हिमाचल चुनाव 2017: डलहौजी विधानसभा क्षेत्र के बारे में जानिये
धौलाधार और पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के बीच बसा डलहौजी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नंबर चार सीट है। चंबा जिले में स्थित यह निर्वाचन क्षेत्र अनारक्षित है।
शिमला। धौलाधार और पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के बीच बसा डलहौजी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नंबर चार सीट है। चंबा जिले में स्थित यह निर्वाचन क्षेत्र अनारक्षित है। यह क्षेत्र साल 2008 में, विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आया। इससे पहले इसे बनीखेत के रूप में जाना जाता था। बनीखेत की कुछ पंचायतें भटियात में चली गईं। परीसीमन के दौरान बनीखेत की नौ पंचायतें भटियात में चली गईं तो दो पंचायतें चुराह में मिलीं। व डलहौजी नया विधानसभा क्षेत्र बना। 2012 में इस क्षेत्र में कुल 60,828 मतदाता थे। कांग्रेस की आशा कुमारी यहां से चुनाव जीतीं।

1854 में डलहौजी ने बसाया था इसे
डलहौजी धौलाधार पर्वत श्रृंखलाओं के मध्य स्थित एक बहुत की खूबसूरत पर्यटक स्थल है। पांच पहाड़ों (कठलौंग, पोट्रेन, तेहरा, बकरोटा और बलुन) पर स्थित यह पर्वतीय स्थल हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले का हिस्सा है। अंग्रेजों ने 1854 में इसे बसाया और विकसित किया तथा तत्कालीन वायसराय लॉर्ड डलहौजी के नाम पर इस जगह का नाम डलहौजी रखा गया। अंग्रेज सैनिक और नौकरशाह यहां अपनी गर्मी की छुट्टियां बिताने आते थे। लॉर्ड डलहौजी भारत में ब्रिटिश राज का गवर्नर जनरल था और उसका प्रशासन चलाने का तरीका साम्राज्यवाद से प्रेरित था। उसके काल मे राज्य विस्तार का काम अपने चरम पर था।

गद्दी और गुज्जर मतदाता का है वर्चस्व
आज डलहौजी प्रसिद्ध पर्यटक स्थल के रूप में उभर कर सामने आया है। यहां के एक तबके की आजिविका का प्रमुख साधन पर्यटन ही है। बाकी लोग आज भी अपने पुशतैनी काम धंधों से जुड़े हैं। विधानसभा परिसरमन के बाद बनीखेत के सलूणी तहसील, भलेई सब तहसील , शेरपुर, मनोला भटोली , रूल्याणी, बाथरी, डल्हौजी नगर व बनीखेत और डलहौजी कैंट व तहसील डलहौजी को मिलाकर डलहौजी विधानसभा चुनाव क्षेत्र बना। हालांकि यह सीट अनारक्षित है। लेकिन यहां के गद्दी व गुज्जर मतदाता जब जब एक हुये हैं तब तब उम्मीदवारों का भविष्य बदला है। अनूसूचित जाति के मतदाताओं की भी यहां अछी खासी तादाद है। खासकर इलाके का सलूणी,किहार व भांदल इलाके के गुज्जर मतदाता ने यहां के नेताओं की हमेशा ही तकदीर लिखी है। यह हिससा जममू काशमीर की सीमा से सटा है।

एक नजर में डलहौजी विधानसभा क्षेत्र
जिला: चंबा
लोकसभा चुनाव क्षेत्र : कांगड़ा
मतदाता: 63043
क्षेत्रफल: 13 वर्ग किलोमीटर
जनसंख्या (2017) : 1,09507
साक्षरता : 70 प्रतिशत
शहरीकरण: डल्हौजी नगर को छोडकर सारा इलाका ग्रामीण

(बनीखेत ) वर्तमान में डलहौजी से अब तक बने विधायक
साल नाम पार्टी
1967 देश राज कांग्रेस
1972 देश राज कांग्रेस
1977 ज्ञान चंद जनता पार्टी
1982 देश राज कांग्रेस
1990 गंधर्व सिंह जनता पार्टी
1993 आशा कुमारी कांग्रेस
1998 आशा कुमारी कांग्रेस
2003 आशा कुमारी कांग्रेस
2007 रेणू चड्डा भाजपा
2012 आशा कुमारी कांग्रेस

जब चंबा राज परिवार की बहू बनी डलहौजी की विधायक
डलहौजी की विधायक आशा कुमारी का स्थानीय राजनिति में खासा दबदबा रहा है जो आज भी बरकरार है। मध्य प्रदेश के पूर्व चीफ सेक्रेटरी मादनेशवर सिंह की बेटी 62 वर्षीय आशा कुमारी 19 अप्रैल 1979 को चंबा के राजा बिजेन्द्र सिंह के साथ परिणय सूत्र में बंधी। उनकी एक बेटी है। कांग्रेस पार्टी के विभिन्न पदों पर रहने के बाद आजकल आशा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सदस्य व पंजाब की प्रभारी हैं। आशा पहली बार हिमाचल विधानसभा के लिये 1985 में विधायक चुनी गईं। उसके बाद 1993,1998 और 2003 में भी बनीखेत से विधायक बनीं। हालांकि 2007 में वह चुनाव हारीं थीं। उसके बाद बनीखेत का नाम डल्हौजी हो गया तो डलहौजी से पांचवीं बार विधायक चुनी गईं। इस बीच आशा कुमारी 1995 से 1998 और 2003 व 2005 के बीच के बीच हिमाचल सरकार में शिक्षा मंत्री भी रहीं। आज आशा कुमारी का रूतबा प्रदेश की राजनिति में बढ़ा है। उन्हें कांग्रेस पार्टी के मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में समझा जाता है। लेकिन अब आशा कुमारी पर स्थानीय राजनिति में पूरा समय न देने का आरोप भी लगा है।












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