बहुचर्चित कोटखाई गैंगरेप मर्डर केस में सीबीआई ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार

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    शिमला। हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित कोटखाई गैंगरेप मर्डर केस में सीबीआई ने शिमला के एक युवक की गिरफ्तारी की है। गिरफतार आरोपी को जांच एजेंसी पूछताछ के लिये दिल्ली ले गई है। उसकी पहचान अभी उजागर नहीं की गई है। उसे अदालत ने 25 अप्रैल तक के लिये सीबीआई की कस्टडी में भेजा है।

    CBI arrested one accused in Kotkhai Gang Rape murder case

    इस बहुचर्चित मामले में गिरफ्तारी के साथ ही एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया है। वहीं लोगों का गुस्सा भी हिमाचल पुलिस के खिलाफ देखने को मिल रहा है। चूंकि सीबीआई की इस गिरफतारी से साफ हो गया है कि पुलिस की एसआईटी ने झूठ की बुनियाद पर ही पांच आरोपी बनाये थे। जो बाद में रिहा भी हो गये थे। बाद में सीबीआई जांच के दौरान ही पूरी एसआईटी टीम ही सबूत मिटाने व एक आरोपी की हवालात में हत्या के मामले में जेल में चली गई। आज भी वही पुलिस वाले जेल में हैं। सीबीआई की ओर से किसे गिरफ्तार किया गया है, यह इन दिनों बहस का बड़ा मुद्दा है। सीबीआई की जांच अदालत की निगरानी में चल रही है, जिससे सीबीआई अभी आरोपी का नाम उजागर नहीं कर पा रही है। मामले की रिपोर्ट 25 अप्रैल को जांच एजेंसी प्रदेश हाईकोर्ट में देगी।

    CBI arrested one accused in Kotkhai Gang Rape murder case

    दरअसल, बीते साल चार जुलाई, 2017 को शिमला जिला के कोटखाई के हलाईला के जंगलों से एक 16 साल की छात्रा स्कूल से आते वक्त लापता हो गई थी। दो दिन बाद छह जुलाई को उसका शव बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम में उसके साथ रेप की पुष्टि हुई थी।

    यह मामला पिछले साल काफी चर्चा में रहा और विधानसभा चुनावों में एक बड़ा मुद्दा बन गया था। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस के प्रति जनाक्रोश को देखते हुए राज्य सरकार की संस्तुति पर यह मामला 19 जुलाई को सीबीआई को सौंप दिया था। इस मामले में पहले एक आरोपी पकड़ा गया था लेकिन उसकी हिरासत में मौत हो गई। जांच के दौरान सीबीआई ने पाया कि कोटखाई पुलिस ने जिन पांच लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया था, वो अपराध में लिप्त नहीं थे। हिरासत में मौत के मामले में सीबीआई ने इस मामले में एसआईटी जांच की अगुवाई कर रहे आईजीपी समेत नौ पुलिसवालों को गिरफ्तार किया था। इसमें शिमला के एसपी और डीएसपी भी शामिल थे।

    कोटखाई गैंगरेप मर्डर मामले को लेकर सीबीआई को 25 अप्रैल को हिमाचल हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट सौंपनी है। अभी तक कोर्ट में सौंपी गई नौ स्टेटस रिपोट्र्स में सीबीआई कोई भी पुख्ता जानकारी नहीं दे सकी है। 25 अप्रैल तक सीबीआई ने आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा भी हाईकोर्ट के समक्ष किया है। 28 मार्च को सीबीआई ने कोर्ट में नौंवी स्टेटस रिपोर्ट दायर की थी।

    CBI arrested one accused in Kotkhai Gang Rape murder case

    इसी दिन कोर्ट ने आगामी सुनवाई के दौरान सीबीआई निदेशक को हाईकोर्ट में व्यक्तिगत तौर पेश होते हुए निजी शपथपत्र देने के आदेश दिए थे। निदेशक को कोर्ट बुलाए जाने के बाद हरकत में आई सीबीआई ने 29 मार्च को कोर्ट के समक्ष 25 अप्रैल तक आरोपियों को हिरासत में लेने का दावा किया था। सीबीआई की यह दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट ने 25 अप्रैल को दोबारा स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के आदेश दिए। अगर 25 अप्रैल की रिपोर्ट से हाईकोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ तो नौ मई को निदेशक को कोर्ट में पेश होना होगा।

