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कोरोना के कहर के चलते दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भी बंद, नहीं हो रहीं बुकिंग

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अहमदाबाद. दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' भी कोरोना वायरस के कहर के कारण अकेली पड़ गई है। राज्य सरकार ने यहां आने वाले पर्यटकों के लिए बुकिंग रुकवा दी हैं। अब पर्यटकों को स्थिति सामान्य होने तक इंतजार करना होगा। सरदार पटेल ट्रस्ट (एसओयू) से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, जिन लोगों ने पहले ही टिकट बुक कर लिया है, उन्हें भी प्रतिमा और अन्य सुविधाओं तक पहुंचने की अनुमति नहीं होगी। यानी, आने वाले दिनों में पर्यटक दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा नहीं देख पाएंगे।

कोरोना के डर से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर 'संकट'

कोरोना के डर से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर 'संकट'

अधिकारी ने कहा, "हमने कोरोनोवायरस के खतरे और बाद में जारी सरकारी दिशानिर्देशों के कारण 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' की एंट्री के लिए होने वाली नई बुकिंग लेना बंद कर दिया है। निर्णय की समीक्षा इस महीने के अंत में की जाएगी।" हालांकि, उन्होंने आगे यह भी कहा कि, पहले से ही टिकट बुक कर चुके लोग अपनी निर्धारित डेट के अनुसार प्रतिमा देखने जा सकते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि आगंतुक अगले कुछ दिनों के लिए टिकट बुक कर लेंगे।

उद्घाटन के बाद पहली बार 2 हफ्ते से ज्यादा बंद रहेगी

उद्घाटन के बाद पहली बार 2 हफ्ते से ज्यादा बंद रहेगी

बता दें कि, वर्ष 2018 में उद्घाटन के बाद से यह पहली बार होगा कि 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' दो सप्ताह से अधिक समय तक बंद रहेगी। वैसे, कोरोना वायरस की विपदा से पहले यहां रोज हजारों की तादाद में टूरिस्ट्स आ रहे थे। उद्घाटन के बाद पहले सालभर में 27 लाख लोग स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचे। भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण (ASI) की रिपोर्ट के अनुसार, बीते फरवरी महीने में ही यहां रोजाना करीब 8,500 पर्यटक आ रहे थे। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के अनावरण के पहले 11 दिनों में 1,28,000 से अधिक पर्यटक पहुंचे थे। शुरुआती दिनों के दौरान वीकेंड पर लगभग 50,000 पर्यटक आए थे। रिपोर्ट बताती है कि अमेरिका में न्यूयॉर्क हार्बर पर लिबर्टी द्वीप पर 133 साल पुरानी 92 मीटर लंबी स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी को देखने के लिए लगभग 10,000 पर्यटक जाते हैं। वहीं, अक्टूबर में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने के लिए भी 10 हजार से ज्यादा लोग रोज आए।

हर रोज सरदार पटेल की मूर्ति पर 12 लाख खर्च हुए

हर रोज सरदार पटेल की मूर्ति पर 12 लाख खर्च हुए

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' के रख-रखाव में हर रोज 12 लाख रुपए खर्च हो थे। पर्यटकों के लिए इसके पास ही सफारी पार्क भी डेवलप किया गया। जहां चिड़ियाघर भी है, जिसे 1300 एकड़ जमीन पर तैयार किया गया है। बीते दिनों शेर, बाघ, तेंदुए, 12 प्रकार के हिरण और मृग, जिराफ, जेब्रा, गैंडे, बाइसन एवं अन्य विदेशी जानवर 17 देशों से यहां सफारी पार्क में लाए गए हैं।

1 नवंबर-2018 से खुली थी आम लोगों के लिए

1 नवंबर-2018 से खुली थी आम लोगों के लिए

लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की यह प्रतिमा (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) 597 फीट ऊंची है। दुनिया में यह सबसे ज्यादा ऊंची प्रतिमा है। पहले स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी का नाम चर्चित था, अब लोगों की जुबां पर 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' ज्यादा होती है। अक्टूबर-2018 में इसका अनावरण हुआ था। 1 नवंबर-2018 से यह आम लोगों के लिए खुली। और, जल्द ही यह गुजरात में टूरिज्म का सबसे बड़ा अट्रैक्शन बनकर उभरी।

पटेल के 143वें जन्मदिन के मौके पर हुआ था अनावरण

पटेल के 143वें जन्मदिन के मौके पर हुआ था अनावरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में 31 अक्टूबर को सरदार सरोवर डैम के निकट 'साधू बेट' स्थान पर इस मूर्ति का अनावरण किया। देश के प्रथम उप-प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री "लौह पुरूष" सरदार वल्‍लभ भाई पटेल की ये प्रतिमा उन्हीं के 143वें जन्मदिन के मौके पर पब्लिक को सौंपी गई।

2013 में काम शुरू हुआ, 33 महीने में बन गई

2013 में काम शुरू हुआ, 33 महीने में बन गई

31 अक्‍टूबर, 2013 के दिन इस प्रतिमा की रूपरेखा तैयार हुई. भारत की ही एक बहुराष्‍ट्रीय कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (Larsen and Tubro) ने सबसे कम बोली लगाकर इसके निर्माण कार्य व रखरखाव की जिम्‍मेदारी ली। 33 माह (लगभग ढाई साल) के कम समय में इस प्रतिमा का बुनियादी ढ़ांंचा बना, जो भी एक वर्ल्ड रिकॉर्ड रहा।

