गांव में घुस आया तगड़ा मगरमच्छ, रस्सियों से मुंह बांधकर पकड़ा, नापा तो 13.5 फीट बैठी लंबाई

वडोदरा। गुजरात में मगरमच्छों के लिए प्रसिद्ध विश्वामित्री नदी से से सटे वडोदरा जिले में मगरमच्छों का आए रोज इंसानों से सामना होता रहता है। एक विशालकाय मगरमच्छ ज़िले के कोटंबी गांव में चला आया। लोगों ने उसे देखा तो वाइल्डलाइफ-वर्कर्स को कॉल किया। कुछ देर बाद उनकी टीम आ पहुंची। ग्रामीणों की मदद से टीम ने मगरमच्छ को पकड़ा। उसके बाद मगर की लंबाई मापी तो वह साढ़े 13 फीट लंबा बैठा। उन्होंने उसे पिंजरे में डाल लिया।

वडोदरा के कोटंबी गांव की घटना

वडोदरा के कोटंबी गांव की घटना

वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम के हेमंत ने कहा, "हमें कोटंबी गांव में मगरमच्छ के चले आने की सूचना मिली थी। हमारी टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। वहां से हमने मगरमच्छ का 2 घंटे तक रेस्क्यू कर उसे पिंजरे में डाल लिया। बाद में उसे वन विभाग को सौंपा दिया गया।"

चिंता का सबब बने ये जलीय जीव

चिंता का सबब बने ये जलीय जीव

स्थानीय लोगों ने बताया कि, हमारे यहां विश्वामित्री नदी जो है, वो मगरमच्छों की भारी संख्या के लिए जानी जाती है। जब नर्मदा में बाढ़ के चलते विश्वामित्री का जलस्तर काफी बढ़ जाता है और या भारी बारिश के चलते पानी निचले इलाकों तक पहुंचता है, तो पानी के साथ ही मगरमच्छ रिहायशी इलाकों तक पहुंच जाते हैं। मगरमच्छ इस साल भी चिंता का सबब बने। लगातार हुई वर्षा के चलते यहां विश्वामित्री नदी से कीड़े-मकोड़े खासकर मगरमच्छ घर-चौबारों में चले आए। इसमें ज्यादा चिंता की बात इसलिए है कि, क्योंकि विश्वामित्री वडोदरा शहर के बीचों-बीच बहती है।

यहां मिलते हैं 10 फीट से भी ज्यादा लंबे मगरमच्छ

यहां मिलते हैं 10 फीट से भी ज्यादा लंबे मगरमच्छ

वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, विश्वामित्री नदी में 10 फीट से भी ज्यादा लंबे मगरमच्छ पाए जाते हैं। जब 2019 की भारी बारिश के दरम्यान शहरभर में जलभराव हो गया था, तो बड़ी संख्या में मगरमच्छ रिहायशी इलाकों में नजर आने लगे। फिर उन्हें रेस्क्यू कर-करके पकड़ा गया और वापस विश्वामित्री में छोड़ा गया। आरएफओ (तत्कालीन) निधि दवे ने बताया था कि 2019 के मानसूनी सीजन में जुलाई से 22 सितंबर तक 76 मगरमच्छ पकड़े गए। जिनमें से 41 मगरमच्छों को 16 अगस्त के बाद पकड़ा गया। यह संख्या देश के किसी भी शहर के मुकाबले ज्यादा थी। इतने मगरमच्छ किसी और शहर में घुसने की खबरें नहीं आईं। यानी, यहां बड़ी संख्या में मगरमच्छ रहते हैं।'

2019 में आई थी ज्यादा आफत

2019 में आई थी ज्यादा आफत

वर्ष 2019 की बारिश के दौरान जब आधे से ज्यादा शहर पानी की चपेट में था और कई जगह छतों तक भर गया था, तब गले तक की मुसीबत के माहौल में उससे भी बड़ी आफत लोगों के लिए मगरमच्छ बन गए थे। बाढ़ से जूझते वडोदरा में मगरमच्छ शहरभर में रेंगते दिखाई देने लगे थे। वे गली-मोहल्लों में पानी के बहाव के साथ ही आ घुसे। गाय-कुत्तों पर हमला करने लगे। तब मगरमच्छों द्वारा इंसानों एवं पालतू पशुओं पर हमले के बहुत से वीडियो वायरल हुए।

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