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कोटखाई गैंगरेप केस में सीबीआई ने IG, DSP समेत 8 को किया गिरफ्तार

By Rajeevkumar Singh
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शिमला। कोटखाई गैंगरेप मर्डर केस व पुलिस हिरासत में एक आरोपी की मौत की जांच कर रही सीबीआई ने आज करारा झटका देते हुये इस मामले में हिमाचल पुलिस के आईजी जहूर जैदी सहित 8 पुलिस अधिकारी गिरफतार कर लिये हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गिरफ्तारियां स्कूली छात्रा के गैंगरेप केस में हुई हैं या फिर हवालात में सूरज की मौत के मामले में। शिमला में यह खबर फैलते ही हड़कंप मच गया। हलांकि हिमाचल पुलिस अभी तक इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

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सबूतों से छेड़छाड़ और नष्ट करने के आरोप

सबूतों से छेड़छाड़ और नष्ट करने के आरोप

लेकिन बताया जा रहा है कि पुलिस की एसआईटी के चीफ जहूर जैदी सहित दूसरे पुलिस वालों पर सबूतों से छेड़छाड़ करने व उन्हें नष्ट करने का आरोप हैं। हिमाचल पुलिस पर सूरज की हवालात में मौत पुलिस पर भारी पड़ी है। वहीं सीबीआई ने अपनी जांच में हवालात में सूरज की मौत को पुलिसवालों को ही जिम्मेवार ठहराया था। आरोपी सूरज की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में पुलिस वाले भी आरोपी बनाने की बात चल रही थी। इनमें थानेदार से लेकर कुछ कर्मियों व अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में रही है। सीबीआई को कुछ अहम सबूत हाथ लगे हैं। सीबीआई मान कर चल रही है कि हवालात में सूरज की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई व अगले दिन सबूतों को नष्ट किया गया। यही वजह है कि सीबीआई को पुलिस की थ्योरी में कई झोल नजर आ रहे हैं।

सीबीआई के हाथ लगे अहम सुराग

सीबीआई के हाथ लगे अहम सुराग

19 जुलाई को थाने में अन्य आरोपी राजू के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ था। इस केस की मजिस्ट्रेट जांच के भी आदेश हुए थे लेकिन उसी दिन हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दे दिए थे। इस कारण इस केस की न तो पुलिस ने जांच की और न ही मजिस्ट्रेट जांच कर पाए। इसकी सीधी सीबीआई जांच चल रही है। सीबीआई की जांच ने हिमाचल पुलिस के हलक सुखाकर रख दिये हैं। अब गिरफ्तारियों से सब सकते में हैं।

सूत्रों के अनुसार इस सिलसिले में सी.बी.आई. को अहम सुराग हाथ लगे थे। सीबीआई के जांच दल को पता चला है कि थाने में आधी रात को पुलिस के एक अधिकारी ने हवालात में अकेले में सूरज से पूछताछ की थी। बाद में उसे थाने के एक कमरे में ले गए जहां उसे थर्ड डिग्री दी गई। कहा जा रहा है कि आरोपी को घसीटते हुए वापस हवालात में बंद कर दिया। सुबह हुई तो सूरज का अंत हो चुका था। क्या सूरज की हत्या पुलिस के हाथों हुई, सी.बी.आई. इस सूचना से जुड़ी कहानी की सच्चाई सामने लाने जा रही है। इसके लिए थाने में कार्यरत संतरी के बयान को अहम माना जा रहा है।

कोटखाई केस की जांच में अहम मोड़

कोटखाई केस की जांच में अहम मोड़

उस दिन शिमला के तत्कालीन एस.पी. डी.डब्ल्यू. नेगी ने हत्या के बाद एस.एच.ओ., मुंशी और संतरी को सस्पैंड कर दिया था। संतरी के अलावा मुंशी के बयान भी काफी मायने रखेंगे। एस.पी. ने कहा था कि सूरज की हत्या आरोपी राजेंद्र उर्फ राजू की हाथापाई के कारण हुई। बाद में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का भी बयान आया था। उस बयान में कहा गया था कि सूरज के गुप्तांग पर चोटें पहुंचने के कारण मौत हुई। एस.पी. ने कहीं भी इसका जिक्र नहीं किया था। थाना कोटखाई में इस संबंध में राजू के खिलाफ एक और मामला दर्ज हुआ था। स्कूली छात्रा से गैंगरेप मर्डर मामले में भी पुलिस ने उसे मुख्य आरोपी माना लेकिन सी.बी.आई. दोनों मामलों में पुख्ता सबूत जुटाने के बाद ही उसे आरोपी मानेगी। अगर संतरी ने सी.बी.आई. को बयान में पुलिस की कहानी से हटकर कुछ और उगला तो फिर जांच की दिशा ही बदल जाएगी। इस केस में कोटखाई थाने के पूर्व एस.एच.ओ. की भूमिका की सी.बी.आई. जांच कर रही है।

