CM खट्टर बोले- खुले में नमाज स्वीकार्य नहीं, अपने धर्मस्थलों पर पढ़ें, जगह को कब्जा-मुक्त करायेंगे
गुरुग्राम। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुड़गांव में खुले स्थानों पर जुमे की नमाज अदा करने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि, खुले में नमाज पढ़ने की प्रथा स्वीकार्य नहीं है। नमाजी अपने धार्मिक स्थलों पर नमाज पढ़ें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा, "हमें किसी के भी धार्मिक-स्थलों पर धर्म का पालन करने से कोई समस्या नहीं है, लेकिन खुले स्थानों का इस्तेमाल करे, ये भी हमें स्वीकार्य नहीं है।"

नमाज विवाद पर हरियाणा के मुख्यमंत्री का बयान
गौरतलब हो कि, सार्वजनिक स्थलों पर नमाज को लेकर गुड़गांव में दो समुदायों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। मुस्लिम संगठनों की ओर से सरकार से शुक्रवार की नमाज को खुले में कराने की मांग की थी, हालांकि, सरकार ने इसे अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया और चेताया है कि खुले में नमाज पढ़ने की प्रथा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे पहले कई हिंदू संगठनों ने खुले में नमाज का विरोध किया।

गुरुग्राम में चला आ रहा दो समुदायों के बीच तनाव
दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ने पर तीन साल पहले, जिला प्रशासन ने गुड़गांव शहर में मुसलमानों के लिए शुक्रवार की नमाज अदा करने के लिए 37 स्थलों को नामित किया था, जिसके बाद कुछ हिंदू संगठनों द्वारा विरोध-प्रदर्शन किया गया। कुछ ही महीने पहले, एक संगठन ने खुले में नमाज अदा करने के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद पिछले कई हफ्तों से शुक्रवार को विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी मसले पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का बयान आया है।
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मुख्यमंत्री बोले- सरकार सौहार्द-पूर्ण समाधान निकालेगी
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि, राज्य सरकार अब एक सौहार्दपूर्ण समाधान निकालेगी। उन्होंने मुस्लिम संगठनों के लिए कहा कि, हम वक्फ बोर्ड को उनके स्थान को अतिक्रमण मुक्त करने में मदद करेंगे। इसके अलावा हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सार्वजनिक नमाज अस्थायी रूप से स्थगित कर दी है। सीएम खट्टर ने यह भी कहा कि जिला प्रशासन के कुछ स्थानों को खुले स्थानों पर पूजा करने के लिए आरक्षित करने के पूर्व के फैसले को वापस ले लिया गया है और राज्य सरकार अब इस मुद्दे का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालेगी।

कहा- सभी को प्रार्थना करने के लिए सुविधा मिले
दक्षिणपंथी संगठनों की आपत्तियों पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने गुड़गांव में कहा, "यहां (गुड़गांव) खुली जगहों पर नमाज अदा करने की प्रथा बर्दाश्त नहीं की जाएगी...।" खट्टर ने कहा, "सभी को (प्रार्थना करने के लिए) सुविधा मिलनी चाहिए, लेकिन किसी को भी दूसरों के अधिकारों का उल्लंघन नहीं करना चाहिए। इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी।"

बोले- इस तरह के कार्यक्रम खुले में नहीं होने चाहिए
खुले स्थानों पर नमाज के लिए कुछ स्थान निर्धारित करने के जिला प्रशासन के फैसले को वापस लेने पर उन्होंने कहा, "हमने पुलिस और उपायुक्त से कहा है कि इस मुद्दे को सुलझाना होगा... अगर कोई नमाज अदा करता है, किसी के स्थान पर पाठ करता है तो हमें उस पर कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा, "धार्मिक स्थल इसी मकसद से बनाए जाते हैं कि लोग वहां जाएं और पूजा-अर्चना करें। इस तरह के कार्यक्रम खुले में नहीं होने चाहिए।"

दो पक्षों के बीच टकराव नहीं होने देंगे
उन्होंने कहा, 'खुली जगहों पर नमाज पढ़कर टकराव से बचना चाहिए। हम टकराव (दो पक्षों के बीच) की इजाजत भी नहीं देंगे।'
मालूम हो कि, पिछले कुछ महीनों में, कुछ हिंदू संगठनों के सदस्य उन जगहों पर इकट्ठा हो रहे हैं, जहां मुस्लिम समुदाय खुले स्थान पर 'नमाज' करता है, और प्रदर्शनकारी वहां "भारत माता की जय" और "जय श्री राम" के नारे लगाते हैं।












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