Gwalior news:कलेक्टर का आदेश हुआ हवा, शहर में जमकर हुई आतिशबाजी
ग्वालियर कलेक्टर के आदेश का नहीं हुआ पालन, शहर में जमकर हुई आतिशबाजी, कलेक्टर ने लगाई थी पटाखों पर रोक, एसडीएम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सौंपी थी आदेश का पालन करवाने की जिम्मेदारी
Gwalior कलेक्टर के आदेश को शहर वासियों ने पटाखे के धुंए में उड़ा दिया। कलेक्टर ने शहरी सीमा में पटाखों पर प्रतिबंध लगाया था लेकिन शहर वासियों ने दीपावली के दिन जमकर पटाखे फोड़े। दीपावली की शाम से शुरू हुई आतिशबाजी देर रात तक चलती रही। पूरे शहर में पटाखों के धमाकों की गूंज सुनाई देती रही लेकिन जिनके कंधों पर कलेक्टर के आदेश के पालन की जिम्मेदारी थी वह नदारद रहे।

ग्वालियर कलेक्टर ने लगाया था पटाखों पर प्रतिबंध
ग्वालियर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने ग्वालियर नगर निगम सीमा में पटाखों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया था। आदेश में उल्लेख किया गया था कि ग्वालियर नगर निगम सीमा में पटाखों की बिक्री, निर्माण और पटाखे चलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। यह आदेश ग्वालियर कलेक्टर द्वारा धनतेरस को जारी किया गया था।
वायु गुणवत्ता सूचकांक को देखते हुए लिया था निर्णय
ग्वालियर कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह द्वारा ग्वालियर नगर निगम की सीमा में पटाखों पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय ग्वालियर की वायु गुणवत्ता सूचकांक को देखते हुए लिया गया था। साल 2021 में ग्वालियर शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक कमजोर श्रेणी का रहा था। इसी का हवाला देते हुए ग्वालियर कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने नगर निगम की सीमा में पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था।
ग्रामीण क्षेत्रों में दी गई थी 2 घंटे के लिए पटाखा चलाने की अनुमति
खास बात यह है कि कलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्र में 2 घंटे के लिए पटाखा चलाने की अनुमति दी थी। इन 2 घंटे में भी सिर्फ ग्रीन पटाखे ही चलाए जाने की अनुमति दी गई थी। दीपावली की रात 8 बजे से 10 बजे तक ग्रामीण क्षेत्र में ग्रीन पटाखे चलाए जा सकते थे।
नगर निगम सीमा में जमकर हुई आतिशबाजी
कलेक्टर ने तो पटाखों पर रोक लगाते हुए आदेश जारी कर दिया और इस आदेश का पालन करवाने के लिए सभी एसडीएम को जिम्मेदारी दे दी। इसके साथ ही साथ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी इस आदेश का पालन करवाने के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई लेकिन जिनके कंधों पर पटाखा चलने से रोकने का जिम्मा था वही लोग दीपावली की रात नदारद रहे। ग्वालियर शहर में जमकर आतिशबाजी की गई। दीपावली की शाम से ही शुरु हुई आतिशबाजी देर रात तक जारी रही। पूरे शहर में पटाखे फोड़े गए और शहरवासियों ने कलेक्टर के आदेश को पटाखों के धुंए में उड़ा दिया।












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