Pradyuman singh tomar: जर्जर सड़कें देखकर मंत्री ने त्यागे जूते, कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा
ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री ने शुरु की जूता पॉलिटिक्स, ऊर्जा मंत्री ने त्यागे जूते, ग्वालियर की जर्जर सड़कें देखकर त्यागे जूते, कांग्रेस ने मांगा ऊर्जा मंत्री से इस्तीफा,
Paradyuman singh tomar कहने को तो शिवराज सरकार के ऊर्जा मंत्री हैं लेकिन उन्होंने अपनी ही सरकार की नाकामी साबित करते हुए जूते त्याग दिए हैं। ग्वालियर शहर की जर्जर सड़कों को देखकर ऊर्जा मंत्री प्रदुमन सिंह तोमर ने जूते त्यागते हुए यह घोषणा कर दी है कि जब तक सड़कों की हालत दुरुस्त नहीं हो जाएगी तब तक वह जूते नहीं पहनेंगे। इससे पहले भी प्रदुमन सिंह तोमर ऐसा कर चुके हैं और अब एक बार फिर से प्रद्युमन सिंह तोमर ने जूता पॉलिटिक्स शुरू कर दी है हालांकि ऊर्जा मंत्री के जूता पॉलिटिक्स पर कांग्रेस ने ऊर्जा मंत्री का इस्तीफा ही मांग लिया है।

ग्वालियर शहर की कई सड़कों की हालत है जर्जर
ग्वालियर शहर की कई सड़कों की हालत जर्जर हो चुकी है। इन सड़कों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। जनता जब ग्वालियर विधानसभा के विधायक और शिवराज सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर से सवाल पूछती है तो प्रद्युमन सिंह तोमर इन जर्जर सड़कों पर निरीक्षण के लिए निकल आते हैं। पिछले दिनों ही ऊर्जा मंत्री प्रदुमन सिंह तोमर शहर की जर्जर सड़कों के निरीक्षण के लिए निकले थे और यहां उन्होंने सड़कों की खस्ताहाल स्थिति को देखते हुए अफसरों से नाराजगी भी जाहिर की।

बार-बार फटकार के बाद भी नहीं आया स्थिति में सुधार
ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर पिछले कुछ समय से लगातार ग्वालियर की जर्जर हो चुकी सड़कों का निरीक्षण कर रहे हैं। वह बार-बार नगर निगम के अधिकारियों को लताड़ भी लगा रहे हैं लेकिन ऊर्जा मंत्री की इस नाराजगी का कोई फायदा नहीं हो रहा है क्योंकि सड़कों की जो स्थिति पहले थी वैसी आज भी बनी हुई है। कई सड़क ऐसी हैं जो निर्माणाधीन है लेकिन वक्त इतना ज्यादा गुजर चुका है कि जनता सवाल करने लगी है कि आखिर यह सड़क कब तक बनेगी और कई सड़कें ऐसी हैं जिनके पुनर्निर्माण की मांग उठ रही है ऐसे में मंत्री जी की नाराजगी जाहिर सी बात है।

नहीं हुई सुनवाई तो मंत्री ने त्याग दिए जूते
ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर द्वारा बार-बार सड़कों का निरीक्षण करने और अधिकारियों को फटकार लगाने के बाद भी जब सड़कों की स्थिति में सुधार नहीं आया तो ऊर्जा मंत्री ने अपने जूते ही त्याग दिए। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जब तक सड़कों की हालत दुरुस्त नहीं हो जाएगी तब तक वे जूते नहीं पहनेंगे हालांकि ऊर्जा मंत्री के संकल्प से किसी को कोई फर्क नहीं पड़ा और प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर बीजेपी खेमे तक से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

कांग्रेस ने मांग लिया ऊर्जा मंत्री का इस्तीफा
प्रशासन की तरफ से कोई सफाई या बीजेपी खेमे से कोई प्रतिक्रिया तो नहीं आई लेकिन कांग्रेस ने ऊर्जा मंत्री के इस जूता पॉलिटिक्स पर ऊर्जा मंत्री का ही इस्तीफा मांग लिया है। कांग्रेस पार्टी द्वारा बाकायदा एक प्रेस वार्ता आयोजित करके मीडिया के माध्यम से ऊर्जा मंत्री से इस्तीफा मांगा गया है। कांग्रेसियों का कहना है कि जब ऊर्जा मंत्री की कोई सुनवाई नहीं कर रहा है जबकि उनकी ही सरकार है, राज्य से लेकर केंद्र तक बीजेपी ही विराजमान है इसके बावजूद भी अगर मंत्री की सुनवाई नहीं हो रही है तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, उन्हें ऐसी पार्टी भी छोड़ देनी चाहिए क्योंकि वह पूरी तरह असफल साबित हुए हैं, इसलिए चप्पल छोड़ने से कुछ नहीं होने वाला है इस्तीफे से ही काम चलेगा।

इससे पहले भी प्रद्युमन सिंह तोमर कर चुके हैं जूता पॉलिटिक्स
ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने पहली बार जूते ही नहीं त्यागे हैं इससे पहले भी वे जूता पॉलिटिक्स करते हुए अपने जूते त्याग चुके हैं। कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के बाद प्रदुमन सिंह तोमर ने इस संकल्प के साथ अपने जूते त्याग दिए थे कि जब तक ग्वालियर विधानसभा की सभी सड़कें नहीं बन जाएंगी तब तक वे जूते नहीं पहनेंगे। हालांकि बाद में एक भव्य आयोजन के दौरान उन्होंने अपना संकल्प पूरा करने की बात कहते हुए जूते पहन लिए थे लेकिन एक बार फिर से उन्होंने जूते त्याग दिए हैं और जूता पॉलिटिक्स शुरू कर दी है। अब देखना यह होगा कि ऊर्जा मंत्री के जूते त्यागने से सड़कों की जर्जर हालत दुरुस्त होने में तेजी आती भी है या नहीं।












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