ग्वालियर में कांग्रेस का नया पावर सेंटर बन गया है विधायक सतीश सिंह सिकरवार का निवास
ग्वालियर में कांग्रेस के विधायक सतीश सिंह सिकरवार का घर बन गया है कांग्रेस का नया पावर सेंटर
ग्वालियर, 3 अगस्त। अब तक तो ग्वालियर में कांग्रेस का पावर सेंटर महल यानी कि ज्योतिरादित्य सिंधिया का जय विलास पैलेस ही हुआ करता था, लेकिन अब कांग्रेस का नया पावर सेंटर कांग्रेस विधायक सतीश सिंह सिकरवार का घर बन गया है। यही वजह है कि जब बीजेपी से नाराज होकर पार्षद बनी सुनीता अरुण कुशवाहा ने कांग्रेस की सदस्यता ली, तो इसका आयोजन कांग्रेस कार्यालय में ना होते हुए विधायक सतीश सिंह सिकरवार के निवास पर स्थित कार्यालय पर हुआ।

जय विलास पैलेस हुआ करता था कांग्रेस का पावर सेंटर
जब तक सिंधिया घराना कांग्रेस पार्टी में रहा तब तक ग्वालियर चंबल अंचल का कांग्रेस पार्टी का पावर सेंटर उनकe महल जय विलास पैलेस हुआ करता था। कांग्रेस के लगभग हर नेता को महल में जाकर हाजिरी लगाना पड़ती थी। ग्वालियर-चंबल अंचल में कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की राजनीति महल से ही शुरू होकर महल पर ही खत्म हो जाए करते थी, लेकिन जब से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी का दामन थामा है तब से कांग्रेस का पावर सेंटर भी बदल गया है।
विधायक सतीश सिंह सिकरवार का घर बना कांग्रेस का नया पावर सेंटर
सिंधिया के बीजेपी में जाने के बाद कांग्रेस का पावर सेंटर भी महल से खत्म हो गया था, लेकिन अब कांग्रेस का नया पावर सेंटर विधायक सतीश सिंह सिकरवार का निवास बन गया है। विधायक सतीश सिंह सिकरवार ग्वालियर पूर्व विधानसभा से कांग्रेस के विधायक हैं और उनकी ग्वालियर के साथ-साथ चंबल के जिलों में भी अच्छी पकड़ है।
सतीश सिंह सिकरवार की पत्नी कांग्रेस से टिकट लेकर बन गई महापौर
विधायक सतीश सिंह सिकरवार की दमदारी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस के कई नेताओं के विरोध के बावजूद वह अपनी पत्नी के लिए ग्वालियर नगर निगम की महापौर सीट का टिकट लेकर आए। इतना ही नहीं उन्होंने अपनी राजनीतिक कुशलता का परिचय देते हुए ना केवल टिकट हासिल किया बल्कि अपनी पत्नी शोभा सिकरवार को जबरदस्त जीत दिलाते हुए उन्हें ग्वालियर नगर निगम के महापौर की सीट पर काबिज करवा दिया।
बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में आए हैं सतीश सिंह सिकरवार
सतीश सिंह सिकरवार बीजेपी को छोड़कर कांग्रेस में आए हैं। मध्य प्रदेश में हुए उपचुनाव के पहले सतीश सिंह सिकरवार ने बीजेपी को अलविदा कह दिया और कांग्रेस का हाथ थाम लिया। इतना ही नहीं वे कांग्रेस से टिकट लेकर आए और ग्वालियर पूर्व विधानसभा से विधायक भी बन गए।
सतीश सिंह सिकरवार के रसूख की वजह से बीजेपी अपने पार्षदों को लेकर चली गई दिल्ली
कांग्रेस विधायक सतीश सिंह सिकरवार का रसूख और उनका राजनीतिक गठजोड़ इतना जबरदस्त है कि बीजेपी को यह डर सताने लगा कि कहीं उनके पार्षदों को विधायक सतीश सिंह सिकरवार अपने खेमे में ना शामिल कर लें। यही वजह रही कि पहली बार बीजेपी ने पार्षदों के टूट जाने के डर से सभी पार्षदों को बस में बैठा कर दिल्ली के लिए रवाना कर दिया।
बीजेपी के बागी नेता ने पार्षद बनने के बाद ले ली कांग्रेस की सदस्यता
विधायक सतीश सिंह सिकरवार का घर अब कांग्रेस का पावर सेंटर बन गया है। यही वजह है कि मंगलवार को बीजेपी से नाराज होकर वार्ड 33 के पार्षद बनी सुनीता अरुण कुशवाहा ने जब कांग्रेस की सदस्यता ली, तो यह सदस्यता ग्रहण समारोह शिंदे की छावनी स्थित कांग्रेस कार्यालय पर आयोजित करने की बजाय विधायक सतीश सिंह सिकरवार के निवास पर स्थित उनके कार्यालय पर आयोजित किया गया। खुद जिला अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा समेत कांग्रेस के अन्य नेता उनके निवास पर इस कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए पहुंचे हैं, जो इस बात की तरफ इशारा करता है कि अब ग्वालियर में कांग्रेस का पावर सेंटर विधायक सतीश सिंह सिकरवार का निवास है।












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