MP News: ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यात्रियों संग अंताक्षरी खेल जीता दिल, ग्वालियर-बेंगलुरु एक्सप्रेस का शुभारंभ
Gwalior MP News: 26 जून 2025 को ग्वालियर-चंबल अंचल के लिए एक ऐतिहासिक और यादगार दिन रहा, जब केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री और गुना लोकसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर रेलवे स्टेशन से ग्वालियर-बेंगलुरु एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 11085/11086) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर उन्होंने न केवल ट्रेन का उद्घाटन किया, बल्कि अशोकनगर तक यात्रा कर यात्रियों और पत्रकारों के साथ अंताक्षरी खेली और "सुहाना सफर और ये मौसम हसीं" जैसे गीत गाकर सभी का दिल जीत लिया। इस पल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने उनके जनता से जुड़े खुशमिजाज अंदाज को दर्शाया।

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की और अपने संबोधन में इस नई रेल सेवा के महत्व को रेखांकित किया।
यात्रियों से संवाद और अंताक्षरी: सिंधिया का अनोखा अंदाज
इस शुभारंभ को और विशेष बनाने के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्रेन में यात्रा की और यात्रियों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने शिवपुरी, गुना, और अशोकनगर स्टेशनों पर रुककर जनता से मुलाकात की और उनकी प्रतिक्रियाएं जानी। यात्रियों ने इस नई ट्रेन सेवा का स्वागत करते हुए बताया कि इससे बेंगलुरु की यात्रा में 8 से 10 घंटे की महत्वपूर्ण समय बचत होगी। यात्रा के दौरान अंताक्षरी और गीतों ने माहौल को और जीवंत बना दिया, जिसने न केवल यात्रियों का मनोरंजन किया, बल्कि इस रेल सेवा के शुभारंभ को एक उत्सव में बदल दिया।

40 लाख लोगों को लाभ: एक क्रांतिकारी रेल सेवा
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने अपने संबोधन में बताया कि यह रेल सेवा लगभग 40 लाख लोगों को सीधे लाभ पहुंचाएगी। यह ट्रेन शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, बीना, और भोपाल जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि यह सेवा ग्वालियर-चंबल अंचल के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करती है। सिंधिया ने 2024 और 2025 में रेल मंत्री को पत्र लिखकर इस ट्रेन सेवा की मांग उठाई थी, जिसे अब साकार किया गया है।
ग्वालियर की ऐतिहासिक विरासत और एम. विश्वेश्वरैया का योगदान
सिंधिया ने भारत के महान इंजीनियर एम. विश्वेश्वरैया के योगदान को याद करते हुए बताया कि खड़कवासला जलाशय में पहली बार स्थापित स्वचालित गेट्स बाद में ग्वालियर के टिगरा डैम में भी लगाए गए। यह डैम महाराजा माधवराव सिंधिया प्रथम के निमंत्रण पर विश्वेश्वरैया के मार्गदर्शन में बना। इस ऐतिहासिक संबंध ने ग्वालियर-बेंगलुरु रेल सेवा के शुभारंभ को और भी गौरवपूर्ण बना दिया।

रेलवे के साथ-साथ अन्य विकास परियोजनाएं
सिंधिया ने बताया कि ग्वालियर में विकास की गति रुकने वाली नहीं है। ग्वालियर का नवीन एयरपोर्ट पूर्णता के करीब है, और ग्वालियर रेलवे स्टेशन का भव्य पुनर्निर्माण तेजी से चल रहा है। इसके अलावा, ₹900 करोड़ की पश्चिमी एक्सप्रेसवे परियोजना केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में प्रगति पर है। ग्वालियर-श्योपुर ब्रॉड गेज लाइन योजना में कैलारस तक ट्रेन पहुंच चुकी है और जल्द ही श्योपुर और कोटा तक इसका विस्तार किया जाएगा।
रेलवे विकास की उपलब्धियां: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने संबोधन में मध्य प्रदेश में रेलवे के विकास की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने बताया कि 2014 में जहां मध्य प्रदेश को रेलवे के लिए ₹600 करोड़ का बजट मिलता था, वह अब बढ़कर ₹14,747 करोड़ हो गया है। राज्य में 2,651 किमी नई रेल पटरियाँ बिछाई गई हैं, और 80 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिनमें ग्वालियर प्रमुख है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जल्द ही ग्वालियर से आगरा के बीच एक नई पैसेंजर ट्रेन शुरू की जाएगी। इसके अलावा, मध्य प्रदेश को एक वर्ष में ₹24,000 करोड़ के नए रेलवे प्रोजेक्ट्स की स्वीकृति दी गई है, जो राज्य में विकास की तीव्र गति को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री की ग्वालियर के भविष्य की झलक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में ग्वालियर को प्रगति का प्रतीक बताते हुए कहा कि ₹8,500 करोड़ की लागत से बनने वाली मुंबई लाइन परियोजना चंबल-मालवा क्षेत्र में नया इतिहास रचेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्वालियर संभाग आने वाले समय में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, और पेट्रो-उद्योग में अग्रणी भूमिका निभाएगा। रोजगार, उद्योग, कृषि, और शिक्षा के क्षेत्र में ग्वालियर नई ऊंचाइयों को छुएगा।












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