कांग्रेस सांसदों के हरियाणा विधानसभा चुनाव लड़ने पर रोक, लेनी होगी खड़गे की इजाजत: दीपक बाबरिया
हरियाणा विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व ने अहम फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि, विधानसभा चुनावों में सांसदों को टिकट नहीं दिए जाएंगे। ये ऐलान ऐसे समय आया जा है जब कांग्रेस सांसद सेलजा कुमारी विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुकी हैं।
राज्य के कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया का कहना है कि, हरियाणा विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों के सांसदों को पार्टी द्वारा चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बाबरिया की यह टिप्पणी कुमारी सेलजा जैसे वरिष्ठ नेताओं द्वारा चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त करने के चलते हुई है।

बाबरिया ने यह बात पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में कही, जिसकी अध्यक्षता अजय माकन कर रहे थे। यह बैठक 90 विधानसभा सीटों के लिए संभावित उम्मीदवारों पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी। जब उनसे कुछ सांसदों द्वारा हरियाणा में विधानसभा चुनाव लड़ने में रुचि दिखाने के बारे में पूछा गया तो बाबरिया ने कहा, "किसी को भी चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।"
''हाईकमान की लेनी होगी अनुमति''
इस मुद्दे पर आगे पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "चुनाव लड़ने के लिए उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष और हाई कमान से अनुमति लेनी होगी। जो व्यापक सोच उभर रही है वह यह है कि किसी को भी अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सांसदों को चुनाव लड़ने के बजाय प्रचार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
बाबरिया ने बाद में बताया कि 25 सीटों के लिए संभावित उम्मीदवारों पर चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि,मेरी जानकारी के अनुसार, किसी भी संसद सदस्य ने विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं जताई है। पार्टी की अनुमति के बिना, कोई भी चुनाव कैसे लड़ सकता है?
क्या सुरजेवाला के बेटा चुनाव लड़ेगा?
जब उनसे पूछा गया कि क्या रणदीप सुरजेवाला का बेटा चुनाव लड़ेगा, तो बाबरिया ने जवाब दिया कि यदि वह चाहे तो वह चुनाव लड़ सकते हैं। उनकी यह टिप्पणी लोकसभा सांसद सेलजा द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने और राज्य में काम करने की इच्छा व्यक्त करने के कुछ दिनों बाद आई है, हालांकि उन्होंने कहा कि हाईकमान अंतिम निर्णय लेगी।
'सांसद प्रचार पर ध्यान दें'
बता दें कि कांग्रेस के सांसदों को टिकट नहीं देने के फैसले से शैलजा कुमारी, रणदीप सुरजेवाला और दीपेंद्र हुड्डा जैसे वरिष्ठ नेताओं को झटका लगा है। इन्हें पार्टी की तरफ से चुनाव लड़ने के बजाय प्रचार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा जाएगा।
यह भी अटकलें थीं कि राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला चुनाव लड़ने पर विचार कर सकते हैं। चुनाव आयोग ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की थी कि 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा के लिए चुनाव 1 अक्टूबर को होंगे और परिणाम 4 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।
हरियाणा वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शासन में है। कांग्रेस का लक्ष्य भाजपा को हटाकर सत्ता में वापसी करना है, जिसके लिए उसे 10 सालों तक विपक्ष में रहना पड़ा। पिछले विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा ने जननायक जनता पार्टी (जजपा) के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बनाई थी। हालांकि, लोकसभा चुनावों में सीटों के बंटवारे को लेकर मतभेद के कारण गठबंधन टूट गया था।
भाजपा ने बाद में स्वतंत्र विधायकों के समर्थन से अपनी सरकार बनाए रखी। कुछ महीने पहले हुए हालिया लोकसभा चुनावों में, हरियाणा की 10 में से 5 सीटें भाजपा और कांग्रेस दोनों को मिली थीं।












Click it and Unblock the Notifications