। इनमें से एक टीम कोटखाई के लिए रवाना हो रही है तो दो अन्य टीमें शिमला में ही रहेंगी। प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों के बाद सीबीआई की विशेष अपराध शाखा के डीआईजी की निगरानी में एसआईटी का गठन किया गया है। 15 सदस्यों की इस टीम में पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक से लेकर इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर आदि सभी स्तर के अधीनस्थ अधिकारी हैं। सीबीआई के अधिकारियों ने पुलिस रिकॉर्ड को जांचने के बाद तफ्तीश की अगली रणनीति बनाई व विशेष जांच टीम ने आगे तीन दस्ते तैयार किये। इनमें से एक टीम ग्रैंड होटल में ही स्थायी कैंप लगाएगी। दूसरी टीम स्कूली छात्रा से से दुराचार के बाद हत्याकांड के घटनास्थल का मुआयना करेगी। आरोपियों और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ करेगी। तीसरी टीम स्थानीय पुलिस से संपर्क रखेगी और फोरेंसिंक एवं अन्य सबूतों को पुष्ट करने पर काम करेगी। तीसरी टीम में फोरेंसिक और विधि विशेषज्ञों के अलावा तमाम तरह के अन्य जांच अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं।

स्कूली छात्रा के परिजनों से मिलने पहुंचे भाजपा नेता

स्कूली छात्रा के परिजनों से मिलने पहुंचे भाजपा नेता

हिमाचल भाजपा के नेता कोटखाई गैंगरेप-मर्डर की शिकार हुई स्कूली छात्रा के घर पहुंचे व उसके परिजनों से मिले। नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने स्कूली छात्रा के परिजनों का दिलासा दिया और उनको मदद का पूरा आश्वासन दिया। उन्होंने स्कूली छात्रा के साथ हुई दरिंदगी के बारे में उनके परिजनों से बातचीत की। धूमल ने कहा कि स्कूली छात्रा को जल्द ही इंसाफ दिलाया जाएगा और हत्यारों को फांसी के फंदे तक पहुंचाया जाएगा। इस मौके पर धूमल के साथ भाजपा विधायक राजीव बिंदल, चौपाल के विधायक बलबीर वर्मा और पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा मौजूद थे। धूमल ने स्कूली छात्रा नाम से स्कूल खोलने पर आपत्ति भी जताई। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक पीड़िता का नाम उजागर करना गैर कानूनी है। उनका कहना था कि गुड़िया के असली नाम से स्कूल का नामकरण नहीं हो सकता है।

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English summary
Public agitation in Shimla on Kotkhai Gang Rape Case.
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