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CM बोले- गुजरात में 2022 शुरू होने से पहले ही AIIMS स्थापित हो जाएगा, जानिए अब तक क्या-क्या हुआ

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राजकोट। गुजरात का पहला अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) वर्ष 2022 से पहले ही राजकोट में स्थापित हो जाएगा। यह दावा खुद मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने किया है। रूपाणी बोले कि, हमारे गृहनगर राजकोट में एम्स की स्थापना की तैयारी काफी तेजी से चल रही हैं। राजकोट ही सौराष्ट्र का केंद्र बिंदु है। ऐसे में सौराष्ट्र के अन्य जिलों के लोग भी यहां उपचार के लिए आते हैं। एम्स के कारण राजकोट सहित समूचे सौराष्ट्र में श्रेष्ठ स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही सुलभ होंगी।

एम्स को लेकर भिड़े थे राज्य के दो जिले

एम्स को लेकर भिड़े थे राज्य के दो जिले

ज्ञातव्य है कि, गुजरात में एम्स की स्थापना को लेकर विवाद हो गया था। यहां एम्स किस शहर को मिले इस मुद्दे पर राजकोट ओर वडोदरा के बीच बहस छिड़ गई थी। दोनेां के सांसद व विधायक अपने-अपने यहां एम्स शुरू कराना चाहते थे। तब मुख्यमंत्री रूपाणी ने कहा था कि, "एम्स कहां और किसको देनी है, इसका फैसला गुजरात सरकार नहीं, बल्कि केन्द्र सरकार करती है। आपकी जो चिंता है, वह मैं बस ऊपर तक पहुंचा दूंगा।"

वडोदरा को नहीं, राजकोट को मिला

वडोदरा को नहीं, राजकोट को मिला

अंतत: वर्ष 2019 की शुरूआत में केंद्र सरकार के दल ने जानकारी दी कि, एम्स की स्थापना राजकोट में की जाएगी। राजकोट को एम्स के लिए चुने जाने के पीछे बड़ी वजह गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल बताए गए, जो कि स्वास्थ्य मंत्री भी हैं। उन्होंने ही अपने ब्रीफिंग में कहा कि केंद्र सरकार ने एम्स राजकोट में देने का फैसला लिया है।

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इस एम्स में 800 से 1,000 बेड होंगे

इस एम्स में 800 से 1,000 बेड होंगे

राजकोट को एम्स मिलने की जानकारी देते हुए नितिन पटेल ने कहा था, ''राजकोट की भूमि (खंडेरी स्टेडियम के पास) जो पहले से ही पहचानी जाती है, वहाँ राजकोट के जिला कलेक्टर द्वारा कार्यवाही और एम्स के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी। गुजरात के एम्स में 800 से 1,000 बेड का अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की सुविधा होगी। एम्स का निर्माण चार साल में संपन्न होगा।

हर दिन 15 हजार मरीजों को उपचार मिलेगा

हर दिन 15 हजार मरीजों को उपचार मिलेगा

एम्स की अहमियत इसी से समझी जा सकती है कि, 1200 करोड़ की इस परियोजना से हर दिन औसतन 1500 मरीजों को चिकित्सा सुविधा मिलेगी। एक अन्य बात यह पता चली है कि, भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के एम्स डिवीजन के निर्देशक ने 31 दिसंबर 2018 को गुजरात के स्वास्थ्य विभाग को एक मेल किया था। इस मेल में कहा गया था कि सूबे में नया एम्स राजकोट को मिलना चाहिए। जिसके लिए गुजरात सरकार ने पहले से ही खंडेरी स्टेडियम के पास भूमि चिन्हित कर ली।

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सौराष्ट्र कैंसर अस्पताल का भी जिक्र

सौराष्ट्र कैंसर अस्पताल का भी जिक्र

बीते रोज मुख्यमंत्री रूपाणी ने सौराष्ट्र कैंसर अस्पताल को लेकर भी बात की। कहा कि, ''लोगों को कैंसर जैसे जटिल रोग की उपचार सुविधा सरलता से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सौराष्ट्र कैंसर अस्पताल में अत्याधुनिक उपचार सुविधा की मशीनें स्थापित की गई हैं।

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English summary
CM Vijay Rupani Says- Gujarat will have it's first All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) before 2022
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