हरियाणा की फिज़ा में आज भी होते हैं चंद्रमोहन की मोहब्बत के चर्चे, कांग्रेस ने पंचकूला से दिया टिकट
Haryana Election 2024 News: हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस ने ऐसे नेता को भी टिकट दिया है कि जो राजनीति की बजाय प्रेम कहानी की वजह से ज्यादा सुर्खियों में रहे हैं। नाम है चंद्रमोहन बिश्नोई, जो कभी चांद बनकर फिजा की जिंदगी में आए और अब पंचकूला विधायक बन सकने की दौड़ में शामिल हो गए हैं।
कांग्रेस ने बुधवार रात को तीसरी लिस्ट जारी करते हुए 40 उम्मीदवारों को टिकट दिया है। उन्हीं में से चंद्रमोहन बिश्नोई को पंचकूला (Chandramohan Congress Candidate Panchkula) से मैदान में उतारा गया है। गुरुवार को चंद्र मोहन नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। उधर, भाजपा ने पंचकूला से ज्ञानचंद गुप्ता को टिकट दिया है।

प्यार में चंद्रमोहन से बने चांद मोहम्मद
- पंचकूला से कांग्रेस प्रत्याशी चंद्रमोहन बिश्नोई की प्रेम कहानी साल 2008 में उस वक्त सामने आई थी जब ये हरियाणा की भूपिंदर सिंह हुड्डा सरकार में डिप्टी सीएम थे।
- पूर्व सीएम भजनलाल बिश्नोई के चंद्रमोहन बिश्नोई हरियाणा की असिस्टेंट एडवोकेट जनरल अनुराधा बाली को दिल दे बैठे थे। चंद्र मोहन शादीशुदा होने के बावजूद अनुराधा से दूसरी शादी करना चाहते थे।
- चंद्रमोहन व अनुराधा दोनों हिंदू थे। चंद्रमोहन पहली पत्नी को तलाक दिए बगैर दूसरी शादी नहीं कर सकते थे। ऐसे में दोनों ने धर्म बदलकर शादी कर ली।
- 7 दिसंबर 2008 में अनुराधा बाली और चंद्रमोहन बिश्नोई मीडिया के सामने आए। बताया कि दोनों ने हिंदू धर्म बदलकर मुस्लिम धर्म अपना लिया और शादी कर ली। अपना नया नाम चांद मोहम्मद व फिजा रख लिया है।
वापस पहली पत्नी के पास आकर रहने लगे
चांद मोहम्मद व फिजा की लव मैरिज काफी सुर्खियों में रही थी। बेटे के इस फैसले से नाराज होकर उनके पिता भजनलाल ने उन्हें संपत्ति से बेदखल कर दिया। मौलवियों ने भी उनके खिलाफ खूब फतवे जारी किए। फिर चंद्रमोहन लंबे समय तक गायब रहे।
मीडिया की खबरों में दावा किया गया कि वे अपनी पहली पत्नी व बच्चों के पास लंदन जाकर रहने लगे। लंदन से लौटने के बाद पूरे रीति-रिवाज से वापस बिश्नोई समाज में वापसी की और पहली पत्नी को अपनाया। हालांकि कुछ समय बाद में दुबारा से फिजा के साथ रहना शुरू कर दिया था।
साल 2012 में फिजा ने की खुदकुशी
चंद्रमोहन उर्फ चांद मोहम्मद और अनुराधा बाली उर्फ फिजा ज्यादा दिन तक साथ नहीं रह सके। चंद्रमोहन एक बार से फिजा को छोड़कर अपनी पहली पत्नी के पास आ गए। प्यार में धोखा मिलने के बाद फिजा ने साल 2012 में आत्महत्या कर ली।
चंद्रमोहन का सियासी सफर
पूर्व सीएम भजनलाल के बेटे के चंद्र मोहन तीन दशक से हरियाणा की राजनीति में सक्रिय हैं। साल 1993 में पहली बार उपचुनाव जीतकर विधायक बने। फिर 1996, 2000, 2005 में लगातार कालका सीट से जीते। इसके बाद चंद्रमोहन व फिजा की लव स्टोरी सामने आ गई थी। ऐसे में साल 2009 और 2014 में टिक्ट नहीं मिला। साल 2019 में कांग्रेस ने पंचकूला से टिकट दिया तो भाजपा के ज्ञानचंद गुप्ता के सामने चुनाव हार गए। अब हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में फिर कांग्रेस प्रत्याशी हैं।












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