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VIDEO: गुजरात से पैदल ही घरों को निकले हजारों कामगार, रास्ते में पुलिस दे रही खाना-पानी

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अहमदाबाद. कोरोनावायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए देश में लगे 21 दिन के लॉकडाउन के वजह से ट्रांसपोर्ट व्यवस्था और काम-धंधे ठप हो चुके हैं। हजारों की तादाद में कामगार अपने घरों को लौट रहे हैं। मगर, उन्हें ट्रेन या बसें नहीं मिल रहीं। अन्य दूसरे वाहन भी बंद हैं। ऐसे में ज्यादातर कामगार पैदल ही अपने गांव-शहरों को वापस लौट रहे हैं। गुजरात में भी ऐसे हजारों लोग सड़कों पर नजर आए, जो कि मप्र, राजस्थान या यूपी से ताल्लुक रखते हैं। भूखे-प्यासे पैदल ही वे सैकड़ों किमी के सफर पर निकल पड़े हैं। कुछ लोग बाइकों से भी अपने गंतव्य स्थानों तक पहुंच रहे हैं। ऐसे लोगों की मदद के लिए पुलिस एवं कुछ समाज-कल्याण संस्थाएं आगे आई हैं।

राह चलते मजदूरों को भोजन-पानी उपलब्ध कराने में जुटी पुलिस

राह चलते मजदूरों को भोजन-पानी उपलब्ध कराने में जुटी पुलिस

संवाददाता के अनुसार, स्थानीय पुलिस ने मजदूरों एवं उनके साथ चल रहे बच्चे-बूढ़ों के लिए भोजन की व्यवस्था कर गांव तक पहुंचाने की जिम्मेदारी उठाई है। राज्य के कई इलाकों में पुलिस ने उन्हें भोजन-पानी उपलब्ध करवाया। साथ ही परिवहन की व्यवस्था का प्रयास जारी रहा। बुधवार को साबरकांठा जिले में हाईवे पर अपने बच्चों और सामान के साथ पैदल जाते हुए मजदूरों को देखा गया।

बच्चों को गोद में लिए दिन-रात चल रहे

बच्चों को गोद में लिए दिन-रात चल रहे

भयंकर गर्मी के कारण मजदूरों के चेहरे पर थकान साफ दिखाई दे रही थी। राजस्थान के मजदूर तेजभाई ने कहा, 'मैं अहमदाबाद के रानीप इलाके में काम कर रहा था। लॉकडाउन के कारण मालिक ने मुझे बस का किराया देकर वापस जाने को कह दिया। लेकिन सभी सार्वजनिक परिवहन बंद होने के कारण हमें परिवार समेत पैदल जाना पड़ रहा है।'

'मजदूरों ने गंभीर जोखिम लिया, लेकिन हम कोशिश कर रहे'

'मजदूरों ने गंभीर जोखिम लिया, लेकिन हम कोशिश कर रहे'

साबरकांठा पुलिस अधीक्षक चैतन्य मांडलिक ने कहा, 'इन मजदूरों ने गंभीर जोखिम लिया है, लेकिन उनके पास कोई विकल्प नहीं है। बहरहाल, हमने उनके लिए भोजन, बिस्किट और पानी उपलब्ध करवाया है। उनको राजस्थान के सिरोही, उदयपुर और डूंगरपुर में स्थित उनके गांवों तक पहुंचाने के लिए परिवहन की व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि इसके लिए कितना समय लगेगा यह कहना मुश्किल है।'

सूरत से 5 हजार लोग मोटरबाइकों पर निकले

सूरत से 5 हजार लोग मोटरबाइकों पर निकले

वहीं, सूरत प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा, बाहर के लोगों की 5,000 से अधिक मोटरसाइकिलें सूरत से रवाना हुई हैं। हीरा एवं अन्य क्षेत्रों के प्रवासी श्रमिक मोटरबाइकों पर जा रहे हैं, क्योंकि कारखाने बंद हैं।"

50,000 से ज्यादा कामगार घरों को रवाना हुए

50,000 से ज्यादा कामगार घरों को रवाना हुए

राज्यभर में से ऐसे 50,000 से अधिक श्रमिक (ज्यादातर प्रवासी मजदूर), गुजरात के गोधरा, दाहोद और मध्य प्रदेश के झाबुआ जिलों में अपने पैतृक गाँवों के लिए निकले हैं। हीरा फैक्ट्री में काम करने वाले लोगों में ज्यादातर राजस्थान और मध्य प्रदेश के हैं। दिहाड़ी मजदूरी करने वाले भी पैदल ही अपने-अपने घरों को निकल पड़े हैं।

500 रुपए दे-देकर घर भेज रहे मालिक

500 रुपए दे-देकर घर भेज रहे मालिक

लॉकडाउन के चलते कामगारों पर दोहरी आफत आन पड़ी है। इन परिवारों को खाना और पानी तक मिलना मुश्किल हो रहा है। एक तरफ अधिकतर मालिकों ने 500 रुपए देकर उन्हें चलता कर दिया, दूसरे उन्हें घर जाने के लिए वाहन नहीं मिल रहे। रास्ते के रेस्टोरेंट-दुकानें भी बंद हैं। ऐसे में भूख-प्यास से बुरा हाल हो गया है।

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English summary
Watch video: Thousands of migrant workers leave Gujarat’s cities on foot, Police help them
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