कोटखाई केस सीबीआई के हवाले, माहौल बिगड़ता देख झुकी वीरभद्र सरकार

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शिमला। हिमाचल प्रदेश में जिला शिमला के कोटखाई में स्कूली छात्रा से गैंगरेप व मर्डर के मामले में हिमाचल सरकार बिगड़ते महौल में लोगों का दबाव चंद घंटे भी नहीं झेल पाई। कल तक अपनी पुलिस की पीठ थपथपाने वाली सरकार ने गुरुवार को कोटखाई में भड़के आंदोलन के चंद घंटो बाद ही सीबीआई जांच कराने का फैसला ले लिया।

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वीरभद्र सरकार ने की सीबीआई जांच की सिफारिश

वीरभद्र सरकार ने की सीबीआई जांच की सिफारिश

अब कोटखाई गैंगरेप मर्डर केस की जांच सीबीआई करेगी। वीरभद्र सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है। इससे पहले पूरे मामले की जांच की प्रगति रिपोर्ट सरकार ने स्वयं देखी और उसके बाद सीबीआई जांच की सिफारिश की है। ठियोग में एसडीएम ने सीएम की घोषणा को जनता के समक्ष रखा, सीबीआई जांच के आदेश की कॉपी जनता को दिखाई।

लोगों में पुलिस की जांच को लेकर आक्रोश

लोगों में पुलिस की जांच को लेकर आक्रोश

बता दें कि एसआईटी द्वारा बहुचर्चित स्कूली छात्रा रेप और मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने का दावा करने के 24 घंटे के भीतर लोगों का आक्रोश सामने आ गया है। मामले में पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद लोग भड़क गए हैं। लोगों को पुलिस की थ्योरी रास नहीं आई रही है। पुलिस की जांच से नाराज लोग लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे। ठियोग बाजार में हंगामा किया और पत्थरबाजी भी की।

विपक्ष ने भी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

विपक्ष ने भी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

बताया जा रहा है कि पुलिस के डरे हुए अफसर बात करने से भी पीछे हट रहे थे। लोग सीबीआई को केस देने की घोषणा करवाने पर अड़े थे। वहीं विपक्ष ने भी सरकार पर इस मामले को लेकर संगीन आरोप लगाए हैं। इस बीच नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने शिमला में पत्रकार वार्ता में सरकार के उस फैसले की सराहना की है जिसमें कोटखाई मामले की जांच सीबीबआई से कराने की सिफारिश की है।

कोटखाई घटना के बाद आंदोलित हुआ हिमाचल

कोटखाई घटना के बाद आंदोलित हुआ हिमाचल

इसी बीच प्रदेश सरकार के एक मंत्री ने भी सीबीआई जांच की वकालत कर दी थी। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा था कि जनता के भरोसे और विश्वसनीयता को कायम रखना हर सरकार की प्रथम जिम्मेवारी है। सरकार किसी को बचाना भी नहीं चाहती। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार और सीएम से मैं अनुरोध करता हूं कि जनभावनाओं को देखते हुए मामले को सीबीआई या मैजिस्ट्रेट इन्क्वॉयरी को सौंपने के बारे में निर्णय लेना चाहिए। बाली ने कहा कि कोटखाई प्रकरण ने प्रदेश की जनता को आक्रोशित किया है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार देवभूमि के शांत रहने वाले हजारों लोग सड़कों पर उग्र रूप से शासन और प्रशासन के खिलाफ उतर आए हैं। वहीं प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप था कि मामले में प्रभावशाली लोगों को पुलिस बचा रही है, जबकि छोटे लोगों को फंसाकर मामले को रफा दफा करने की कोशिश की जा रही है।

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English summary
Now CBI probe in Kotkhai gang rape case.
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