कोटखाई के बाद चंबा छात्रा रेपकांड पर सियासत, सीएम वीरभद्र पर हमला

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शिमला। हिमाचल प्रदेश में जिला चंबा के चुराह के तीसा में स्कूली छात्रा से रेप के बाद शिक्षकों की पिटाई के मामले में दो सुमदायों के बीच तनाव पर राजनीति शुरू हो गई है। सत्ता पक्ष व विपक्ष एक-दूसरे को इस मामले में दोषी ठहरा रहा है। प्रशासन ने तीसा, भंजराड़ू, भटियात नकरोड़ व खुशीनगरी में सुरक्षा बढ़ा दी है।

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सांंप्रदायिक बवाल, कई पुलिसकर्मी घायल

सांंप्रदायिक बवाल, कई पुलिसकर्मी घायल

सोमवार को तीसा में हुये बवाल में चंबा के एएसपी, एडीएम व करीब 15 पुलिसकर्मी बुरी तरह घायल हुये हैं। घायलों का इलाज चंबा अस्पताल में चल रहा है। वहीं मामले की गाज तीसा के एसडीएम हितेश आजाद पर भी गिरी है। सरकार ने उन्हें छुट्टी पर भेज दिया है। लोगों में एसडीएम के हो रहे विरोध के चलते यह कदम उठाया गया है। वहीं चंबा के डीसी पर भी कार्रवाई की तलवार लटकी है। सरकार उन्हें भी हटाने की तैयारी में है।

इलाके में तनाव, फोर्स तैनात

इलाके में तनाव, फोर्स तैनात

तीसा में तनाव का माहौल बरकरार है। हालांकि हालात को काबू में पाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ कई अधिकारियों को यहां तैनात किया गया है। डीसी चंबा सुदेश मोख्टा ने बताया कि तीसा में लॉ एंड आर्डर को बनाए रखने के लिए पर्याप्त बंदोबस्त किए गए हैं और स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है। हालात पर नजर रखने के लिये भंजराड़ू में भटियात के एसडीएम अश्वनी सूद, नकरोड़ में तहसीलदार अमन और खुशनगरी में एसडीएम भरमौर तैनात रहेंगे।

प्रेम कुमार धूमल ने वीरभद्र से मांगा इस्तीफा

प्रेम कुमार धूमल ने वीरभद्र से मांगा इस्तीफा

इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि चंबा के तीसा में जो कुछ हुआ है वह बहुत शर्मनाक है, परंतु सरकार की नालायकी और निष्क्रियता इसके लिए दोषी है। समाज विरोधी तत्वों और चरित्रहीन लोगों को सरकार और पुलिस प्रशासन का कोई भय नहीं है। ऐसा लगता है कि वास्तव में प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है। इस पर सीएम का यह बयान कि तीसा में सांप्रदायिक तनाव और कोटखाई प्रकरण जैसे सामान्य मामलों को भाजपा राजनीतिक रंग देती है, अत्यंत निंदनीय है। अगर ऐसी शर्मनाक घटनाओं को किसी प्रदेश का सीएम सामान्य मानता हो तो यह अत्यंत शर्मनाक बात है। तीसा की घटनाओं की सूचना मिलने के बाद भी सीएम का वहां न जाना और चंबा से वापस आ जाना कई प्रश्न उठाता है। धूमल ने कहा कि मैं मानता हूं कि उनकी उपस्थिति निश्चित तौर पर स्थिति को सामान्य कर सकने में बहुत सहायक सिद्ध होती। उन्होंने कहा कि विपक्ष पर दोषारोपण करने की अपेक्षा सरकार कानून व्यवस्था की स्थिति को सुधारे या फिर सत्ता से त्यागपत्र देकर बाहर हो जाए।

निर्दोष अध्यापकों पर हमला करने वालों पर हो कार्रवाई

निर्दोष अध्यापकों पर हमला करने वालों पर हो कार्रवाई

विश्व हिंदू परिषद ने चंबा के तीसा क्षेत्र में हुई उस घटना का कड़े शब्दों में विरोध किया है, जिसमें कुछ लोगों द्वारा स्कूल के अध्यापकों के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया। प्रदेश में इस तरह की अराजकता को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह बात विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अमन पुरी ने की। अमन पुरी ने कहा कि जब पुलिस द्वारा आरोपी अध्यापक को गिरफ्तार कर लिया गया था और उसे कानूनी प्रक्रिया द्वारा सजा होनी है तो निर्दोष अध्यापकों पर क्यों हमला किया गया? क्या हिमाचल में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद सरकार से मांग करता है कि अगर स्कूल के निर्दोष अध्यापकों पर हमला करने वाले दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती तो वीएचपी आगामी 5 और 6 अगस्त को होने वाली प्रदेश कार्यकारिणी एवं कार्यसमिति की बैठक में अपनी आगामी रणनीति तय करेगा।

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English summary
Politics on Chamba rape case after Kotkhai incident.
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