कोटखाई गैंगरेप-मर्डर केस: सीएम वीरभद्र ने डीएम को हड़काया, गिर सकती है गाज

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शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने जब आला अधिकारियों से कोटखाई मामले पर मंत्रणा की व ताजा हालात का जायजा लिया तो एक सुर से शिमला के डीएम के खिलाफ आवाज बुलंद हुई। कहा गया कि उन्होंने अपने स्तर पर मामले को जिस तरीके से लिया उससे सरकार की खासी फजीहत हुई है। इससे पहले सीएम को कांग्रेस के कई नेताओं ने भी यही फीडबैक दिया था कि शिमला के डीएम रोहन चंद ठाकुर पूरे प्रकरण के दौरान अपने दफ्तर से बाहर ही नहीं निकल रहे हैं जिससे लोगों का गुस्सा भड़क रहा है।

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कोटखाई पर बवाल को रोकने में डीएम नाकाम

कोटखाई पर बवाल को रोकने में डीएम नाकाम

दरअसल सीबीआई से मामले की जांच कराने के लिये गये फैसले के बाद जब महौल में कोई सुधार नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने एक ओर खुफिया महकमे को सक्रिय किया तो वहीं कांग्रेस के अपने नेटवर्क से भी जानकरियां लेनी शुरू कीं जिससे पता चला कि शुरू से ही इस मामले से डीएम शिमला ने कोई अहम रोल अदा नहीं किया। जिस दिन स्कूली छात्रा की लाश दांदी के जंगलों में मिली तो डीएम शिमला स्पॉट पर नहीं जा पाये। न ही बाद में स्कूली छात्रा के परिजनों से मिल पाये। सरकार की ओर पीड़ित परिवार की मदद के लिये पांच लाख रुपये की घोषणा जब की गई तो भी उस राशि को लेकर छात्रा के परिवार तक पहुंचाने में लापारवाही बरती गई। बाद में यह राशि सीएम की पत्नी प्रतिभा सिंह गईं तो परिवार ने उसे ठुकरा दिया।

इसी तरह सीएम वीरभद्र सिंह जब डीजीपी सोमेश गोयल व चीफ सेक्रेटरी वीसी फारका के साथ बैठक कर रहे थे तो भी डीसी के रोल को लेकर सवाल उठे थे। यही नहीं ठियोग में भड़की हिंसा के पीछे भी डीएम की लापरवाही बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि ठियोग में जिस दिन महौल बिगड़ा, पुलिस भीड़ के आगे बेबस हो गई। उस दिन धरना शुरू होने से पहले से लेकर खत्म होने तक डीएम शिमला वहां नहीं पहुंच पाये। सीबीआई जांच की जब घोषणा हुई व अंदोलनकारी अड़ गये कि वह लिखित आदेशों के बिना वहां से नहीं हटेंगे तो सरकार के आदेशों की कापी डीएम नहीं बल्कि एसडीएम ठियोग भीड़ के नेताओं के पास लेकर गये थे।

सीएम वीरभद्र ने डीएम को तलब कर डांटा

सीएम वीरभद्र ने डीएम को तलब कर डांटा

अब बिगड़ते महौल को देखते हुये सीएम वीरभद्र सिंह ने डीएम शिमला रोहन चंद ठाकुर को तलब किया व उनके रवैये पर अपनी नाखुशी जताते हुये उन्हें खूब हड़काया। सूत्र बताते हैं कि सीएम के साथ जब डीसी मिले तो उनके पास घटना से निपटने के लिये किये गये किसी भी प्रयास का कोई ब्यौरा तक नहीं था। बताया जा रहा है कि सीएम की नाराजगी के चलते डीएम शिमला को भी बता दिया गया है कि उन्हें किसी भी समय हटाया जा सकता है। दरअसल कांग्रेस के विधायकों ने भी डीएम शिमला के रवैये पर अपनी नाराजगी सीएम के पास दर्ज की है। जुब्बल कोटखाई के कई कांग्रेस नेताओं ने एक सुर से बताया है कि डीएम को यह मामला निपटाना ही नहीं आया।

फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के इंतजार में पुलिस

फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के इंतजार में पुलिस

उधर, गैंगरेप मर्डर केस में गिरफ्तार आरोपी आशीष चौहान को ठियोग कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आशीष को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब पांच आरोपी पुलिस हिरासत में हैं। इन सभी का पुलिस रिमांड 20 जुलाई को खत्म होगा। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है लेकिन अभी तक कोई ठोस सबूत जांच टीम के हाथ नहीं लगा है। इसके अलावा दो संदिग्ध रोजाना कोटखाई थाने में हाजिरी भर रहे हैं। दोनों संदिग्धों के पहले फोटो वायरल हुए थे। पुलिस ने दोनों का मेडिकल भी कराया है। दोनों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पुलिस को बताए बिना इलाका नहीं छोड़ सकते। पुलिस की जांच अब फोरेंसिक रिपोर्ट पर टिक गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपियों के बारे में स्थिति साफ हो पाएगी। उधर, पुलिस की एक टीम ने दिनभर दांदी जंगल की खाक छानी। हलांकि, जिस पिकअप में स्कूली छात्रा को बैठकर ले जाने का दावा किया जा रहा है, वह अभी तक महासू में खड़ी है। पुलिस ने इसे अभी तक कब्जे में नहीं लिया है। शिमला में धरने प्रर्दशन हो रहे हैं। राजधानी इस समय पुलिस छावनी में तब्दील हो चुकी है। सत्तारूढ़ दल के नेता चाह रहे हैं कि आज बारिश हो जाये ताकि कुछ महौल ठंडा रहे।

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English summary
Himachal Pradesh CM Virbhadra rebuked DM on Kotkhai gang rape issue.
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