शिमला: आठ अगस्त को विधानसभा चुनाव की रणनीति बनाएगी कांग्रेस, CM भूपेश बघेल ने बुलाई बैठक
शिमला: आठ अगस्त को विधानसभा चुनाव की रणनीति बनाएगी कांग्रेस, CM भूपेश बघेल ने बुलाई बैठक
शिमला, 06 अगस्त: विधानसभा चुनाव से पहले हिमाचल कांग्रेस में टिकट के दावेदारों को लेकर घमासान मचा हुआ है। इस घमासान के बीच पार्टी संगठन को एक सूत्र में पिरोने के मकसद से कांग्रेसी नेता सक्रिय हो गए हैं। वहीं, एक वर्ग का मनाना है कि जल्द से जल्द पार्टी को प्रत्याशी तय कर देना चाहिए, ताकि समय रहते ही चुनाव प्रचार शुरू हो सके। यही वजह है कि पार्टी के तमाम बड़े नेता शिमला में एक बैठक करने जा रहे हैं। दरअसल, हिमाचल कांग्रेस में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और पार्टी बैठकों से हंगामे की खबरें सामने आने लगी हैं। जिससे पार्टी की खूब फजीहत हो रही है।

चुनावी साल है इसलिए आलाकमान ने पार्टी की गुटबाजी खत्म करने के मकसद से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को हटाकर प्रतिभा सिंह को पार्टी की कमान सौंपी थी। इतना ही नहीं, पार्टी ने उनके साथ चार कार्यकारी अध्यक्ष ही बनाए थे और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष नादौन के विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया था। लेकिन इसके बावजूद अभी पार्टी में गुटबाजी खत्म नहीं हो पाई है। हिमाचल कांग्रेस अब तीन गुटों में साफ तौर पर बटती नजर आ रही है। एक गुट प्रतिभा सिंह के साथ है तो दूसरा गुट नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री और तीसरे गुट की अगुवाई सुखविंदर सिंह सुक्खू कर रहे हैं।
कांग्रेस पार्टी को लगता है कि जल्द से जल्द इस गुटबाजी को रोका नहीं गया तो दूसरे स्थानों पर भी ऐसे मामले सामने आ सकते है। इस गुटबाजी को रोकने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ सचिन पायलट व प्रताप सिंह बाजटा हिमाचल आ रहे हैं। इतना ही नहीं, कांग्रेस पार्टी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल केंद्रीय पार्टी पर्यवेक्षक नियुक्त किया है तो वहीं, सचिन पायलट व प्रताप सिंह बाजटा को पर्यवेक्षक बनाया है। तीनों नेता सात और आठ अगस्त को शिमला में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर विधानसभा चुनावों की रणनीति बनाएंगे। इस दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य और प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला, सह प्रभारी गुरकीरत सिंह कोटली, संजय दत्त और तजेंद्र पाल बिट्टू भी मौजूद रहेंगे।
विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर इस बैठक को सबसे खास माना जा रहा है। इस बैठक के संबंध में तमाम पदाधिकारियों को सूचना भेज दी गई है। इससे पहले हिमाचल कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव पर दिल्ली में मंथन किया था। बताया जा रहा है कि अब शिमला में आगामी विधानसभा चुनाव और इसकी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस सगंठन महामंत्री रजनीश किमटा ने बताया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, जिन्हें प्रदेश विधानसभा चुनावों में मुख्य पर्यवेक्षक बनाया गया है, उनके साथ पर्यवेक्षक सचिन पायलट और प्रताप सिंह बाजवा विशेष तौर पर इस बैठक में भाग लेंगे। लेकिन यहां पेचीदा माहौल इसलिये पैदा होने लगा है कि पार्टी जहां उदयपुर संकल्प को अपनाने की बात कर रही है।
तो वहीं, पिछले चुनावों में चुनाव हारे कई नेता किसी भी कीमत पर अपनी टिकट की दावेदारी नहीं छोड़ना चाह रहे हैं। जिससे टिकट की आस में इंतजार में बैठे दूसरे नेताओं का अब सब्र का बांध टूटने लगा है। यहां दिलचस्प बात यह है कि पिछली बार हारे ज्यादातर नेता वीरभद्र सिंह गुट यानि प्रतिभा सिंह के करीबी है। जो पिछली बार बुरी तरह चुनाव हारे थे। पार्टी का दूसरा धडा मानता है कि पार्टी को समय रहते टिकट के लिए मापदंड तय करना चाहिये। खासकर उन लोगों को टिकट नहीं देना चाहिए जो पिछली बार पांच हजार मतों के अंतर से चुनाव हारे थे।












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