5159वां अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव आज से, लगा कुंभ-सा मेला, यहीं कृष्ण ने अर्जुन को दिखाया विराट स्वरूप
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव आज से शुरू: 5159 साल पहले कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को दिखाया था विराट स्वरूप, अब लोग कर सकेंगे ब्रह्मसरोवर की विशाल प्रतिमा के दर्शन
कुरुक्षेत्र। आज से हरियाणा के कुरुक्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2021 का आयोजन शुरू हो गया है। यह 2 दिसंबर से 19 तारीख तक चलेगा। गीता महोत्सव हिंदु-धर्म के पवित्र ग्रंथ भागवत गीता की रचना के उपलक्ष्य में उसकी जयंती के तौर पर मनाया जाता है। द्वापर युग में महाभारत-युद्ध की शुरुआत से पहले भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो ज्ञान दिया और दिव्य दर्शन दिए..उसी दिन गीता रची गई। पौराणिक मान्यताओं और विद्वानों की कालगणना के अनुसार, इस वर्ष गीता उपदेश का 5159वां वर्ष मनाया जा रहा है।
इस अवसर आज हम आपको पवित्र ग्रंथ गीता की रचना की कहानी और कुरुक्षेत्र में होने विशेष आयोजनों के बारे में बता रहे हैं। गीता-महोत्सव में आज से 19 दिसंबर तक अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार, गीता मैराथन, 48 कोस तीर्थों की प्रदर्शनी, दीप-पृज्वलन, संत सम्मेलन, विश्व गुरु भारत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, राज्य स्तरीय प्रदर्शनी और आजादी के अमृत महोत्सव की झलक के साथ-साथ आॅनलाइन प्रतियोगिताएं होंगी। इसके लिए भारत ही नहीं अपितु कई देशों से श्रद्धालु आ रहे हैं। कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर पर रंगारंग प्रस्तुतियां दी जा रही हैं।

शुक्लपक्ष की एकादशी को मनती है गीता जयंती
ब्रजभूमि में डेढ़ दशक से श्रीमद्भागवद पुराण एवं गीता का अध्ययन कर रहे भगवानसिंह ठाकुरदास ने कहा कि, कुरुक्षेत्र अब हरियाणा का जिला है। इसका पौराणिक इतिहास बहुत पुराना है। यह हमारे सबसे पवित्र ग्रंथ गीता की रचना का केंद्र रहा है। गीता में जीव-जगत के लिए कोई भी पक्षपात, भेदभाव, संकीर्णता, जाति-वर्ण आदि का स्थान नहीं है, यह ग्रंथ पूरी तरह मानवता के लिए है। यह ग्रंथ उदारता की पहचान है और मन को मानसिक शांति का आभास कराता है। इस ग्रंथ में वसुधैव कुटुम्बकम का संदेश दिया गया है। इसके स्मरण से मानसिक रूप से ताकत मिलती है और एक तरह से यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम भी करता है।"
उन्होंने कहा, "प्रतिवर्ष मार्गशीर्ष महीने के शुक्लपक्ष की एकादशी को गीता जयंती मनाई जाती है। इस बारे में महाभारत ग्रंथ में वर्णित है कि कौरव-पांडवों का युद्ध शुरू होने से पहले ही अर्जुन ने शस्त्र रख दिए थे और वह मन से इस संसार के जन्म-मरण व रिश्ते-बंधनों में बंध गए थे। तब भगवान श्रीकृष्ण द्वारा इसी दिन अर्जुन को दिव्य ज्ञान दिया गया। वहां हजारों वर्ष पहले जो उपदेश उन्होंने दिए, उनके संकलन को श्रीमद्भागवत गीता का रूप दिया गया। और, इसीलिए उनकी और वेद व्यासजी की पूजा करके ये पर्व मनता रहा है।"

अब 9 से 14 दिसंबर के बीच होंगे मुख्य कार्यक्रम
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि, कुरुक्षेत्र में सरकार कई वर्षों से अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव का आयोजन करा रही है। 'कब से मन रहा है अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव?', इसके जवाब में उन्होंने कहा कि, वर्ष 2013 में, यानी अब से 8 साल पहले, विद्वानों की काल गणना के साथ सरकार द्वारा घोषित तौर पर जयंती मनाने की परंपरा शुरू की गई थी। हालांकि, सरकार की तरफ से गीता जयंती का काल निर्धारण नहीं दिखाया गया। माना जाता है कि किसी तरह के विवादों के चलते ही काल गणना को प्रचारित नहीं किया गया। हालांकि, मुख्यमंत्री खुद ये कह चुके हैं कि उनकी सरकार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का व्यापक स्तर पर आयोजन कराती है। मुख्यमंत्री (सीएम) मनोहर लाल खट्टर ने बुधवार को कहा कि वर्ष 2021 के लिए अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव (IGM) का उद्घाटन 2 से 19 दिसंबर तक कुरुक्षेत्र में रीति-रिवाजों और परंपराओं के साथ किया जाएगा और इस आयोजन के मुख्य कार्यक्रम 9 दिसंबर से 14 दिसंबर के बीच होंगे।

