Indian Railway: पूर्वांचल में बिछेगा रेल लाइनों का जाल,कम होगी बनारस की दूरी
पूर्वांचल व आस-पास के रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही सहजनवा-दोहरीघाट रेल लाइन निर्माण का कार्य पूरा हो जाएगा। सहजनवा-दोहरीघाट रेल लाइन के लिए कार्यदायी संस्था ने लिडार (लाइट डिटेक्शन एण्ड रेजिंग) सर्वे पूरा क
गोरखपुर,31अगस्त: पूर्वांचल व आस-पास के रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही सहजनवा-दोहरीघाट रेल लाइन निर्माण का कार्य पूरा हो जाएगा। सहजनवा-दोहरीघाट रेल लाइन के लिए कार्यदायी संस्था ने लिडार (लाइट डिटेक्शन एण्ड रेजिंग) सर्वे पूरा कर लिया है। इस रूट पर 11 बड़े और 47 छोटे पुल व 12 स्टेशन बनाए जाएंगे। इस परियोजना पर 1320 करोड़ रुपये खर्च होंगे। काम तेजी से हो इसके लिए रेलवे बोर्ड ने 120 करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया है।इसके निर्माण के बाद गोरखपुर से बनारस की दूरी 30 किमी कम हो जाएगी।इसके साथ ही पूर्वांचल के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

लिडार सर्वे लिडार सर्वे के जरिए यह पता लगाया गया है कि सहजनवा से दोहरीघाट तक कितनी मिट्टी लगेगी और ट्रैक के किनारों पर कितनी गिट्टी लगेगी। साथ ही रास्ते में कितने कर्व आएंगे, इसका भी अंदाजा मिला है। लिडार सर्वे के बाद डिजाइनिंग का काम शुरू कर दिया गया है।दूसरी ओर जमीन का अधिग्रहण की प्रक्रिया भी बीते दो महीने से चल रही है। ऐसे में दोनों काम पूरा होते ही लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इस रेल लाइन के लिए 535 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।
बनेंगे ओवरब्रिज लिडार सर्वे के बाद 11 बड़े और 47 बड़े पुल बनाने की रूपरेखा तैयार हुई है। घाघरा व आमी नदी पर बड़े पुल बनाए जाने हैं। इसमें एक सबसे अधिक महत्वपूर्ण पुल घाघरा नदी के ऊपर बनेगा जो दोहरीघाट और बड़हलगंज के बीच होगा। इसके साथ ही 10 अन्य बड़े पुल आमी और अन्य छोटे-छोटे तालाबों-पोखरों पर बनाए जाएंगे। इस रेल लाइन पर दो रेल ओवरब्रिज भी बनेंगे। इस लाइन पर ट्रेनें 12 स्टेशनों से होकर गुजरेंगी। इनमें से चार हाल्ट स्टेशन होंगे। इसमें सात क्रॉसिंग स्टेशन भी बनेंगे। इन सब का खाका तैयार कर लिया गया है।
आर्थिक व सामाजिक विकास को मिलेगी गति इस रेल लाइन से बिछ जाने से एक तरफ जहां यात्रियों का आवागमन सुगम होगा।वहीं दूसरी ओर पूर्वांचल में आर्थिक व सामाजिक विकास को गति मिलेगी। गोरखपुर से वाराणसी की दूरी कम हो जाएगी। गोरखपुर से दोहरीघाट होते हुए वाराणसी, प्रयागराज और लखनऊ के लिए भी ट्रेनें चलने लगेंगी। यह रेल लाइन सहजनवा में बाराबंकी-गोरखपुर-छपरा मेन लाइन में मिल जाएगी। दोहरीघाट से इंदारा होते हुए मऊ और वाराणसी रेलमार्ग से भी यह जुड़ जाएगा।
चार साल में पूरी होगी योजना 1320.75 करोड़ की लागत से यह महत्वाकांक्षी योजना लगभग चार साल में पूरी हो जाएगी। समय बढ़ने के साथ लागत भी बढ़ जाएगी। प्राथमिक कार्यों के लिए रेल मंत्रालय ने 120 करोड़ रुपये अवमुक्त कर दिया है। 17 दिसंबर 2019 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में सहजनवा- दोहरीघाट नई रेल लाइन को स्वीकृति दी गई थी। कैबिनेट ने 1320 करोड़ का बजट भी स्वीकृत कर दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है।सहजनवा-दोहरीघाट नई रेल लाइन गोरखपुर और मऊ जिले के 111 गांवों से होकर गुजरेगी। गोरखपुर के 104 गांवों के भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। रेल लाइन बिछाने के लिए इन गांवों की 359 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। पूर्वोत्तर रेलवे ने जिला प्रशासन को चिन्हित भूमि का अभिलेख सौंप दिया है। भूमि की स्क्रूटनी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
यहां से गुजरेगी रेल लाइन कैबिनेट की बैठक में सहजनवा- दोहरीघाट नई रेल लाइन को स्वीकृति दी गई थी। कैबिनेट ने 1320 करोड़ का बजट भी स्वीकृत कर दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है।सहजनवा-दोहरीघाट नई रेल लाइन गोरखपुर और मऊ जिले के 111 गांवों से होकर गुजरेगी। गोरखपुर के 104 गांवों के भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। रेल लाइन बिछाने के लिए इन गांवों की 359 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। पूर्वोत्तर रेलवे ने जिला प्रशासन को चिन्हित भूमि का अभिलेख सौंप दिया है। भूमि की स्क्रूटनी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओं पंकज कुमार सिंह ने बताया कि सहजनवा-दोहरीघाट नई लाइन परियोजना के अंतर्गत लिडार सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है। आवश्यक एलाइनमेंट प्लान, यार्ड प्लान, ब्रिज प्लान तथा क्वांटिटी गणना का कार्य चल रहा है।












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