पूर्व एसपी से हुई पूछताछ

पूर्व एसपी से हुई पूछताछ

वहीं इस मामले में सी.बी.आई. ने शिमला के पूर्व एस.पी. डी.डब्ल्यू. नेगी से भी पूछताछ की है। मौजूदा समय में वह विजिलेंस के एसपी हैं। उन्हें सरकार का सबसे भरोसेमंद अधिकारी माना जाता है। सूत्रों का कहना है कि सी.बी.आई. की एस.आई.टी. के एडिशनल एस.पी. रैंक के अधिकारी ने इनसे कई सवाल पूछे। उनसे कोटखाई केस व हवालात में हुई आरोपी सूरज की हत्या के बारे में पूछताछ हुई।

कोटखाई केस पर भड़का था लोगों का आक्रोश

कोटखाई केस पर भड़का था लोगों का आक्रोश

सीबीआई इस बात की भी जांच कर रही है कि सूरज की मौत के बाद बिगड़े हालात को संभालने में पुलिस की क्या भूमिका रही। दरअसल सूरज की हवालात में हुई हत्या के बाद 19 जुलाई को लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आक्रोशित भीड़ ने कोटखाई थाने पर पथराव कर दिया था। उस वक्त थाने में पुलिस कर्मियों की तादाद ज्यादा नहीं थी, ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब कोटखाई गैंगरेप मर्डर मामले में लोग पहले ही सडक़ पर उतर गए थे तो फिर थाने में पर्याप्त पुलिस बल क्यों तैनात नहीं किया गया? पथराव के बाद लोग थाने के अंदर घुसे। आग लगाने की भी कोशिश की। उस दौरान मालखाने में रखी शराब समेत असला व वायरलैस सैट तक के गायब होने की सूचना मिली। जिससे हत्या से जुड़े सबूत भी मिट गये।

पढ़िए पूरा मामला

पढ़िए पूरा मामला

कोटखाई गैंगरेप मर्डर मामले की जांच एसीबीआई कर रही है। गौरतलब है कि 4 जुलाई को कोटखाई की छात्रा स्कूल से लौटते वक्त लापता हो गई थी। इसके बाद 6 जुलाई को कोटखाई के जंगल में बिना कपड़ों के उसकी लाश मिली थी। हालंकि छात्रा की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई थी। मामले में 6 आरोपी पकड़े गए थे। इनमें राजेंद्र सिंह उर्फ राजू, हलाइला गांव, सुभाष बिस्ट (42) गढ़वाल, सूरज सिंह (29) और लोकजन उर्फ छोटू (19) नेपाल और दीपक (38) पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार से है। इनमें से सूरज की कोटखाई थाने में 18 जुलाई को हत्या कर दी गई थी। सीबीआई ने इन दोनों मामलों में केस दर्ज किया है। उसके बाद हिमाचल हाईकोर्ट के 19 जुलाई के आदेशों के बाद जांच एजेंसी ने एसपी की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया है। सीबीआई ने एफआईआर नंबर 97 के तहत यह मामला दर्ज किया है, जबकि दूसरा मामला कोटखाई मामले में आरोपी नेपाली मूल के सूरज की पुलिस लॉकअप में हत्या को लेकर दर्ज किया गया है। यह मामला एफआईआर नंबर 101 के तहत दर्ज किया गया है। सीबीआई ने पूर्व में कोटखाई थाना में दर्ज दोनों मामलों के आधार पर ही एफआईआर दर्ज की हैं। सीबीआई की अलग-अलग तीन टीमें इस मामले की जांच कर रही है।

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English summary
Eight including IG, DSP arrested in Kotkhai gang rape case.
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