कुंभ की तर्ज पर महोत्सव की ख्याति बढ़ाएगी सरकार
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देशानुसार हरियाणा सरकार कुरुक्षेत्र अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की ख्याति को कुंभ की तर्ज पर बढ़ाना चाहती है। इसके लिए महोत्सव को और अधिक भव्य स्वरूप देने के लिए अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति के माध्यम से ही अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, इस समिति को राज्य सरकार, जिला प्रशासन और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड सहयोग करेंगे। इस समिति को बाकायदा रजिस्टर्ड कराया जाएगा। कुरुक्षेत्र पहुंचे मुख्यमंत्री ने खुद इस बारे में कहा है कि कुंभ की तर्ज पर गीता महोत्सव की ख्याति बढ़ाने के लिए सरकार काम कर रही है।

कुरुक्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर स्वागत द्वार बने
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के लिए कुरुक्षेत्र में प्रमुख मार्गों पर स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं। ये स्वागत द्वार धर्मनगरी में पहुंचने का अहसास कराएंगे। ये द्वार देश दुनिया से जुटने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे। इन स्वागत द्वारों को बनाने की रूपरेखा सरकार ने ही तैयार करवाई है। केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन योजना के तहत कुरुक्षेत्र को श्रीकृष्ण सर्किट में शामिल किया जा चुका है। जिससे अब ब्रह्मसरोवर, नरकातारी, ज्योतिसर, सन्निहित सरोवर और शहर के विकास कार्य हो रहे हैं, और इसके लिए 97.35 करोड़ रुपए का बजट खर्च हो चुका है।

गीता स्थली ज्योतिसर में विराट स्वरूप देख सकेंगे
मुख्यमंत्री के बयान के अनुसार, गीता स्थली ज्योतिसर में 13 करोड़ 63 लाख रुपये की लागत से भगवान श्रीकृष्ण का 40 फीट ऊंचा विराट स्वरूप बनाया गया है। इसके अलावा ज्योतिसर में ही महाभारत-थीम भवन तैयार हुआ है, जो कि 2 एकड़ भूमि में फैला है। इसे परियोजना के मुख्य आकर्षण का केंद्र माना जा रहा है।इस महाभारत थीम भवन में महाभारत के दृश्य आधुनिक मल्टी मीडिया सिस्टम से दिखाए जाएंगे। राज्य सरकार ने इसके लिए 205.58 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे। वहीं, सरकार की ओर से 2019 में लॉन्च किए गए 48 कोस ऐप को तुरंत अपडेट करने के आदेश दिए गए थे।

देश के 30 प्रतिष्ठित धार्मिक सूची में ब्रह्मसरोवर
कुरुक्षेत्रवासियों के लिए खुशी की खबर ये भी आई है कि, ब्रह्मसरोवर को केंद्र सरकार के पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत तीसरे चरण में देश के 30 प्रतिष्ठित धार्मिक सूची में जगह दे दी गई है। बताया जा रहा है कि, ब्रह्मसरोवर को स्वच्छ आइकॉनिक स्थल कार्यक्रम के लिए चुना गया। कुरुक्षेत्र के उपायुक्त मुकुल कुमार ने बताया कि, गीता मैराथन का आयोजन ब्रह्मसरोवर के आस-पास ही किया जाएगा। इस मैराथन के दौरान कोविड-19 के नियमों की पालना करवाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

कैसे पहुंच सकते हैं आयोजन-स्थलों तक?
यदि आप बस से आना चाहते हैं, तो हरियाणा रोडवेज की बसें कई पड़ोसी राज्यों तक चलती हैं। राज्य निगम की बसें कुरुक्षेत्र को दिल्ली, चंडीगढ़ और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों जैसे अन्य शहरों से जोड़ती हैं। यहां से दिल्ली (160 किलोमीटर), अंबाला (40 किमी) और करनाल (3 9 किमी) के लिए प्राइवेट बसें भी मिल जाएंगी।

यह सुविधा भी मिलेगी
कुरुक्षेत्र, पिपली से लगभग 6 किलोमीटर दूर है, जो राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर-1 पर एक महत्वपूर्ण रोड जंक्शन है, जिसे लोकप्रिय रूप से ग्रैंड प्रधान मार्ग कहते हैं। इसके अलावा दिल्ली-चंडीगढ़ यहां के नजदीकी एयरपोर्ट हैं। हवाई अड्डे से टैक्सी सेवाएं भी उपलब्ध हैं। यदि आप ट्रेन से आ रहे हैं तो कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन, जिसे कुरुक्षेत्र जंक्शन भी कहा जाता है, मुख्य दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन पर स्थित है।












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