तांत्रिक नवल सिंह चावड़ा की हिरासत में मौत, पुलिस सूत्रों के दावा सोडियम नाइट्राइट से की थी 12 लोगों की हत्या
Gujarat News: गुजरात में रविवार सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। जब हत्या की साजिश रचने और 12 लोगों की हत्या के आरोपी तांत्रिक नवलसिंह चावड़ा की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था। लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
चावड़ा को 3 दिसंबर की सुबह अहमदाबाद की सरखेज पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह किसी गुप्त अपराध को अंजाम देने की तैयारी कर रहा है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसकी गतिविधियों की जांच शुरू की। जिसमें मानव बलि और तांत्रिक अनुष्ठानों के भयानक पहलू उजागर हुए। उसे 10 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर रखा गया था। लेकिन जांच के पूरा होने से पहले ही उसकी मौत हो गई।

12 हत्याओं का कबूलनामा
पुलिस पूछताछ के दौरान चावड़ा ने 12 लोगों की हत्या की बात कबूल की। उसने अपने पीड़ितों को सोडियम नाइट्राइट नामक जहरीला रसायन पिलाकर उनकी जान ली। यह रसायन जिसे आमतौर पर ड्राई क्लीनिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है। 20 मिनट के भीतर दिल का दौरा पड़ने से मौत का कारण बन सकता है।
चावड़ा के अपराधों का दायरा अहमदाबाद, सुरेंद्रनगर, राजकोट, वांकानेर और अंजार जैसे शहरों तक फैला हुआ था। उसने सुरेंद्रनगर में छह लोगों, राजकोट में तीन और अन्य स्थानों पर एक-एक व्यक्ति की हत्या की। सुरेंद्रनगर में मारे गए लोगों में से तीन उसके करीबी रिश्तेदार थे।
आध्यात्मिक शक्तियों का भयावह दुरुपयोग
पुलिस के अनुसार, चावड़ा खुद को भुवाजी या पवित्र व्यक्ति बताता था और अपनी आध्यात्मिक शक्तियों के झूठे दावे करके लोगों को अपने जाल में फंसाता था। वह संपत्ति बढ़ाने और जादुई उपायों से समस्याएं हल करने के झूठे वादे करता था। डीसीपी शिवम वर्मा ने बताया कि चावड़ा ने लोगों के विश्वास का फायदा उठाकर इन जघन्य अपराधों को अंजाम दिया।
हत्या की साजिश और मौत के रहस्य
सरखेज पुलिस ने चावड़ा को 3 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। जब वह कथित तौर पर किसी हत्या को अंजाम देने की योजना बना रहा था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसकी गुप्त प्रथाओं और तांत्रिक गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही थी। लेकिन 10 दिसंबर को जब वह हिरासत में था। उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
चावड़ा की मौत ने पुलिस जांच को एक नई चुनौती में डाल दिया है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसकी मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।
मानव बलि और तांत्रिक अनुष्ठानों का खुलासा
चावड़ा के खिलाफ जांच ने मानव बलि और गुप्त तांत्रिक अनुष्ठानों के भयावह पहलू उजागर किए। उसकी मौत के बावजूद पुलिस उसके द्वारा किए गए अन्य अपराधों की जांच जारी रखेगी। इस मामले ने धार्मिक विश्वासों और अंधविश्वासों के नाम पर किए जा रहे घातक अपराधों को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
नवल सिंह चावड़ा का मामला अंधविश्वास और अपराध के खतरनाक मेल को दर्शाता है। उसकी मौत ने जांच को प्रभावित किया है। लेकिन पुलिस उसके पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह घटना समाज में अंधविश्वास और झूठे धार्मिक दावों के दुरुपयोग के खिलाफ सतर्कता बढ़ाने की जरूरत को रेखांकित करती है।












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