हिमाचल चुनाव 2017: प्रचार में भाजपा आगे, कांग्रेस गुटबाजी में उलझी

प्रदेश में चुनावी आचार संहिता लगने को अब चंद ही दिन बचे हैं। चुनाव आयोग किसी भी समय इसकी घोषणा कर सकता है।

शिमला। प्रदेश में चुनावी आचार संहिता लगने को अब चंद ही दिन बचे हैं। चुनाव आयोग किसी भी समय इसकी घोषणा कर सकता है। चुनावी मैदान में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी व विपक्षी दल भाजपा आमने-सामने है लेकिन चुनावी मैदान में भाजपा प्रचार में कहीं आगे बढ़ चुकी है। गुटबाजी में उलझी कांग्रेस अभी तक भी अपना प्रचार अभियान शुरू नहीं कर पाई है। कांग्रेस पार्टी इन दिनों वित्तीय संसाधनों की कमी से भी जूझ रही है। दरअसल प्रदेश कांग्रेस की कमान सीएम वीरभद्र सिंह के धुर विरोधी सुखविन्दर सिंह सुक्खू के पास है जिन्हें पद से हटाने के लिये सीएम ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है। इसके चलते चुनावी अभियान को भी झटका लगा है। कांग्रेस के मुकाबले भाजपा की तैयारियां कहीं आगे दिखाई दे रही हैं।

प्रदेश में भाजपा लगवा चुकी होर्डिंग

प्रदेश में भाजपा लगवा चुकी होर्डिंग

खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शिमला का दौरा कर चुके हैं व पार्टी अध्यक्ष अमित शाह पालमपुर दौरे के दौरान संगठन को सक्रिय कर चुके हैं। इसके चलते भाजपा की रथ यात्रा से लेकर हिसाब मांगे हिमाचल कार्यक्रम संपन्न हो चुके हैं। प्रदेश में भाजपा होर्डिंग लगवा चुकी है। यही नहीं सोशल मीडिया पर भी भाजपा का हर छोटा बड़ा नेता सक्रिय हो चुका है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर के अलावा वाट्सएप पर भाजपा का प्रचार अभियान चरम पर पहुंच चुका है। यही नहीं भाजपा की कोर ग्रुप की एक बैठक पंचकूला में हो चुकी है। इसी के साथ अमित शाह 22 सिंतबर को कांगड़ा आ रहे हैं। इस दौरान पार्टी करीब 31 प्रत्याशी घोषित कर देगी। इसके बाद 25 सितंबर को अमित शाह ने दिल्ली में बैठक बुलाई है जिसमें चुनावी रणनीति तय होगी। इसके अगले दिन अमित शाह प्रदेश के चुनाव अभियान की कमान अपने हाथों में ले लेंगे।

भाजपा का गुटबाजी पर कंट्रोल

भाजपा का गुटबाजी पर कंट्रोल

ऐसा नहीं है कि भाजपा में गुटबाजी नहीं है लेकिन भाजपा आलाकमान ने समय रहते ही इस पर काबू पाने की शुरुआत कर दी थी। दरअसल अमित शाह ने अपने पालमपुर दौरे के दौरान ही पार्टी के नेताओं को स्पष्ट कर दिया था कि पार्टी में गुटबाजी को काई भी बढ़ावा न दे। पार्टी ने साफ संदेश दे दिया है कि हरियाणा,उत्तराखंड व महाराष्ट्र की तर्ज पर हिमाचल में भी चुनाव से पहले नेता घोषित नहीं होगा।

अपनी ही पार्टी को कोस रहे वीरभद्र

अपनी ही पार्टी को कोस रहे वीरभद्र

भाजपा पूरी कोशिश में जुटी है कि चुनावी अभियान में कहीं भी सुस्ती न आये। इसके लिये पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा के शिमला दौरे के बाद अब शनिवार को रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण व वित्त मंत्री अरूण जेटली सोलन आ रहे हैं। इसके साथ ही शाहनवाज हुसैन चंबा के चुराह में जायेंगे व उसके बाद एक बार फिर केन्द्रीय नेताओं के ताबड़तोड़ दौरे शुरू हो जायेंगे। दूसरी ओर कांग्रेस की ओर नजर दौड़ायें तो सीएम वीरभद्र सिंह के दौरे तो हो रहे हैं। अपनी जनसभाओं में वीरभद्र सिंह पानी पी-पी कर राहुल गांधी से लेकर पार्टी प्रभारी सुशील कुमार शिन्दे व पार्टी अध्यक्ष सुखविन्दर सिंह सुक्खू को कोस रहे हैं।

वीरभद्र कांग्रेस के गले की फांस

वीरभद्र कांग्रेस के गले की फांस

चुनावी तैयारियों के लिये पार्टी प्रभारी शिन्दे व सांसद रंजीत रंजन हिमाचल तो आये लेकिन वीरभद्र सिंह के तेवरों को देखते हुये उन्हें वापिस लौटना पड़ा। सुक्खू भी अब चुप्प होकर बैठ गये हैं। अब देखना होगा कि पार्टी आलाकमान वीरभद्र सिंह के दवाब के आगे झुकता भी है या नहीं। या फिर वीरभद्र सिंह ही अपने समर्थकों के साथ बगावत करेंगे।

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