Haryana News: हंगामेदार रहा विधानसभा का शीतकालीन सत्र, जींद मामले की जांच करेंगे हाईकोर्ट जज
Haryana News: हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। सत्र के दूसरे दिन सीएम मनोहर लाल और पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के बीच बहस हो गई। बहस गीता भुक्कल और डिप्टी सीएम के मुद्दे पर हुई। हुड्डा ने कहा कि जीरो ऑवर में लगाए आरोप झूठे हैं। कोई भी झूठे आरोप नहीं लगा सकता। हुड्डा ने कहा कि आरोप शून्य काल में लगाए गए। इस पर सीएम ने कहा कि मुद्दा शून्य काल के बाद उठा था।
हरियाणा और पंजाब हाईकोर्ट को लिखा जाएगा पत्र
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सदन में जानकारी दी कि सत्र के पहले दिन जींद से जुड़े एक मामले और आरोपों की जांच सीटिंग जज से कराई जाएगी। गृह विभाग की तरफ से पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा जा रहा है। पत्र में सीटिंग जज से जांच, जांच का दायरा और टर्म ऑफ रेफरेंस तय किया जाएगा।

हुड्डा ने उठाई विशेषाधिकार प्रस्ताव की बात
गीता भुक्कल ने कहा कि मेरे ऊपर लगे आरोपों की जांच होनी चाहिए। इस पर दुष्यंत ने कहा कि तथ्य वही है और सत्य है। जांच से क्यों डर रहे हो। इस पर हुड्डा ने कहा कि जांच से कोई नहीं डरता। जांच तो हम तुम्हारी कराएंगे। हम विशेषाधिकार प्रस्ताव लाएंगे। हुड्डा और दुष्यंत चौटाला के बीच जमकर बहस हुई। दुष्यंत ने कहा कि आपके राज में सब कुछ हुआ। इस पर स्पीकर ने कहा कि यह सदन का निर्णय है जांच कराएंगे। इस पर हुड्डा ने कहा कि आप किसी की बात सुनते नहीं। बेचैन क्यों हो। स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने जवाब दिया कि मैं बेचैन नहीं हूं।
स्पीकर से मामले की जांच करने की मांग
हुड्डा ने स्पीकर से आग्रह किया कि वे इस मामले की जांच करें। विधायक रामकुमार गौतम ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में ही जांच कराई जाए। हाईकोर्ट से जांच करवाना सदन की गरिमा के खिलाफ है। हुड्डा ने भी कहा कि विधानसभा का मामला विधानसभा में ही सुलझाया जाए। इस पर सीएम ने कहा कि विपक्ष ने हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच की मांग की थी। अब पहली बार हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच के लिए विपक्ष मना कर रहा है। विपक्ष को पता है कि यह फंस सकते हैं। इसलिए सिटिंग जज से जांच के लिए मना कर रहे हैं।
गीता भुक्कल ने कहा कि दुष्यंत चौटाला के लगाए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। मेरे आवास पर कोई मीटिंग नहीं हुई थी। 2005 में वह प्रिंसिपल सरकारी नौकरी में ही नहीं था। भुक्कल ने कहा कि संदीप सिंह केस की जांच होनी चाहिए।
जहरीली शराब मामले को लेकर हुई बहस
जहरीली शराब के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव मामले पर जवाब देते हुए अनिल विज ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि हमसे क्यों शराब के पव्वे पढ़वा रहे हो। सरकार के जवाब पर अभय चौटाला ने कहा कि इसमें बहुत खामियां हैं। नशे से सैकड़ो बच्चों की मौत हुई है। जिस अधिकारी ने आपको आंकड़े दिए उन्होंने गुमराह किया। मेरी विधानसभा में कई बच्चों की मौत हुई। मैं कल ही यह पूरी रिपोर्ट दे दूंगा। चौटाला ने कहा कि जो इंक्वारी करवाई उसकी रिपोर्ट कहां है।
इस पर विज ने कहा कि आप शायद थोड़ी देर के लिए सो गए थे। मैं एक-एक जानकारी पढ़ रहा था। इस पर अभय चौटाला ने कहा कि मैं सोया नहीं था। सुन रहा था। इस मसले को हल्के में लेने की कोशिश ना करें।
विधायक बलराज कुंडू ने कहा कि यह वाकई एक चिंता का विषय है। आपस में बहस करने का कोई फायदा नहीं है। जिस अधिकारी ने रिपोर्ट दी वह गलत है। आबकारी विभाग पर भी कई सवाल है। कुंडू ने कहा कि बोतल पर कर कोड कब तक लगेंगे।
विज ने कहा कि पहली बार हुआ हर कनेक्ट आदमी को पकड़ा गया है। इतनी गिरफ्तारियां तो कभी हुई नहीं। विज ने कहा कि शराब घोटाले की जांच सीटिंग जज से करवाओ। विज ने कहा कि मुख्य आरोपी कांग्रेस से नाता रखता है। जिस पर हुड्डा ने कहा कि अपराधी तो अपराधी है।
सदन में उठा मंत्री संदीप सिंह का मामला
सत्र के दूसरे दिन मंत्री संदीप सिंह पर लगे आरोपों का मुद्दा उठा। ऐलनाबाद विधायक अभय चौटाला ने सवाल किया कि यौन शोषण मामले में कितनी कार्रवाई हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने आरोपी मंत्री का बचाव किया। अभय चौटाला ने कहा कि जूनियर महिला कोच को प्रोटेक्शन नहीं दिया गया। उसे सस्पेंड कर दिया गया। चौटाला ने कहा कि ये मामला चंडीगढ़ का है। लेकिन मंत्री हरियाणा का है तो चंडीगढ़ प्रशासन को सौंपी गई रिपोर्ट को सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया।
इस पर गृहमंत्री अनिल विज ने जवाब दिया कि संदीप सिंह केस की जांच के लिए कमेटी बनाई थी। चंडीगढ़ प्रशासन को कमेटी ने रिपोर्ट भी दे दी थी। विज ने साफ किया कि हमने किसी को नहीं बचाया। मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
विज ने कहा कि खिलाड़ियों के खिलाफ शोषण के 24 केस आए हैं। इनमें से 17 केस कोर्ट में चल रहे हैं। छह केसों में जांच के दौरान कोई साक्ष्य नहीं मिला। चार केस में अभियुक्तों के खिलाफ आरोप साबित नहीं हुआ। संदीप सिंह का केस चंडीगढ़ प्रशासन के अधीन है। विज ने कहा कि कोर्ट का जो भी फैसला आएगा उस पर कार्रवाई होगी।
सदन में नांगल चौधरी विधायक अभय यादव ने किसानों को फसल बीमा का पैसा ना मिलने का मुद्दा उठाया। इस परकृषि मंत्री जेपी दलाल ने जवाब दिया कि किसानों के खाते में पैसे जा चुके हैं। कोसली विधायक लक्ष्मण यादव ने एनटीपीसी द्वारा संचालित झाली पावर प्लांट का मुद्दा उठाया। यादव ने कहा कि पांच साल में किसानों के नुकसान को कौन उठाएगा। कृषि मंत्री जवाब देने से बच रहे हैं। इस पर जेपी दलाल ने जवाब दिया कि एनटीपीसी को अच्छी व्यवस्था करने के लिए लिख दिया गया है।












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