    उधर, सीबीआई द्वारा पहली गिरफ्तारी करने से बीते नौ महीनों से पहेली बना बहुचर्चित गुडिय़ा रेप और हत्या मामला सुलझने के आसार बनते नजर आ रहे हैं। 29 मार्च को हिमाचल हाईकोर्ट में सौंपी स्टेटस रिपोर्ट में सीबीआई ने कहा था कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुख्ता सबूत मिल चुके हैं। वैज्ञानिक तरीके से मामले की जांच जारी है।

    कोटखाई मामले की टाइमलाईन कब क्या हुआ:
    4 जुलाई 2017 : स्कूल से लौट रही छात्रा लापता हो गई।
    6 जुलाई : कोटखाई के जंगल में गुडिय़ा का शव मिला, पुलिस ने दुराचार के हत्या की आशंका जताई।
    7 जुलाई : पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुराचार का खुलासा, कोटखाई में हुआ प्रदर्शन।
    8 जुलाई : मौके पर पहुंचे एसपी, 72 घंटे बाद भी दरिंदे पकडऩे न जाने पर जनाक्रोश भडक़ा।
    9 जुलाई : कई लोगों से पूछताछ पर कोई गिरफ्तारी नहीं, सीबीआई जांच की उठी मांग।
    10 जुलाई : सरकार ने बढ़ते आंदोलन के बाद एसआईटी का गठन किया।
    11 जुलाई : सरकार ने पीडि़त परिवार को पांच लाख मुआवजे की घोषणा की। दरिंदों को पकडऩे के लिए एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया।
    12 जुलाई : तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आधिकारिक फेसबुक पेज से वांछित आरोपियों के फोटो वायरल हुए।
    13 जुलाई : पुलिस ने मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया। जांच पर उठे सवाल।
    14 जुलाई : जांच के विरोध में ठियोग पुलिस थाने पर पथराव, गाडिय़ां तोड़ी, दबाव में सीबीआई जांच की सरकार ने की संस्तुति।
    15 जुलाई : दो रईसजादों के डीएनए सैंपल लिए गए। मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच के लिए प्रधानमंत्री को लिखा पत्र।
    16 जुलाई : एसआईटी फिर घटनास्थल पर पहुंची। दांदी जंगल में स्थानीय लोगों ने किया हवन।
    17 जुलाई : दिल्ली से मुंबई तक जस्टिस फार गुडिय़ा के लिए हुए प्रदर्शन। राजभवन पहुंची भाजपा ने कांग्रेस सरकार को बर्खास्त करने की उठाई मांग।
    18 जुलाई : सरकार ने हाईकोर्ट में जल्द सीबीआई जांच करने के लिए आवेदन दाखिल किया।
    19 जुलाई : कोटखाई पुलिस थाने में रात को एक आरोपी की पुलिस हिरासत में हत्या हुई। जनता ने थाने को घेरा। थाने को आग लगाने की कोशिश हुई। इस घटना में कई पुलिस वाले घायल हुए।
    22 जुलाई : सीबीआई ने दिल्ली में दर्ज की एफआईआर।
    23 जुलाई : हिमाचल पहुंची सीबीआई टीम ने शुरू की मामले की जांच।
    29 अगस्त 2017 : पुलिस लॉकअप में हुए सूरज हत्याकांड मामले में सीबीआई ने आईजी समेत आठ पुलिस वालों को गिरफ्तार किया।
    16 नवंबर : सूरज हत्याकांड मामले में शिमला के पुलिस अधीक्षक रहे डीडब्ल्यू नेगी को सीबीआई ने किया गिरफ्तार।
    25 नवंबर : सीबीआई अदालत में जांच एजेंसी ने गिरफ्तार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दायर की चार्जशीट।
    29 मार्च 2018 : हाईकोर्ट में सीबीआई ने स्टेटस रिपोर्ट पेश कर 25 अप्रैल तक आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया।

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    English summary
    CBI arrested one accused in Kotkhai Gang Rape murder case.

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