Alpesh Thakor का दावा- Gujarat Elections में कांग्रेस जमीन खो चुकी है, जनाधार नहीं
Alpesh Thakor Gujarat Elections में भाजपा के पक्ष में जनाधार और मजबूत कर सकते हैं। कभी कांग्रेस में रहे अल्पेश ने दावा किया, गुजरात में कांग्रेस जमीन खो चुकी है, उसका पास जनाधार नहीं है। Gujarat assembly elections Alpesh
Alpesh Thakor Gujarat Assembly Elections में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए उल्लेखनीय भूमिका निभा सकते हैं। कभी राहुल गांधी के करीबी कांग्रेस नेता रहे अल्पेश ठाकोर अब भाजपा के पक्ष में समर्थन जुटाने में जुटे हैं। भाजपा ने गुजरात विधानसभा चुनाव में गांधीनगर दक्षिण सीट से अल्पेश ठाकोर को मैदान में उतारा है। बीजेपी ने चुनाव में 150 से अधिक सीटों पर जीत का भरोसा जताया है। अल्पेश का दावा है कि गुजरात में कांग्रेस अपनी जमीन खो चुकी है और उसके पास जनाधार नहीं है। बता दें कि गुजरात विधानसभा चुनाव 1 और 5 दिसंबर को होने हैं। वोटों की गिनती 8 दिसंबर को होगी।

अल्पेश ठाकोर कांग्रेस के साथ 2019 तक रहे
भाजपा नेता अल्पेश ठाकेर 2019 से पहले कांग्रेस में थे। उन्होंने पिछली पार्टी को यह कहते हुए आड़े हाथों लिया कि राज्य में इसकी जमीन खो गई है और इसके किसी भी नेता के पास जनाधार नहीं है। बता दें कि 2017 के चुनावों के दौरान गुजरात में भाजपा विरोधी आंदोलन के चेहरों में से एक रहे अल्पेश ठाकोर ने 2017 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी, लेकिन 2019 के उपचुनाव में अपनी राधनपुर सीट हार गए।

भाजपा ने अल्पेश ठाकोर पर दांव लगाया
2019 में भाजपा में शामिल हुए अल्पेश ठाकोर गांधीनगर दक्षिण से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में गुरुवार (17 नवंबर) को नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। 14 नवंबर को जारी भाजपा उम्मीदवारों की चौथी सूची में अल्पेश ठाकोर के नाम की घोषणा की गई थी।

150 से अधिक सीट जीतने का दावा
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को अल्पेश ठाकोर ने कहा, "गुजरात चुनाव हमारे लिए कोई चुनौती नहीं है। यहां अतीत में भी कमल जीता है और कमल भविष्य में जीतेगा। भाजपा 150 से अधिक सीटें जीतेगी और यहां सरकार बनाएगी। गांधीनगर और अहमदाबाद में भी हम जीतेंगे।"

कांग्रेस के पास कोई जनाधार नहीं
उन्होंने कहा, जो लोग कहते हैं कि कांग्रेस चुपचाप काम कर रही है, उन्हें पता होना चाहिए कि वे गुमराह कर रहे हैं। कांग्रेस का कोई आधार नहीं है, इसके नेता आपस में लड़ रहे हैं और वे हार गए हैं। इसलिए आम आदमी पार्टी की चर्चा हो रही है। तीन साल पहले तक कांग्रेस नेता के रूप में भाजपा का मुखर विरोध करने वाले अल्पेश ठाकोर ने कहा, कांग्रेस नेता कोई काम नहीं कर रहे हैं, उनकी सियासी पहचान नष्ट हो चुकी है। उनके पास जनाधार नहीं है।

भाजपा को जीत क्यों मिलेगी ?
गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 में अपनी जीत का भरोसा जताते हुए भाजपा नेता अल्पेश ठाकोर ने कहा कि उनके सामने गुजरात में कोई राजनीतिक चुनौती नहीं है।
उन्होंने दावा किया, "मैंने यहां के लोगों का दिल जीत लिया है। भाजपा कार्यकर्ताओं को मुझ पर पूरा भरोसा है। मुझे यहां कोई चुनौती नहीं है।"

