No-confidence motion in Haryana: खट्टर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, हेडकाउंट के माध्यम से होगी वोटिंग

चंडीगढ़। आज भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के लिए अहम दिन है क्योंकि कांग्रेस हरियाणा विधानसभा में राज्य सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आ रही है। जिस पर सदन में दो घंटे लगातार बहस के बाद हेडकाउंट के माध्यम से वोटिंग होगी। मालूम हो कि दोनों के दल के सदस्यों ने अपने सभी विधायकों को आज सदन में उपस्थित रहने को कहा है। वैसे तो गठबंधन सरकार मजबूत स्थिति में है लेकिन किसान आंदोलन को लेकर जिस तरह से कांग्रेस पार्टी उग्र हुई है और वो लगातार निर्दलीय विधायकों पर दवाब बना रही है, ऐसे में आज सदन में क्रास वोटिंग होने के भी आसार दिख रहे हैं। मालूम हो कि भाजपा के सहयोगी दल जजपा ने भी अपने विधायकों को व्हिप जारी किया है।

No-confidence motion: खट्टर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

क्या कहते हैं समीकरण

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    आपको बता दें कि हरियाणा विधानसभा में 90 सीटें हैं और वर्तमान में 88 सदस्य हैं। उनमें से भाजपा के 40, जजपा के 10 और कांग्रेस के 30 सदस्य हैं। 7 निर्दलियों में से 5 सरकार के साथ हैं। इसके अलावा एक विधायक हरियाणा लोकहित पार्टी के हैं और वह भी सरकार के साथ हैं। हरियाणा की गठबंधन सरकार का दावा है कि उसके साथ 55 विधायक हैं और उनकी सरकार को कोई खतरा नहीं है। मालूम हो कि अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष या विपक्ष में कुल 45 वोट होने चाहिए और 2 घंटे की चर्चा के बाद जो मतदान होगा और उसकी उसकी काउंटिग हेडकाउंट करके की जाएगी।

    कांग्रेस का करारा वार

    अविश्वास प्रस्ताव लेकर आ रही कांग्रेस ने सरकार पर करारा वार किया है। पूर्व सीएम और पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि राज्य सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया है। अन्नदाताओं के मुद्दे पर हर विधायक को पहले अपने बुद्धि-विवेक के साथ काम करना चाहिए, उन्हें पहले उनके बारे में सोचना चाहिए, जिनके वोटों से जीतकर वो आज विधायक बने हैं। अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा कि कौन जनता के साथ है और कौन सरकार के साथ।

    क्या होता है अविश्वास प्रस्ताव

    अविश्वास प्रस्ताव या विश्वास मत एक व्यवस्था है, जिसके जरिए सरकारें ये साबित करती हैं कि उनके पास सत्ता में बने रहने के लिए पर्याप्त विधायकों या सांसदों के नंबर्स है। विश्वास मत सरकार खुद लाती है. अविश्वास प्रस्ताव विपक्षी पार्टियां लाती हैं। यह प्रस्ताव सदन में तब आता है जब विपक्ष को लगता है कि सरकार सदन का विश्वास या बहुमत खो चुकी है. ऐसा ही आज कांग्रेस को लग रहा है और इसी वजह से वो भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के लिए अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई है।

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