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शिमला: बहुचर्चित युग हत्याकांड मामले में कोर्ट ने आरोपियों को दी फांसी की सजा

शिमला। हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित युग हत्याकांड पर आज अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। अदालत ने युग के हत्यारों को फांसी की सजा दी है। बुधवार को शिमला में कड़ी सुरक्षा के बीच जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह को अदालत में लाया गया। खचाखच भरी अदालत में युग अपहरण हत्या मामले के तीनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई। अदालत ने दोषी चंद्र शर्मा, तेजिंद्र पाल और विक्रांत बक्शी को सजा-ए-मौत की सजा सुनाने के साथ अगले तीस दिनों तक हाईकोर्ट में अपील करने का समय दिया है।

 युग के माता पिता के आंखों से निकले आंसू

युग के माता पिता के आंखों से निकले आंसू

सजा का एलान सुनते ही अदालत में मौजूद युग के माता पिता की आंखों में आंसू छलक पड़े। अदालत ने इस मामले में 800 पन्नों की जजमेंट दी है। इसमें तीनों को हत्या, अपहरण, बंधक बनाने, साक्ष्य मिटाने और हत्या का षड्यंत्र रचने का दोषी करार दिया है।

अदालत पहले ही दे चुकी है दोषी करार

अदालत पहले ही दे चुकी है दोषी करार

तीनों आरोपियों को 06 अगस्त को ही अदालत दोषी करार दे चुकी है व अब इसपर फैसला आया है। इस मामले में मृतक युग के पिता विनोद कुमार गुप्ता और माता पिंकी गुप्ता ने दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की थी। वहीं दोषियों के परिजनों ने अपनी उम्र और बीमारी का हवाला देकर नरमी बरतने का अनुरोध अदालत से किया।

आरोपियों के परिजनों ने लगाई दया की गुहार

आरोपियों के परिजनों ने लगाई दया की गुहार

अदालत ने पिछली पेशी के दौरान सजा के ऐलान से पहले आरोपियों के परिजनों को भी अदालत में बुलाया व चन्द्र के पिता व सरदार तेजेंदर के पिता और विक्रांत की मां अदालत में पेश हुए। बारी-बारी से कैमरा प्रोसीडिंग में परिजनों से पूछताछ हुई। अदालत का दरवाजा बंद कर अन्य सभी को बाहर निकालकर आरोपियों के समक्ष परिजनों की एक-एक करके कैमरा प्रोसीडिंग की गई। आरोपियों के परिजनों ने पक्ष में अपनी बिमारी की मैडिकल रिपोर्ट पेश की थी।

सीआईडी ने सुलझाया पूरा मामला

सीआईडी ने सुलझाया पूरा मामला

गौरतलब है कि चार वर्षीय युग का अपहरण 14 जून, 2014 को हुआ था। आरोपियों ने युग को उसके रामबाजार स्थित घर के पास से किडनैप किया था। 4 साल के मासूम युग को अपहृत कर जिस निर्दयता से मौत के घाट उतारा गया, उससे लोग सन्न रह गए थे। इस विभत्स घटना के खिलाफ समूचा शहर सड़क पर उतरा था और आरोपियों के खिलाफ फांसी की पुरजोर मांग की गई थी। जब काफी समय तक युग का पता नहीं चला तो राज्य सरकार ने मामले की जांच सीआईडी को सौंपी। सीआईडी ने मामला सुलझाते हुए 20 अगस्त, 2016 को इस प्रकरण में पहली गिरफ्तारी की। उसके बाद दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सीआईडी के अनुसार युग की हत्या कर शव भराड़ी स्थित पेयजल टैंक में डाल दिया गया था।

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