अल्पेश ठाकोर और ओबीसी फैक्टर
गुजरात में भाजपा और खुद उनकी जीत के फैक्टर्स पर अल्पेश ठाकोर ने कहा, "मैंने बुनियादी ढांचे, स्टार्टअप और अन्य के क्षेत्र में बहुत कुछ करने के बारे में सोचा है।" एक बार फिर जीतने के बाद हम अपना काम जारी रखेंगे।' ANI की रिपोर्ट में सूत्रों के मुताबिक कहा गया कि अल्पेश को ओबीसी चेहरे के रूप में देखा जा रहा है और इस समुदाय के लोगों को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। ऐसे में कांग्रेस विधायक रह चुके अल्पेश अब कांग्रेस के वोटबैंक में सेंधमारी के लिए भाजपा के लिए ट्रंप कार्ड का काम कर सकते हैं।

गुजरात में ओबीसी नीति पर अल्पेश का रूख
ओबीसी फैक्टर और उनके हित में काम के बारे में अल्पेश ठाकोर ने कहा, ओबीसी समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए वह हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा, "ओबीसी के लिए जो नीतियां हैं, मैं उन्हें लागू करने की कोशिश करूंगा। मैं गुजरातियों के कल्याण की बात करता हूं। मेरा प्रयास यह सुनिश्चित करना होगा कि ओबीसी समुदाय के अधिकारों का ख्याल रखा जाए। अल्पेश का आक्रामक रूख और कांग्रेस की कमजोरियों से वाकिफ होना बीजेपी के हित में काम कर सकता है।

किन नेताओं पर भाजपा का दांव
गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 के लिए बुधवार को भी उम्मीदवारों की सूची जारी की। पांचवीं सूची में, पार्टी ने गुजरात चुनाव के दूसरे चरण के लिए तीन उम्मीदवारों की घोषणा की है। बीजेपी ने खेरालू सीट से सरदारसिंह चौधरी और मनसा से जयतिभाई पटेल को मैदान में उतारा है. वहीं महेंद्रभाई भाबोर को गरबाड़ा (एससी) से टिकट दिया गया है। अल्पेश के दावों को सही माना जाए तो इन सीटों पर कांग्रेस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।

भारत जोड़ो यात्रा और गुजरात चुनाव
अगर कांग्रेस पार्टी 2017 जैसा कड़ा मुकाबला या भारत जोड़ो यात्रा के नाम पर मिल रहे कथित समर्थन को गुजरात में भी भुनाने की मंशा रखती है तो भी गुजरात में यात्रा न करना बड़ा फैक्टर बन सकता है। भाजपा उम्मीदवारों की सूची देखते हुए कहा जा सकता है कि एक बार फिर कांग्रेस को लोहे के चने चबाने पड़ेंगे।

गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष की कड़ी परीक्षा
गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष जगदीश ठाकोर की भी कड़ी परीक्षा होने वाली है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक ओर जहां राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कमान संभाली है तो दूसरी ओर राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के तहत भाजपा के खिलाफ जनाधार तैयार करने के प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में भले ही राहुल पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह के प्रदेश में न पहुंचे हों, लेकिन कांग्रेस पार्टी के पांच साल पुराने प्रदर्शन से भी खराब परफॉर्मेंस जगदीश ठाकोर के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है।

क्या सोनिया और खड़गे गुजरात जीतेंगे ?
अल्पेश ठाकोर के दावों के मद्देनजर एक सवाल ये भी पूछा जा सकता है कि क्या लंबे समय बाद पूर्णकालिक अध्यक्ष और गांधी परिवार से बाहर का राष्ट्रीय अध्यक्ष कांग्रेस का कायाकल्प कर सकता है ? संभवत: इस सवाल का जवाब गुजरात और हिमाचल चुनाव के बाद मिलेगा। इसके संकेत भी मिलेंगे कि कांग्रेस संगठन के तौर पर कितना बेहतर बनेगी।

बीजेपी उम्मीदवारों पर एक नजर
इससे पहले सोमवार को भी बीजेपी ने गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए 12 उम्मीदवारों की चौथी सूची जारी की थी। चौथी सूची में दो महिला उम्मीदवारों के नाम भी शामिल रहे। जिस सीट से अल्पेश ठाकोर उपचुनाव हारे थे, उस राधनपुर सीट से भाजपा ने लविंगजी ठाकोर को उतारा है। हिम्मतनगर से वीजे झाला को टिकट दिया गया है। भाजपा ने पाटन से राजुलबेन देसाई और गांधीनगर उत्तर विधानसभा सीट से रीताबेन पटेल को मैदान में उतारा है। इसके अलावा बाबू सिंह जाधव वटवा सीट से चुनाव लड़ेंगे।












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