Haryana News: हरियाणा में खेल संघों को लेनी होगी मान्यता, बिना पंजीकरण के लगेगा यह जुर्माना
Haryana News: हरियाणा में अब राज्य जिला स्तर पर खेल संघ बगैर मान्यता के नहीं चलाए जा सकेंगे। खेल संघो पर हावी राजनीति और खिलाड़ियों के आर्थिक शोषण की लगातार शिकायत पर एक्शन लेते हुए प्रदेश सरकार ने खेल संघ की मनमानी रोकने के लिए इनका पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है।
विधानसभा के बजट सत्र में पारित हरियाणा राज्य खेल संघ पंजीकरण और नियमन विधेयक पर राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय की मोहर के बाद विधि और विधायी विभाग की प्रशासनिक सचिव रितु गर्ग ने नए नियमों की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही नया कानून लागू हो गया है।

खेल संघ को मान्यता देने के लिए हरियाणा खेल पंजीकरण परिषद और क्षेत्रीय खेल पंजीकरण परिषद बनाई जाएगी। बगैर पंजीकरण के राज्य स्तर पर खेल संघ चलने पर 5 से 10 हजार रुपए तक जुर्माना लिया जाएगा। इसी तरह क्षेत्रीय स्तर के पंजीकृत खेल संघ पर 50 हजार से 1 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर के हरियाणवी खिलाड़ी या फिर न्यूनतम 25 साल का सामान्य प्रशासन या कानून का अनुभव रखने वाले व्यक्ति की अध्यक्षता में हरियाणा खेल रजिस्ट्रेशन काउंसिल बनाई जाएगी। जिसमें खेल निदेशक सदस्य सचिव होंगे। राज्य स्तर के सभी खेल संघ को इस काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करना होगा। जो 3 साल के लिए मान्य होगा। इसके बाद उसे फिर मान्यता रिव्यू करनी होगी। इसी तरह खेल संघ को क्षेत्रीय स्तर पर मान्यता के लिए मंडलायुक्त स्तर के अधिकारी की अगुवाई में क्षेत्रीय खेल रजिस्ट्रेशन काउंसिल बनाई जाएगी। जिले के उपायुक्त इसमें सदस्य होंगे। जबकि जिला खेल अधिकारी को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी दी जाएगी।
नया कानून लागू होने के बाद अब प्रदेश में कोई भी खेल संघ पंजीकरण बिना किसी तरह की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन नहीं कर सकेगा और नहीं खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देगा। गैर पंजीकृत खेल संघ को खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी। गैर मान्यता प्राप्त खेल संघो से जुड़े खिलाड़ियों को न ही सरकारी स्तर पर नौकरियों में प्राथमिकता मिलेगी और न ही उन्हें कोई इनामी राशि या आर्थिक सहायता दी जाएगी।
खेल परिषदों को खिलाड़ियों की ओर से की जाने वाली शिकायत की जांच का अधिकार दिया गया है। इन खेल परिषदों को अपनी देखरेख में चैंपियनशिप, प्रशिक्षण और रिकॉर्ड की जांच करने का अधिकार होगा। खेल संघों के कामकाज के आकलन के साथ ही उनके जवाब देही भी रहेगी। पंजीकृत जिला स्तरीय खेल संघ को राज्य चैंपियनशिप में भाग लेने का अधिकार होगा। जबकि पंजीकृत राज्य स्तरीय संघ को राष्ट्रीय खेलों के आयोजनों में भाग लेने का अधिकार होगा।












Click it and Unblock the Notifications