मिडिल क्लास के लिये खुशखबरी फरीदाबाद में मिलेंगे सस्ते फ्लैट

मौजूदा नीति के तहत किसी भी परियोजना के लिए लाइसेंस दिया जाता है, उसे किसी भी हालत मंे एक सामान्य ग्रुप हाउसिंग कॉलोनी में नहीं बदला जा सकता और चाहे यह ग्रुप हाउसिंग परियोजना के लिए निर्धारित 20 फीसदी आवासीय सेक्टर के अंतर्गत आती हो या नहीं। इस परियोजना के तहत अपार्टमेंट की बिक्री कारपेट एरिया के आधार पर की जाएगी। इसका मतलब है कि लोगों को सिर्फ उसी एरिया के लिए भुगतन करना होगा, जिसका वे वास्तव में इस्तेमाल करेंगे।
हरियाणा सरकार के प्रयास
ऑरिक ग्रुप के निदेशक जितेश गुप्ता का कहना है कि हरियाणा सरकार के द्वारा लाई गई किफायती आवास नीति 2013 पॉलिसी के तहत अपार्टमेंट की कीमत 12 लाख से 26 लाख रुपये के बीच आएगी। उनके अनुसार इस पॉलिसी के तहत जो दो रूम सेट अपार्टमेंट 26 लाख रुपये से कम में मिल जाएगा, किसी दूसरे परियोजना में वह 40 लाख रुपये से 50 लाख रुपये के बीच में मिलेगा। आॅरिक ग्रुप ने हाल ही में जयपुर, राजस्थान में चार परियोजना का कार्य पूरा किया है। और ऑरिक विला, जयपुर प्रोजेक्ट के लिए इसे वर्ष 2012 के लिए बेस्ट डेब्यूट प्रोजेक्ट का अवार्ड मिला है।
इस परियोजना की एक खास बात यह है कि जहां अन्य परियोजनाओं के मामले में उपभोक्ता को सुपर क्षेत्रफल के आधार पर भुगतान करना पड़ता है जो कि कारपेट एरिया से 50 से 60 फीसदी अधिक होता है। इस नीति के तहत रियल इस्टेट बिल्डर लोगों से कारपेट एरिया के लिए सरकार द्वारा तय दर से ज्यादा कीमत नहीं ले सकते।
इस पॉलिसी के अनुसार अपार्टमेंट का कारपेट एरिया 28 वर्ग मीटर से 60 वर्ग मीटर की रेंज में होगा या 300 वर्ग फीट से 645 वर्ग फीट के बीच होगा। इस तरह के सभी परियोजनाओं को बिल्डिंग प्लान के अनुमोदन या पर्यावरण क्लियरेंस प्राप्त हो जाने के बाद, जो भी पहले मिले, चार वर्ष के अंदर पूरा करना जरूरी होगा। इस पॉलिसी के अनुसार अपार्टमेंट का एलॉटमेंट डिप्टी कमीश्नर, वरिष्ठ टाउन प्लानर, जिले के डीटीपी और बिल्डर के प्रतिनिधि की देखरेख में ड्रॉ के जरिये होगा।












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