• search
गुजरात न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

स्कूल से घर लौटती किशोरी से पड़ोसी ने किया था रेप का प्रयास, 5 साल बाद 3 साल की कैद हुई

|

सूरत। गुजरात में सूरत के मांडवी तहसील में एक युवक ने अपने पड़ोस में रहने वाली छात्रा के साथ छेड़छाड़ की थी। उस युवक को अब कोर्ट ने दोषी करार देते हुए तीन साल की कैद और एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुना दी है। छेड़छाड़ की घटना 28 अक्टूबर, 2015 के दिन की है, जब 13 साल की किशोरी सहेली के साथ स्कूल से लौट रही थी।

Three Years Imprisonment For Molesting A 13-Year-Old girl student, a judgment by the court in case of Oct 2015

दो किशोरियों को रास्ते में देखकर उनके पड़ोस में रहने वाला युवक अनिल जीतू कोली पटेल मोटर साइकिल लिए करीब पहुंचा। उनसे कहा कि, मेरी मोटर साइकिल पर बैठ जाओ, घर की तरफ ही जा रहा हूं। इस तरह दोनों को लिफ्ट देने के बहाने अपनी मोटर साइकिल पर बैठा लिया। उसके बाद कुछ दूर जाकर उसने मोटर साइकिल एक खेत के पास रोकी। वहां उसने किशोरी की सहेली को सड़क किनारे खड़ी कर दिया और किशोरी को खेत में ले गया।

Three Years Imprisonment For Molesting A 13-Year-Old girl student, a judgment by the court in case of Oct 2015

2 बच्चों के बाप ने विवाहिता को जाल में फंसाया, अपने बहनोई से भी कराता था दुष्कर्म

किशोरी के साथ वह जोर-जबरदस्ती करने लगा। किसी तरह किशोरी उसे धक्का देकर वहां से इज्जत बचाकर भागी। घर पहुंचकर उसने अपने माता-पिता को सारी हकीकत बताई। किशोरी के पिता की शिकायत पर पुलिस ने आईपीसी की धारा-354 के तहत मामला दर्ज कर आरोपित युवक को गिरफ्तार कर लिया।

मेकअप आर्टिस्‍ट को शादी के झांसे देकर यौन शोषण करता था फिल्‍मों का डायरेक्टर, रिश्तेदार से भी रेप कराया

चार्जशीट पेश होने के बाद से मामले की सुनवाई सेशन कोर्ट में चल रही थी। सुनवाई के दौरान सहायक लोकभियोजक किशोर रेवलिया आरोपों को साबित करने में सफल रहे।

मैसेज कर-करके युवक करता था तंग, मां को बाथरूम में मृत मिली फैशन डिजाइनर

अब कोर्ट में इस मामले की अंतिम सुनवाई हुई, जहां कोर्ट ने अभियुक्त अनिल को दोषी माना और तीन साल की कैद तथा एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Three Years Imprisonment For Molesting A 13-Year-Old Teenager, a judgment by the court in case of Oct 2015
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more