राजमाता माधवी राजे सिंधिया का अंतिम संस्कार आज, दोपहर 12:30 बजे से अंतिम दर्शन, पूरा कार्यक्रम
Madhavi Raje Scindia passes away: पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया की धर्मपत्नी व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मां माधवी राजे सिंधिया का अंतिम संस्कार राजसी परंपरा के अनुसार कटोरा ताल के क्षेत्र में स्थित सिंधिया घराने की छतरी में आज होगा।
अस्थि संचय की क्रिया 17 मई शुक्रवार को की जाएगी। आज सुबह दिल्ली से माधवी राजे सिंधिया की पार्थिव देह ग्वालियर लाने के बाद अंतिम दर्शन के लिए रानी महल में रखा जाएगा।

जानकारी अनुसार गुरुवार सुबह 11 बजे पार्थिव देह ग्वालियर लाई जाएगी। यहां दोपहर 3 बजे तक अंतिम दर्शन के लिए रखी जाएगी। शाम 5 बजे सिंधिया छत्री पर उनका राजसी परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके अंतिम संस्कार के लिए 2 क्विंटल चंदन व 2 क्विंटल आम की लकड़ी मंगाई गई हैं।
आज ग्वालियर में कई वीवीआईपी और वीआईपी के साथ राजघरानों के सदस्य आ रहे हैं। इनमें कई दिग्गज नेता तो कई मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। यही कारण है कि इनकी सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए ग्वालियर में आज चप्पे-चप्पे पर पुलिस लगाई गई है। इसके साथ ही ट्रफिक डायवर्ट भी किया गया है। तो वहीं दूसरी तरफ़ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के मुताबिक दो हजार से ज्यादा जवान व अफसर तैनात किए गए हैं। एयरपोर्ट से लेकर सिंधिया छत्री परिसर तक किलेबंदी की गई हैं।
जानकारी मुताबिक राजमाता माधवी राजे सिंधिया का पार्थिव शरीर दिल्ली के सबदरगंज स्थित बंगले से 10 बजे दिल्ली एयरपोर्ट से ग्वालियर के लिए रवाना होगा् जो कि 10:45 बजे ग्वालियर एयरपोर्ट पहुंचेगी। यहीं से पार्थिव देह सीधे रानी महल के लिए रवाना होगी। दोपहर 12:30 से तीन बजे तक अंतिम दर्शन की व्यवस्था की गई है। तो वहीं 3:30 बजे अंतिम यात्रा छत्री के लिए रवाना होगी। शाम 5 बजे पूरे विधि विधान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
ग्वालियर में सिंधिया की पारंपरिक छत्री परिसर में सभी के बैठने और खड़े रहने की व्यवस्था की गई है। राजमाता माधवी राजे सिंधिया के अंतिम संस्कार में कई कांग्रेसी और बीजेपी के दिग्गज नेता शामिल हो सकते हैं। इसके साथ ही मोदी कैबिनेट के कई मंत्री भी शामिल होंगे। वहीं खबर है कि छत्तीसगढ़ और राजस्थान के मुख्यमंत्री भी अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते हैं।
छत्री में जिस तरफ राजमाता का अंतिम संस्कार होगा। वहां एक ओर लोगों के खड़े होने के लिए व्यवस्था रहेगी, जबकि दूसरी ओर वीवीआईपी और उसके पास में दायीं तरफ वीआईपी बैठेंगे। इनके आने के लिए अलग-अलग गेट निर्धारित किए गए हैं। सामने की ओर शाही घरानों से आने वाले सदस्य रहेंगे।












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