हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019: जानिए गुड़गांव विधानसभा सीट के बारे में
गुड़गांव विधानसभा सीट पर वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है और पार्टी के नेता उमेश अग्रवाल यहां से मौजूदा विधायक हैं।
नई दिल्ली। हरियाणा में विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने के साथ ही प्रदेश का सियासी पारा भी चढ़ने लगा है। आइए आज बात करते हैं हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों में से एक गुड़गांव सीट के बार में। गुड़गांव विधानसभा सीट पर वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है और पार्टी के नेता उमेश अग्रवाल यहां से मौजूदा विधायक हैं। 2014 के विधानसभा चुनाव में उमेश अग्रवाल ने इंडियन नेशनल लोकदल के उम्मीदवार गोपीचंद गहलोत को 84095 वोटों के भारी अंतर से हराकर जीत हासिल की थी। उमेश अग्रवाल को 106106 और गोपीचंद गहलोत को 22011 वोट मिले थे। वहीं, तीसरे स्थान पर रहे कांग्रेस उम्मीदवार धर्मवीर गाबा को महज 19094 वोट ही मिल पाए। इस चुनाव में 1414 लोगों ने किसी भी प्रत्याशी को ना चुनते हुए नोटा का बटन दबाया। 2014 के विधानसभा चुनाव में यहां करीब 63.8 फीसदी मतदान हुआ।

इससे पहले 2009 के विधानसभा चुनाव में गुड़गांव सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार सुखबीर कटारिया ने जीत हासिल की थी। सुखबीर कटारिया ने कांग्रेस के प्रत्याशी धर्मवीर गाबा को 2140 वोटों के अंतर से हराकर जीत हासिल की थी। सुखबीर कटारिया को 41013 और धर्मवीर गाबा को 38873 वोट मिले। गुड़गांव विधानसभा सीट 1952 से अस्तित्व में आई और पहली बार हुए चुनाव में यहां से कांग्रेस नेता राव गजराज सिंह विधायक चुने गए। राव गजराज सिंह की जीत का सिलसिला 1957 के विधानसभा चुनाव में भी जारी रहा और उन्होंने जनसंघ के उम्मीदवार रामचंद्र को पराजित किया। 1967 में यहां जनसंघ के उम्मीदवार प्रताप सिंह ठाकरान ने जीत का परचम लहराया।
गुड़गांव में कुल मतदाता 288106 है। देश की राजधानी दिल्ली और हरियाणा के बॉर्डर पर स्थित गुड़गांव शहर हरियाणा का एक प्रमुख फाइनेंशियल और औद्योगिक केंद्र है। यहां शहरी वोटरों की संख्या अधिक है। हाल ही में इस शहर का नाम गुड़गांव से बदलकर गुरुग्राम किया गया है। चंडीगढ़ और मुंबई के बाद गुड़गांव देश का तीसरा सबसे ज्यादा प्रति व्यक्ति आय वाला शहर है। इसके बावजूद यहां कई समस्याएं ऐसी है, जो हर चुनाव में मुद्दा बनती हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आने वाले गुड़गांव में बुनियादी ढांचे का अभाव, बिजली की कटौती, लगातार बढ़ता ट्रैफिक और बढ़ती क्राइम दर यहां की बड़ी समस्याओं में शामिल हैं।
दिल्ली से महज 30 किलोमीटर दूर स्थित गुड़गांव पहले एक छोटा सा गांव था, जहां मुख्यतौर पर खेती होती थी, लेकिन आज यहां की जनसंख्या और अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी है। रीयल एस्टेट के क्षेत्र में तो यहां जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। शहर के अंदर सिटी सेंटर मॉल, एंबिएंस मॉल और प्लाजा मॉल सहित 80 से ज्यादा मॉल हैं। एंबिएंस मॉल की गिनती भारत के दूसरे सबसे बड़े मॉल के तौर पर होती है। शहर के अंदर कई बड़ी मल्टीनेशनल और नेशनल कंपनियों के हेड ऑफिस खुले हुए हैं। शहर के अंदर दो बड़े स्पोर्ट्स स्टेडियम, ताऊ देवी लाल स्टेडियम और नेहरू स्टेडियम हैं। शीतला माता मंदिर और साईं का आंगन मंदिर जैसे ऐतिहासिक धार्मिक स्थल यहां स्थित हैं। गुड़गांव शहर गुरुग्राम नगर निगम के तहत आता है। 2017 में यहां गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण की स्थापना की गई।












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