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इसे कहते हैं लोग गुजरात का नियाग्रा, 250 फीट की उंचाई से गिरती है यहां गीरा नदी- PHOTOS

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डांग। आप देख रहे हैं गुजरात के डांग जिला स्थित गिरीमाल झरने की तस्वीरें। जिसे 'गीरा वाटरफॉल्स' कहा जाता है। यहां गीरा नदी का पानी करीब 250 फीट की ऊंचाई से गिरता है। जिसका बहाव गले के हार की तरह दिखता है। बाहर के पर्यटक इसे 'गुजरात का नियाग्रा' भी कहते हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि यह अमेरिका के नियाग्रा वॉट्सफॉल्स की तरह दिखता है। इन दिनों मानसूनी सीजन में भारी बारिश से दक्षिण गुजरात के नदी-नाले उफान पर हैं, तो पर्यटन स्थल हरे-भरे हो गए हैं।

नदी-नाले उफान पर, बह रहे झरने

नदी-नाले उफान पर, बह रहे झरने

यहां पर्यटकों का मानसूनी सीजन में आवागमन हो रहा है। सापुतारा और गीरा वॉटरफॉल्स यहां लोगों को खासा मोह रहे हैं। एक वनकर्मी रमेश पारेख ने बताया कि, डांग जिले के सुबीर गांव में शिंगडा से करीब 11 किलोमीटर और सतपुड़ा के जंगलों से 89 किमी दूर यह स्थान पांडवों की गुफा के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने बताया कि, राज्य में वघाई अंबापाड़ा के निकट डांग में गीरा के झरने बहते हैं। यह जगह इन दिनों पानी से लबालब है और हरियाली की वजह से हिल स्टेशन पर टूरिस्ट्स की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।

वाघई टाउन से 3KM है गीरा फॉल्स

वाघई टाउन से 3KM है गीरा फॉल्स

बता दें कि, गीरा फॉल्स गुजरात में डांग जिले के वाघई टाउन से लगभग 3 किमी की दूरी पड़ता है, जो कि कापरी नदी तले गिरता है और फिर पानी अंबिका नदी में चला जाता है। वघई से सापुतारा की दूरी करीब 2 किलोमीटर है। मानसून के बाद, दिसंबर तक इस झरने को देखने के लिए हजारों पर्यटक यहां आते हैं। वाहन झरने के पास नदी के किनारे तक जा सकते हैं।

फिर से जी उठी अंबिका नदी

फिर से जी उठी अंबिका नदी

इस झरने की वजह से ही अंबिका नदी तो फिर से जी उठी है। यह नदी गर्मियों में अक्सर सूख जाती है। अब नदी के किनारों पर चट्टानी पत्थरों पर तेज रफ्तार से बह रहे झरने से लगता है कि यहां की प्राकृतिक सुंदरता सदा ऐसी ही रहती होगी।

दूर से सुनाई दे रही पानी गिरने की आवाज

दूर से सुनाई दे रही पानी गिरने की आवाज

इन दिनों जबकि मानसून में अंबिका में बहुत पानी है, तो गीरा फॉल्स किसी साउथ इंडियन स्टेट के वॉटरफॉल्स जैसा अहसास दिला रहा है। पानी की आवाज कई किमी दूर से सुनाई दे रही है।

लोगों को झरने के नीचे जाने की मनाही

लोगों को झरने के नीचे जाने की मनाही

फॉल के नीचे गहराई होने के कारण अगर कोई पर्यटक नीचे जाता है तो डूबने का खतरा है। ऐसे में हिदायत दी गई हैं कि कोई भी पर्यटक नीचे पानी में उतर नहीं सकता है।

दक्षिण गुजरात में भारी बारिश से नदी-नाले उफान परदक्षिण गुजरात में भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर

बड़े शहरों से ऐसे पहुंच सकेंगे यहां

बड़े शहरों से ऐसे पहुंच सकेंगे यहां

यह झरना वाघई शहर के ज्यादा नजदीक है, जबकि यहां से अहमदाबाद की दूरी 409 किमी है। सूरत यहां से 164 किमी है और मुंबई 250 किमी। गुजरात का ही वडोदरा शहर यहां से 309 किमी दूर है। सड़क मार्ग से यहां पहुंचने के लिए आप वाघई और अहमदाबाद से राज्य परिवहन बसों या प्राईवेट लक्जरी कोच की सेवा ले सकते हैं।

राजमार्ग और एयरपोर्ट भी हैं जरिया

राजमार्ग और एयरपोर्ट भी हैं जरिया

यदि आप एक निजी कार से आ रहे हैं, तो राष्ट्रीय राजमार्ग से जल्दी पहुंच सकते हैं। लेकिन राज्य राजमार्ग एक आश्चर्यजनक सुंदर ड्राइव प्रदान करेगा। वडोदरा एयरपोर्ट भी यहां से 309 किमी है, यानी पहले वडोदरा पहुंचना होगा।

English summary
the beauty of Gira Falls Gujarat | gujarat tourism | Gira Waterfalls
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