गुजरात में मानसूनी बारिश का जोर, नदी-नाले उफने, कई बांधों में चली चादर, 10 हाई अलर्ट पर रखे गए
अहमदाबाद। मानसूनी बारिश से गुजरात के अधिकांश नदी-नाले पानी से भर चुके हैं। बांधों का जलस्तर भी इंच इंच बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, इस साल मौसम की राज्य में अब तक 36% बारिश हो चुकी है। यहां के प्रमुख 206 बांधों में जल संग्रह की स्थिति पर नजर डाली जाए तो बीते रोज सुबह तक 52 बांधों में क्षमता का 50% से ज्यादा जल संग्रह हो चुका था।5 बांधों में पानी की चादर चली हुई है और 10 को हाईअलर्ट पर रखा गया है। इतना ही नहीं, देश के सबसे बड़े बांधों में से एक सरदार सरोवर डैम में भी उसकी कैपेसिटी का 46.36% पानी संग्रहित हो चुका है। सरदार सरोवर डैम नर्मदा नदी पर स्थित है।
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देश का सबसे बड़ा नर्मदा-बांध आधा भरा
सरदार सरोवर डैम के प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक, डैम का जलस्तर फिलहाल 116.27 मीटर हो चुका है। जबकि, इसकी कैपेसिटी 138.68 मीटर की है। रविवार सुबह तक यह बांध अपनी कैपेसिटी का 46.36% भर गया था। अधिकारियों का कहना है कि, इस डैम में जल संग्रह की कुल क्षमता 9460 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) है। जिसमें फिलहाल 4385.23 एमसीएम संग्रह हो चुका है। इसी बांध से प्रदेश के लाखों किसानों को पानी पहुंचता है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में बिजली भी उत्पादित होती है।

10 बांधों को लेकर सरकार हाई अलर्ट पर
राज्य सरकार द्वारा 10 बांधों को वॉर्निंग के पैमाने पर रखा गया है। जिनमें उनकी कैपेसिटी का 70% से अधिक पानी भर चुका है। इनके साथ ही कुल मिलाकर 52 बांध ऐसे हैं, जिनमें कैपेसिटी का 50% से अधिक जल संग्रह हुआ है। हाई अलर्ट घोषित किए बांधों में 9 सौराष्ट्र के हैं, जबकि एक दक्षिण गुजरात का है। अधिकारियों का कहना है कि, 5 बांध क्षमता के मुकाबले पूरी तरह से (100%) भर गए हैं। इन बांधों में चादर चली हुई है। इनमें एक अमरेली जिले की राजूला तहसील का दांतरवाड़ी बांध है, दूसरा जामनगर जिले की कलावाड तहसील का फुलजर-1 है, तीसरा साबरकुंडला तहसील का सूरजवाड़ी, चौथा देवभूमि द्वारका की भाणवड तहसील का कबरका तथा पांचवा तापी जिले की सोनगढ़ तहसील का दोसवाड़ा बांध शामिल हैं।

207 बांधों में अब तक काफी जल संग्रह
राज्य सरकार की ओर से बताय गया है कि, अब गुजरात के बांधों में कुल जल संग्रह 47.59% हो चुका है। यहां प्रमुख 207 (नर्मदा बांध व अन्य छोटे-बड़े) बांधों में जल संग्रह की कुल क्षमता 25244.40 एमसीएम है। वहीं, रविवार की स्थिति में इन बांधों में कुल जल संग्रह 12014.96 एमसीएम हो गया है, जो 47.59% है। अधिकारियों ने बताया कि, उपरोक्त 5 के अलावा और 6 बांध भी अलर्ट पर रखे गए हैं। जिनमें 80% से अधिक और 90% से कम जल संग्रह हो चुका है। वहीं, 9 बांधों को वॉर्निंग के रूप में दर्शाया गया है। सरकार का कहना है कि, इनमें 70% से ज्यादा व 80% से कम पानी भरा हुआ हैं।

कच्छ के बांधों में जल संग्रह अभी काफी कम
गुजरात के कच्छ क्षेत्र में मौजूद बांधों की बात करें तो यहां के सभी प्रमुख 20 बांधों में फिलहाल औसतन 23.18% ही जल संग्रह हो पाया है, जो कि राज्य के अन्य भागों की तुलना में सबसे कम है। वहीं, दक्षिण गुजरात के जो 13 बांध हैं, उनमें क्षमता के मुकाबले 58.10% जल संग्रह हो चुका है, जो सर्वाधिक है। सरकारी पोर्टल के मुताबिक, वैसे सौराष्ट्र रीजन में सबसे अधिक 141 बांध हैं। इन बांधों में 40.90% जल संग्रह हुआ है। वहीं, मध्य गुजरात के 17 बांधों की बात की जाए तो उनमें 43.73% और उत्तर गुजरात के बांधों में 24.47% जल संग्रह हो गया है।












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