कानून बनाकर मुसलमानों के अल्पसंख्यक दर्जे को खत्म किया जाए: नरेंद्र गिरी

हरिद्वार। मुसलमानों के अल्पसंख्यक दर्जे को लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का बयान सामने आया है। महंत नरेंद्र गिरी ने कानून बनाकर मुसलमानों के अल्पसंख्यक दर्जे को खत्म करने और पूरे देश में समान नागरिक संहिता (कॉमन सिविल कोड) लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश में मुसलमानों के लिए अलग और हिंदुओं के लिए अलग दो तरह के कानून नहीं चलेंगे। देश की सरकार को तय करना होगा कि वह किस ओर जा रही है। नरेंद्र गिरी ने उम्मीद जताते हुए कहा कि भाजपा सरकार में यह कानून बन सकेगा।

mahant narendra giri demands common civil code in india

नरेंद्र गिरी ने कहा- देश में समान नागरिक संहिता का लागू होना जरूरी

महंत नरेंद्र गिरी ने मुसलमानों को एक से अधिक बच्चे पैदा करने और तीन तलाक की तरह कानून बनाकर बहु विवाह करने पर भी रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश के विकास शांति और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए देश में समान नागरिक संहिता का लागू होना जरूरी है। नरेंद्र गिरी ने यह भी कहा कि अल्पसंख्यक होने के बावजूद मुस्लिम समाज बहुत संख्यक हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को लगातार आहत कर रहे हैं। अब यह बर्दाश्त के बाहर होता जा रहा है, इसलिए सरकार को इस मामले में गंभीरता से सोचना पड़ेगा और कड़े कानून बनाकर व्यवस्था बनानी पड़ेगी।

पीएम मोदी और गृहमंत्री को ज्ञापन सौंपेगा अखाड़ा परिषद

नरेंद्र गिरी ने उम्मीद जताते हुए कहा कि भाजपा सरकार में यह कानून बन सकेगा। नरेंद्र गिरी ने कहा कि कॉमन सिविल कोड और जनसंख्‍या नियंत्रण कानून भाजपा की सरकार ही ला सकती है। अगर भाजपा सरकार ऐसा करती है तो भाजपा अगले 50 सालों तक शासन करेगी। उन्‍होंने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद इस मामले में पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को एक ज्ञापन भी सौंपेगा। उन्‍होंने कहा कि अगर विशेष समुदाय की आबादी को रोकने क लिए जनसंख्‍या नियंण कानून नहीं बनाया गया तो आने वाले दिनों में देश में स्थिति भयावह हो जाएगी।

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