वडोदरा के किसान करते हैं बारहमासी आम की खेती, बगीचों में पेड़ों पर ऐसे लदी हुई है फलों की नई किस्म
वडोदरा। क्या आप जानते हैं कि देश के एक इलाके में इन दिनों भी पेड़ों पर आम लगते हैं? मानसूनी बरसात के सीजन में आम की खेती का किस्सा वाकई कुछ लोगों को चौंका देगा, लेकिन ऐसा सच में हो रहा है। गुजरात के वडोदरा जिले में कई गांवों के किसान आम की ऐसी किस्मों की खेती करते हैं...जो कि बारहमासी हैं। उनके बगीचे में पेड़ आमों से लदे हुए हैं। उन्हें वे पकाकर बाजार में पहुंचा भी रहे हैं। उनका आम विदेश तक बिकता है, जिसकी अच्छी कीमत मिलती है।

यहां मिलते हैं नई-नई किस्मों के आम
वडोदरा के एक किसान अजीत भाई ठाकुर ने बताया कि, इन दिनों उनके यहां आम की नई किस्मों के फल लग रहे हैं। उन्होंने कहा, "हमने अपने यहां नई-नई किस्मों के आम के कलम लगाए हैं। ऐसे कई पेड़ हैं..जिनकी हम 12 महीने खेती कर रहे हैं। दुनियाभर में आम वैसे गर्मियों में खाए जाते हैं...लेकिन हमारे ये आम आप इन दिनों भी खा सकते हैं। सर्दियों में ये आम कई शहरों की मंडियों में दिख जाएगा।"
अजीत ठाकुर ने कहा कि, 12 महीने वाले आम के हमारे पास 800-1000 पेड़ हैं। हमें बाज़ार में इनकी कीमत भी अच्छी मिलती है। इस तरह खेती से हमें खूब कमाई होती है।"
- अब आम के बारे में दिलचस्प बातें जानिए..

22 जुलाई को मनता है आम दिवस
देश में आम को फलों का राजा कहा जाता है। यह हमारे देश का राष्ट्रीय फल भी है। 22 जुलाई को हर साल यहां आम दिवस मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि आम की पैदावार सबसे पहले भारत, बर्मा (वर्तमान म्यांमार) और अंडमान द्वीप समूह में हुई थी।
"नेशनल मैंगो डे" कब से मनाया जा रहा है, इसके बारे में कोई ठोस जानकारी तो नहीं है, लेकिन इस फल को लगभग 5 हजार साल पहले उगाया गया था। इसका जिक्र भारतीय लोककथाओं एवं पुराणों में मिलता है। कहा जाता है कि, एक पूरा आम का बगीचा स्वयं बुद्ध को उपहार में दिया गया था।

आम को मैंगो क्यों कहते हैं?
आम का साइंटिफिक नाम ''Mangifera Indica'' है। उन्होंने कहा कि, आम को "मैंगो" कहे जाने के पीछे भी एक वजह है। दरअसल, "मैंगो" शब्द इंग्लिश और स्पेनिश भाषी देशों का है। जिसकी उत्पत्ति तीन भाषाओं से हुई है। पुर्तगाली शब्द मंगा, मलय शब्द 'मंगा' और तमिल शब्द 'मंगके' से मिलकर मैंगो बना है। हालांकि, इसमें सबसे ज्यादा मलय शब्द 'मंगा' से लिया गया है, जिसे पुर्तगालियों ने मसाला व्यापार के लिए 1498 में केरल पहुंचने पर इस्तेमाल किया था।

कितने वर्ष तक फल देते हैं आम के पेड़?
भावनगर के एक किसान अमित पारेख ने कहा, "आम के कुछ वृक्ष 4 साल के होने पर फल देते हैं। वहीं कुछ तो ऐसी किस्में भी आ गई हैं, जिन्हें खेत में लगाने के 5-6 महीनों के भीतर ही उन पर फूल आने लगता है। वैसे अधिकांश आम के पेड़ लगाने के बाद उसका पहला फल लगभग 4 साल के बाद आता है।" उन्होंने कहा, "आम के पेड़ 100 साल से भी ज्यादा समय तक सजीव रहते हैं। वे 300 सालों तक भी फल दे सकते हैं। आम के पेड़ के विभिन्न चिकित्सा लाभ भी हैं। इस पेड़ के अलग-अलग भागों का उपयोग कई बीमारियों के उपचार या निवारक उपायों के रूप में किया जा सकता है।

आपको क्यों खाने चाहिए आम?
आम सबसे स्वादिष्ट फलों में से एक है। फ्रूट एक्सपर्ट् प्रवीण झा बताते हैं कि, आम ब्लड-प्रेशर को ठीक रखता है। 3 से 4 आम में 70 कैलरी होता है। यदि 3-4 आम अगर आप डेली खाते हैं तो आपके शरीर को 50 फीसदी विटामिन सी, 8% विटामिन ए और बी मिल जाएंगे। उन्होंने कहा, "इस फल में लगभग 20 अलग-अलग विटामिन और खनिज होते हैं, इसलिए आप इसे एक सुपरफूड भी कह सकते हैं। इसकी बहुत सी किस्में हैं और उनका स्वाद अलग-अलग होता है।

किन देशों का राष्ट्रीय फल है आम?
आम तीन देशों का राष्ट्रीय फल और पेड़ है। इन दिनों में भारत, पाकिस्तान और फिलीपींस शामिल हैं। इन तीनों देशों का नेशनल ट्री भी आम का पेड़ है। वहीं, बांग्लादेश में भी नेशनल ट्री आम का पेड़ है।












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