Gujarat Polls: भाजपा से क्यों नाराज हैं मालधारी समुदाय, जिसने BJP के खिलाफ वोट करने की दी है धमकी
Gujarat Polls:क्यों नाराज हैं मालधारी समुदाय, जिसने भाजपा के खिलाफ वोट करने की दी है धमकी
Gujarat Polls: गुजरात विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। पहले चरण के लिए मतदान 1 दिसंबर को होगा। गुजरात में पिछले 27 सालों से सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (BJP)अपनी पुन: वापसी के लिए चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक रही हैं, लेकिन गुजरात का पशुपालक मालधारी समुदाय ने भाजपा की धड़कने बढ़ा दी है। इसकी वजह है कि मालधारी समुदाय ने इस चुनाव में सत्तारुढ़ पार्टी भाजपा के खिलाफ वोट देने का ऐलान कर दिया है। आइए जानते हैं ये समुदाय भगवा पार्टी से क्यों है नाराज और इसके नाराज होने से भाजपा को क्या होगा नुकसान?

भाजपा के खिलाफ वोट डालने का किया है ऐलान
सितंबर माह में गुजरात के मालधारी समुदाय ने राज्य के मेहसाणा जिले में एक विशाल महापंचायत की थी जिसमें 50,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया था। इस महापंचायत ने इस समुदाय ने लोकतंत्र की ताकत दिखाने का संकल्प लेते हुए भाजपा के खिलाफ वोट डालने का आह्वान किया था।

भाजपा से क्यों नाराज है मालधारी समुदाय
मालधारी समुदाय के सदस्य गुजरात में भाजपा पर अपने सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार करने, उनकी लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है। समुदाय की कई लंबित मांगें हैं जिसे पूरा करने के लिए पिछले डेढ़ साल से समुदाय मांग कर रहा है लेकिन प्रदेश सरकार ने अनसुनी कर दी। इसी वजह से इस समुदाय ने 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट नहीं देने का फैसला किया है।

जानें इस समुदाय की क्या है डिमांड
गुजरात में मालधारी समुदाय की मांगों में बरदा और एलेच के क्षेत्रों में रहने वाले समुदाय के सदस्यों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने, समुदाय के सदस्यों के खिलाफ झूठे मामलों को वापस लेना और समुदाय के सदस्यों के लिए किसानों की स्थिति शामिल है। ये मांगे प्रदेश सरकार के सामने इस समुदाय के नेताओं ने लंबे समय पहले रखी थी लेकिन पूरी नहीं हुई।

समुदाय ने भाजपा को सबक सिखाने का बनाया है प्लान
समुदाय के एक प्रवक्ता नागजीभाई देसाई, जो कांग्रेस से भी जुड़े हुए हैं, ने दावा किया कि समुदाय ने पार्टी को सबक सिखाने के लिए भाजपा को वोट ना करने फैसला किया है। उन्होंने कहा सितंबर में हुई महापंचायत के दौरान रोडमैप तलाशने का फैसला किया गया था, इसलिए सदस्यों की कमेटी ने मामले को आगे बढ़ाते हुए बहिष्कार का आह्वान करने का फैसला किया है।

मालधारी समुदाय के वोट ना देने से भाजपा को क्या होगा नुकसान ?
बता दें मालधारी समुदाय गुजरात की 40 से 45 सीटों पर पकड़ रखती है और इस समुदाय के लोग इन सीटों पर वर्चस्व के कारण किंगमेकर होने का भी दावा करते हैं। ये पहली बार नहीं है जब ये समुदाय भाजपा का विरोध कर रहा है। जब गुजरात के शहरी क्षेत्रों के लिए आवारा पशु नियंत्रण विधेयक पारित किया गया था तभी भी इस समुदाय ने विरोध किया था और 50 हजार लोगों को जुटा एक महापंचायत की थी जिसके बाद पुर्नविचार करने के बाद विधानसभा ने ये विधेयक वापस ले लिया था। इस समुदाय के वोटरों की बड़ी संख्या है इसलिए इनका इस चुनाव में बहिष्कार भाजपा का सिर दर्द बढ़ा दिया है।

गुजरात का मालधारी समुदाय
गुजरात में मालधारी समुदाय आदिवासी चरवाहों का समुदाय से ताल्लुक रखता है। खानाबदोश ये समुदाया गुजरात के जूनागढ़ जिले मुख्य रूप से गिर वन में बस गया था जिसके बाद इन्हें मालधारी समुदाय मिल गया। मालधारी व्यावसायिक शब्द है जो कई जातियों और लोगों को रिप्रेजेंट करता है। ये समुदाय मुख्यत: पशुपालन और दूध व्यवसाय में हैं।












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