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गोबर की ईंट और वैदिक प्लास्टर का घर, ना AC की फ़िकर ना ही गर्मी का डर

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रोहतक,अगस्त 03, 2021 । एक तरफ़ जहां पूरी दुनिया आधुनिकीकरण की ओर बढ़ रही है वहीं दूसरी तरफ़ हरियाणा के रहने वाले एक शख्स ने गोबर से बने ईंट के इस्तेमाल से घर बनाया है। यह पढ़ कर आपको थोड़ा अजीब ज़रूर लग रहा होगा लेकिन यह बात बिलकुल सच है। रोहतक ज़िला के मदीना गांव के रहने वाले डॉ शिवदर्शन मलिक ने इस अजूबे घर को बनाया है। यहां तक की घर के प्लास्टर के लिए भी सिमेंट की जगह गोबर से बने वैदिक प्लास्टर का इस्तेमाल किया है।

Vedic plaster house

डॉ शिवदर्शन मलिक ने केमिस्ट्री सबजेक्ट से पीएचडी भी किया है और प्रोफेसर की हैसियत से उन्होंने पढ़ाने का काम भी किया है। उन्होंने ही गाय के गोबर से वैदिक घर बनाने की इस तकनीक को इजाद किया है। शिवदर्शन मलिक ने IIT दिल्ली के साथ मिलकर साल 2000 में गोशालाओं से निकलने वाले वेस्ट और एग्री वेस्ट से उर्जा बनाने के प्रोजेक्ट पर काम किया था। इस सिलसिले में वो अमेरिका भी गए थे। अमेरिका में उन्होंने भांग के पत्तों में चुना मिलाकर हैमक्रिट बनाने और उससे घर बनते देखा। इसी से उन्हें गाय के गोबर से प्लास्टर बनाने का ख़्याल आया।

रिन्युएबल एनर्जी, पर्यावरण और सस्टेनेबिलिटी पर काम की चाह रखने वाले डॉ शिवदर्शन मलिक ने अमेरिका में देखे हुए तकनीक का भारत में प्रयोग किया और कामयाब भी हुए। सीमेंट की जगह पर इस्तेमाल होने वाले वैदिक प्लास्टर को बनाने के लिए डॉ. शिवदर्शन मलिक ने गाय के गोबर में ग्वारगम, चिकनी मिट्टी, जिप्सम, नींबू पाउडर का इस्तेमाल किया और वैदिक प्लास्टर तैयार कर डाला।

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महंगाई की इस दौर में अगर आपक घर बनाने की सोच रहे हैं तो गोबर की ईंट और वैदिक प्लास्टर का इस्तेमाल करें। सिमेंट से बने घर के मुक़ाबले में आपको 6 से 7 गुना कम पैसा लगेगा। आपको बता दें कि गोबर से बने ईंट का वज़न 1.78 किलो तक का होता है। ईंट बनाने में चार रुपए प्रति ईंट ख़र्च आते हैं। प्लास्टर के लिए वैदिक प्लास्टर के इस्तेमाल में 10 से 12 रुपये स्क्वायर फ़िट ख़र्च आता है। वहीं अगर गोबर से बने ईंट और वैदिक प्लास्टर की मदद से बने मकान के तापमान की बात की जाए तो बाहरी तापमान 40 डिग्री और मकान के अंदर का टेम्प्रेचर 28-31 डिग्री तक ही रहता है।

English summary
Dung brick and Vedic plaster house innovation of dr shiv darshan malik
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