कोरोना काल में इस तस्वीर को देख किसी की भी आंख में आ जाए आंसू, मां के शव को बेटे ने अकेले दिया कंधा
शिमला, 15 मई। कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर ने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। पहली लहर को लॉकडाउन के सहारे काबू करने के बाद महामारी को लेकर केंद्र और राज्य सरकारें अपनी विजय पताका हर नुक्कड़, हर चौराहे पर फहरा रही थीं। यह सोचना कि कोरोना वायरस पर विजय प्राप्त कर ली है, सरकार और लोगों की सबसे बड़ी गलती साबित हुई है। कोविड की दूसरी लहर में ऐसी तस्वीरें सामने आ रही है जिसे देख किसी का भी कलेजा मुंह को आ जाए। महामारी के भयावह स्थिति की गवाही देती हिमाचल से सामने आई एक तस्वीर ने सोशल मीडिया को भी रोने पर मजबूर कर दिया है।

इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही इस फोटो में देखा जा सकता है कि पीपीई किट पहने एक शख्स अपने कंधे पर कोरोना के चलते दम तोड़ चुकी मां का शव लेकर जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक श्मशान घाट तक ले जाने के लिए व्यक्ति को एंबुलेंस नहीं मिली और ना ही अन्य लोगों ने सहायता की। इस तस्वीर को जिसने भी देखा उसकी आंखें भर आईं। यह फोटो कांगड़ा जिले के रानीताल क्षेत्र के रहने वाले बीर सिंह की बताई जा ही है।
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बताया जा रहा है कि कोरोना संक्रमित मां के निधन के बाद बीर सिंह को मजबूरन अपनी मां का शव कंधे पर लादकर 1 किलोमीटर तक चलना पड़ा। इस मुश्किल घड़ी में बीर सिंह की मदद के लिए उनका कोई भी रिश्तेदार, जिला प्रशासन का अधिकारी या गांव वाला आगे नहीं आया। पीपीई किट पहने बीर सिंह की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर सामने आई हैं जिसमें वह पीपीई किट में लिपटे अपनी मां के शव को कंधे पर लादे श्मशान घाट की तरफ जाते दिखाई दे रहे हैं। इस घटना ने लोगों को सदमे में डाल दिया है। कई लोगों ने कोविड से मरने वाले लोगों का अंतिम संस्कार कराने में विफल सरकार की आलोचना की है।












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