Madhav National Park : शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में गूंजेगी बाघों की दहाड़, जनवरी माह में आएंगे तीन बाघ
माधव राष्ट्रीय उद्यान में टाइगर सफारी लगाने की अनुमति प्रदान की गई है। इस संबंध में केंद्र सरकार ने अपनी सहमति दे दी है। इससे क्षेत्र में पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा।

एमपी के शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में एक बार फिर बाघ दहाड़ेंगे। इस महीने तीन बाघ लाए जा रहे हैं। जिसमें 1 नर और 2 मादा बाघिन होंगी। दूसरे चरण में 2 टाइगर आएंगे। इसको लेकर वन विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। ऐसा हुआ तो शिवपुरी जिला फिर से बाघों से आबाद हो जाएगा। भोपाल में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी बाघों को माधव पार्क में बसाने की योजना बना रहे हैं। एक-दो दिन में फिर अधिकारी शिवपुरी का दौरा करेंगे।
पार्क ग्वालियर के मुगल सम्राटों और महाराजाओं का शिकारगाह था। इसे 1958 में राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा मिला। पार्क में दो प्रवेश द्वार हैं। पहला NH-25 'पुरानी झांसी रोड' पर है और दूसरा आगरा-मुंबई रोड पर शिवपुरी से ग्वालियर की ओर 5 किमी की दूरी पर है। पार्क में चौसिंघा, हिरण, चीतल, सांभर, तेंदुआ, भेड़िया, सियार, लोमड़ी, जंगली कुत्ता, जंगली सूअर, साही, नीलगाय, चिंकारा, अजगर आदि देखने को मिलते हैं। अब यह पार्क बाघों का भी आबाद होने जा रहा है।
वन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि पहले चरण में 3 बाघों को लाया जा रहा है। इनमें 2 मादा व 1 नर हैं। जनवरी में ही बाघ लाए जाएंगे। दूसरे चरण में 2 और बाघ लाए जाएंगे। आपको बता दें कि माधव राष्ट्रीय उद्यान को बाघ की बहाली के लिए फ्री रेंज टाइगर लाने की अनुमति केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने दी थी. वहीं, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने पहले ही मंजूरी दे दी थी।
पहले चरण में आने वाले 3 बाघों का अध्ययन होगा, कि बाघ यहां कैसे रहते हैं और कैसे खुद को ढाल लेते हैं, इस पर भी अध्ययन होगा। इस अध्ययन के आधार पर अगले चरण में 2 और बाघ लाए जाएंगे। ये पांचों बाघ फ्री रेंज में आएंगे, यानी ये किसी पिंजरे में नहीं रहेंगे, बल्कि नेशनल पार्क में खुलेआम घूम सकेंगे।












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