सरकार द्वारा आयुर्वेद में सर्जरी की मंजूरी देने से हजारों डॉक्टर हड़ताल पर, 1 हजार प्लांड ऑपरेशन टले- VIDEO
सूरत। आयुर्वेद के डॉक्टरों को सर्जरी करने की मंजूरी देने के केंद्र सरकार के निर्णय का गुजरात में बड़े पैमाने पर विरोध हो रहा है। यहां सूरत-अहमदाबाद समेत कई शहरों में एलोपैथिक डॉक्टर हड़ताल पर उतर आए हैं। अकेले सूरत के ही लगभग 3500 एलोपैथिक डॉक्टरों ने ओपीडी बंद रखी। इस कारण 1000 प्लांड ऑपरेशन टल गए। हालांकि, इस मर्तबा कोरोना के मरीजों का उपचार जारी रहा। इमरजेंसी केसेस वाले डॉक्टर्स भी काम पर लगे रहे।

संवाददाता ने बताया कि, प्रदर्शनकारियों द्वारा सूरत में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। वहीं, सूरत आईएमए के अध्यक्ष डॉ. हीरल शाह ने कहा कि साढ़े पांच साल की पढ़ाई के बाद एमबीबीएस होता है। फिर तीन साल पढ़ाई करने के बाद सर्जन बनते हैं। सरकार ने आयुर्वेद के डॉक्टरों को सर्जरी करने की छूट दे दी है, जो सरासर गलत है। हीरल बोले- ''हम आयुर्वेदिक साइंस का सम्मान करते हैं, लेकिन वे अपना काम करें हमें अपना काम करने दें। यह मरीजों के हित में होगा।''

वहीं, अन्य डॉक्टर्स ने चेतावनी दी कि, अगर सरकार हमारी बात नहीं मानती तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। वहीं, आयुष्मान भारत योजना की सलाहकार समिति के सदस्य वैद्य मुकुल पटेल ने बोलीं कि, एलोपैथी डॉक्टरों ने आयुर्वेद के डॉक्टरों को झोला छाप बोलकर सारी मर्यादा लांघ दी हैं। आयुर्वेदिक हमारी भारतीय संस्कृति है, यही हमारी पहचान भी है।












Click it and Unblock the Notifications