जनता दरबार में CM खट्टर ने बुजुर्ग महिला को क्यों दिए 2500 रुपए, जानिए पूरा मामला
रोहतक, 15 सितंबर। हरियाणा के रोहतक जिले में बड़ी संख्या में बुजुर्गों को कागजों पर मृत घोषित कर दिया गया है। इसके चलते उन्हें पेंशन नहीं मिल रही है। हालांकि, मामले की जानकारी लगते ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अधिकारियों को पेंशन बहाल करने के निर्देश दे दिए हैं। वहीं, इसी बीच उन्होंने गुरुवार को रोहतक जिले में स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनी। सुनवाई के दौरान उन्होंने एक बुजुर्ग महिला को खुद 2500 रुपए जेब से निकालकर दिए।

दरअसल, जिस महिला को मुख्यमंत्री ने 2500 रुपए निकाल कर दिए, उसकी भी पेंशन डाटा अपडेट नहीं होने की वजह से रोक दी गई थी। जब महिला को पता चला कि मुख्यमंत्री खट्टर जनसुनवाई कर रहे हैं, तो महिला भी वहां पहुंच गई। महिला ने मुख्यमंत्री से कहा कि उसे पेंशन कई महीनों से नहीं मिल रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने महिला को 2500 रुपए निकाल दिए और कहा कि यह आपकी इस महीने की पेंशन है। अगले महीने से आपकी पेंशन टाइम पर आ जाएगी। साथ ही इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिला से कहा कि अगर आपको बाद में भी कोई दिक्कत होती है, तो आप उसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से कर सकती हैं। इसके अलावा इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भी फटकार लगाई और मामले में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस वजह से बड़ी संख्या में बुजुर्गों को नहीं मिल रही है पेंशन
हरियाणा में परिवार पहचान पत्र सहित अन्य डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने में तकनीकी खराबी के कारण पिछले कुछ महीनों से बड़ी संख्या में पेंशनभोगियों की वृद्धावस्था और विधवा पेंशन नहीं मिल रही है। साथ ही सरकारी रिकॉर्ड में कई वृद्ध और दिव्यांग पेंशनभोगियों को मृत भी दिखा दिया गया है। जबकि कई विधवाओं के पतियों को जीवित दिखाया गया है, जिसके कारण इन सभी को पेंशन नहीं दी जा रही है।
इसके अलावा कई पेंशनभोगियों को सेवारत या सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारियों के रूप में भी दिखाया गया है। इसके चलते इन्हें भी पेंशन नहीं मिल रही है। आपको बता दें कि इस मामले को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हाल ही में उठाया था।
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