7 किलोमीटर दूर से नजर आ जाती है यह

7 किलोमीटर दूर से नजर आ जाती है यह

यह प्रतिमा 597 फीट ऊंची है, जो 7 किलोमीटर दूर से नजर आती है। यह इतनी विशाल है कि 30 फीट का तो चेहरा ही बनाया गया। इसमें 3डी टेक्नीक यूज की गई।

70 फीट लंबे हाथ हैं, पैरों की ऊंचाई 85 फीट

70 फीट लंबे हाथ हैं, पैरों की ऊंचाई 85 फीट

प्रतिमा के होंठ, आंखें और जैकेट के बटन 6 फीट के इंसान के कद जितने बड़े हैं। 70 फीट लंबे हाथ हैं, पैरों की ऊंचाई 85 फीट से ज्यादा है।

4 धातुओं के मिश्रण से बनी, 85% तांबा

4 धातुओं के मिश्रण से बनी, 85% तांबा

यह प्रतिमा 4 धातुओं के मिश्रण से बनी है, लेकिन सबसे ज्यादा 85% तांबा इस्तेमाल हुआ है। ऐसे में इसमें जंग लगने का भी डर नहीं है। एक लिफ्ट भी लगाई है, जिससे प्रतिमा के हृदय तक जा सकेंगे।

17 KM लंबे तट पर फैली फूलों की घाटी

17 KM लंबे तट पर फैली फूलों की घाटी

यहां से लोगों को सरदार सरोवर बांध के अलावा नर्मदा के 17 किमी लंबे तट पर फैली फूलों की घाटी का नजारा दिख सकता है। अपनी तरह की पहली और सबसे बड़ी प्रतिमा के लिए मटेरियल जुटाने पर भी बहुत मेहनत हुई।

6 लाख लोगों को लोहा-तांबा जुटाने में लगाया गया

6 लाख लोगों को लोहा-तांबा जुटाने में लगाया गया

जब ये तय हुआ कि सरदार पटेल की सबसे बड़ी प्रतिमा बनेगी तो सवाल ये था कि इतना लोहा कहां से जुटाएं? इसके लिए गुजरात सरकार ने "सरदार वल्‍लभ भाई पटेल राष्‍ट्रीय एकता ट्रस्‍ट" बनाया, जिसके तहत देशभर में 36 दफ्तर खुले और करीब 6 लाख लोगों को लोहा-तांबा इकट्ठा करने में लगा दिया गया।

5 हजार मैट्रिक टन लोहा किसानों से मिला

5 हजार मैट्रिक टन लोहा किसानों से मिला

किसानों से ही लगभग 5 हजार मैट्रिक टन लोहा दान में मिला। 57,00,000 किलो तो स्टील ही था। मटेरियल मिलते रहने पर इस मूर्ति को बनाने में 3400 मजदूरों, 250 इंजीनियरों ने कम से कम 42 महीने काम किया। लागत 2990 करोड़ रुपए आई।

पटेल से जुड़े 2000 दुर्लभ फोटो देख सकेंगे

पटेल से जुड़े 2000 दुर्लभ फोटो देख सकेंगे

यह प्रतिमा तैयार होने के साथ ही सरदार म्यूजियम भी बन रहा है। इस म्यूजियम में पटेल से जुड़े 40,000 दस्तावेज और उनके करीब 2000 दुर्लभ फोटो देख सकेंगे। अब चहुंओर इसी मूर्ति के चर्चे हो रहे हैं।

प्रतिमा के पास ही ये सुविधाएं भी हैं

प्रतिमा के पास ही ये सुविधाएं भी हैं

सरकार ने पर्यटकों को लुभाने के लिए कई नई सुविधाएं शुरू की हैं। हाल ही 5 किलोमीटर तक रिवर राफ्टिंग के अलावा बटरफ्लाई पार्क, जंगल सफारी पार्क और चिल्ड्रन न्यूट्रिशन पार्क आदि की सुविधा शुरू हुई। साथ ही गुजरात पर्यटन निगम पर्यटकों को रहने के लिए टेंट प्रदान करने लगा।

30 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स पर हुआ काम

30 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स पर हुआ काम

प्रतिमा बनने में ही 3000 करोड़ खर्च हो गए थे। मगर, अब भी यहां हजारों करोड़ खर्चेंगे। दुनिया का प्रतिष्ठ पर्यटन स्थल बनाने के लिए सरकार ने यहां 30 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स शुरू कराए हैं। यहां कई और गार्डन, रास्ते, होटल्स, सफारी पार्क एवं अन्य मनोरंजक पार्क स्थापित होने हैं। नर्मदा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसी तैयारियां हो गई हैं, आदिवासियों को अपनी जमीन छोड़ने ही होगी।

टाइम की टॉप—100 ग्रेट साइट्स में मिली जगह

टाइम की टॉप—100 ग्रेट साइट्स में मिली जगह

विगत महीने मशहूर अमेरिकी पत्रिका टाइम ने विश्व के महानतम स्थानों की सूची में 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' को भी शामिल किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जताते हुए इस पर ट्वीट भी किया था। बीते दिनों मोदी ने यह भी बताया कि रोजाना कितने पर्यटक 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' देखने आ रहे हैं।

दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा के दोनों पैरों में छेद कर 2.1 मीटर ऊंचे द्वार बनेंगे, पहली बार सफाई शुरूदुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा के दोनों पैरों में छेद कर 2.1 मीटर ऊंचे द्वार बनेंगे, पहली बार सफाई शुरू

English summary
world's tallest statue Statue of Unity closes in the wake of coronavirus scare
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