कोटखाई गैंगरेप-मर्डर मुद्दे पर सीएम वीरभद्र को अपनों ने ही घेरा

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शिमला। हिमाचल प्रदेश में शिमला जिले के कोटखाई में स्कूली छात्रा से गैंगरेप मर्डर में प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से की गई बयानबाजी को लेकर अब अपनी ही पार्टी में विरोध होने लगा है। मंडी में सीएम की ओर से दिये गये बयान कि रेप जैसी घटनायें होती रहती है पर उनकी सरकार में मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती ने सीएम के रवैये को गलत बताया है। नीरज भारती ने सरकार के अधिकारियों और सीएम वीरभद्र सिंह को खरी खोटी सुनाई है।

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कांग्रेस विधायक नीरज भारती ने की आलोचना

कांग्रेस विधायक नीरज भारती ने की आलोचना

अपनी फेसबुक पोस्ट में नीरज भारती ने कहा है कि कोटखाई गैंगरेप मर्डर मामले में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व सरकारी अमले की ओर से लिये गये स्टैंड से सहमत नहीं हूं। भारती की पोस्ट तुरंत वायरल हो गई। कई नेताओं व प्रशासनिक अधिकारियों ने उसे हाथों हाथ लिया। चूंकि भारती को वीरभद्र सिंह सर्मथक माना जाता रहा है। भारती सोशल मिडिया में अपने विचार जाहिर करने के लिये पहले भी उस समय विवाद में आ गये थे जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना की थी। भारती ने पहली बार वीरभद्र सिंह पर सोशल मिडिया में हमला बोला है। दूसरी ओर परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा है कि कोटखाई की घटना से हिमाचल जिसे देवभूमि के नाम से जाना जाता रहा है अब बदनाम हुआ है व यह प्रदेश के माथे पर कलंक है।

भाजपा नेता शांता कुमार ने भी सुनाई खरी-खोटी

भाजपा नेता शांता कुमार ने भी सुनाई खरी-खोटी

वहीं हिमाचल प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री और लोकसभा सांसद शांता कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश भारत के अति शांति प्रिय और सुशासक प्रदेशों में गिना जाता है। पहाड़ी प्रदेशों के विकास में भी हिमाचल ने अपना एक विशेष नाम बनाया है परन्तु दुर्भाग्य से आज हिमाचल सब तरह से बदनाम होता जा रहा हैं। हिमाचल के लम्बे इतिहास में इस प्रकार की बदतर कानून-व्यवस्था और शर्मनाक स्थिति पहले कभी पैदा नहीं हुई थी।

उन्होंने कहा कि वन विभाग के एक ईमानदार कर्मचारी की आत्महत्या या हत्या और उस पर पुलिस कार्यवाही संदेह के घेरे में है। कोटखाई में एक मासूम से बलात्कार और फिर नृशंसमय हत्या और उसके बारे में पुलिस और सरकार का शर्मनाक रवैया अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि भारत की सबसे पुरानी और कभी सबसे बडी पार्टी रही कांग्रेस अब बिलकुल नपुंसक हो गई है। दिल्ली में न कोई हाई है और न ही कोई कमाण्ड। कोई भी पार्टी होती तो भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे और अदालतों के चक्कर लगाते मुख्यमंत्री को कब का हटा दिया गया होता।

विपक्षी नेताओं ने वीरभद्र से मांगा इस्तीफा

विपक्षी नेताओं ने वीरभद्र से मांगा इस्तीफा

उन्होंने कहा कि हिमाचल के इतिहास में कोटखाई की शर्मनाक घटना पहली घटना है। उस पर पुलिस की शर्मनाक और ढीली कार्रवाई के कारण हिमाचल की शान्तिप्रिय जनता को सड़क पर आना पड़ा। कानून की स्थिति इतनी खराब है कि पूरे प्रदेश का प्रशासन सब तरह से नष्ट- भ्रष्ट हो चुका है। शान्ता कुमार ने कहा कि हिमाचल के मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह इस सारी परिस्थिति में अपने नैतिक कर्तव्य को समझकर स्वयं त्यागपत्र देकर अलग हो जाएं। चुनाव को कुछ महीने शेष बचे है। यदि प्रशासन और सरकार का यही रवैया रहा तो उन्हें डर है कि चुनाव तक प्रदेश की स्थिति और भी अधिक बदतर हो जाएगी। हमीरपुर से भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री शुरू से ही निचले स्तर की बयानबाजी कर मामले को भड़काते रहे हैं। उनके बयान लोगों को अपमानित करते रहे हैं जिससे लोग उनके रवैये से हैरान हैं। पूर्व मंत्री किशन कपूर ने कहा कि सीएम इस मामले से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिये गलतबयानबाजी कर रहे हैं लिहाजा अब सीएम को इसके लिये माफी मांगनी चाहिये व अपने पद से हट जाना चाहिये।

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English summary
Congress leaders criticised CM Virbhadra on Kotkhai issue.
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