ग्वालियर में कथित लूट का खुलासा: नौकरानी और उसके पति ने किया चोरी, फिर लूट की झूठी कहानी सुनाई
MP News: ग्वालियर में 24 दिन पहले रिटायर्ड इंजीनियर के घर हुई कथित लूट का पुलिस ने सोमवार देर रात खुलासा किया। दरअसल, यह कोई लूट नहीं, बल्कि चोरी थी, जिसे नौकरानी और उसके सिक्योरिटी गार्ड पति ने मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस की सूझबूझ और जांच ने उनके झूठे बयान को बेनकाब कर दिया और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
महाराजपुरा थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव ने बताया कि 22 नवंबर को डीडी नगर के रहने वाले रिटायर्ड इंजीनियर ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनके घर में लूट की वारदात हुई थी।

उन्होंने बताया कि घर में किसी ने उनके नौकरानी के पति को बंधक बना लिया और 22 हजार रुपए, सोने और चांदी के गहनों समेत अन्य कीमती सामान ले गए। रिटायर्ड इंजीनियर उस समय ससुराल में रामायण के पाठ में शामिल होने गए हुए थे, और घर की देखरेख की जिम्मेदारी उनकी नौकरानी गीता पाल के पति हरि सिंह पाल को दी थी।
इसी दौरान, बदमाशों ने छत के रास्ते घर में प्रवेश किया और हरि सिंह पाल को बंधक बना लिया। इसके बाद, उन्होंने घर के कीमती सामान को लूट लिया। घर में लौटकर इंजीनियर ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और लूट की रिपोर्ट दर्ज करवाई।
संदेह और पुलिस की जांच
इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को इस बात पर संदेह हुआ कि नौकरानी और उसके पति के बयानों में कोई असमानता थी। पुलिस ने दोनों को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया और उनकी तलाशी ली। इस तलाशी में उन्हें चोरी का सामान मिल गया, जिसे दोनों ने चोरी किया था।
गिरफ्तारी और सामान की बरामदगी
सोमवार को पुलिस ने नौकरानी गीता पाल और उसके पति हरि सिंह पाल को कोर्ट में पेश किया, जहां से उनकी औपचारिक गिरफ्तारी कर ली गई। गिरफ्तार किए गए जोड़े से पुलिस ने चोरी के सामान को बरामद भी किया, जिसमें सोने और चांदी के गहने और नगद राशि शामिल थी।
पुलिस को हुआ शक
22 नवंबर को जब रिटायर्ड इंजीनियर ने लूट की शिकायत दर्ज करवाई, तो पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस को इस घटना में कई असामान्य बातें दिखीं। खासकर, गीता पाल और उसके पति हरि सिंह पाल द्वारा बताई गई कहानी में कई विरोधाभास थे।
पुलिस ने सबसे पहले घर के चारों ओर जांच की, लेकिन वहां कोई भी ऐसा सुराग नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि बदमाश घर में घुसे थे या कहीं से चढ़कर आए थे। इसके बाद पुलिस ने आसपास के CCTV कैमरे खंगाले। CCTV फुटेज में यह देखा गया कि गीता पाल सुबह करीब चार बजे घर में आई थी और लगभग सवा घंटे तक वहां रुकी रही। जबकि गीता के पति ने पुलिस से कहा था कि बदमाश रात दो बजे घर में घुसे और सुबह पांच बजे वहां से निकल गए। इस असमानता ने पुलिस का शक और गहरा कर दिया।
आरोपी फरार, फिर शिकंजा कसा
पुलिस के शक के बाद गीता और उसके पति ने समझ लिया कि पुलिस उनके झूठ का पर्दाफाश कर सकती है, तो दोनों घर से फरार हो गए। पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए पूरी ताकत झोंक दी और प्रधान आरक्षक विमल तोमर की अगुवाई में उनकी तलाश के लिए गोरमी (भिंड) के गांव तक पहुंची। हालांकि, वहां भी दोनों फरार मिले। पुलिस के शिकंजे से बचने के बाद यह दंपती न्यायालय में सरेंडर करने के लिए पहुंचे। जैसे ही वे कोर्ट पहुंचे, पुलिस भी वहां पहुंच गई और उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
चोरी का माल बरामद
पुलिस ने गीता और हरि सिंह से कड़ी पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि चोरी किए गए जेवरात और नगदी को उन्होंने भांड़ोरी इलाके में छिपा रखा था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दंपती को भांड़ोरी इलाके ले गई, जहां से पांच हजार रुपए नगद बरामद किए गए। हालांकि, गीता और हरि सिंह का कहना था कि शायद चोरी गए जेवरात और बाकी रकम को अन्य चोरों ने ले लिया। लेकिन पुलिस ने उनका यह बयान भी खारिज कर दिया, क्योंकि अन्य कोई सुराग नहीं मिला था।












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