International tiger day : जल्द अस्तित्व में आएगा रानीपुर टाइगर रिजर्व - योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश वन एंव वन्य जीव विभाग द्वारा 29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर गोरखपुर में पहली बार बाघ संरक्षण पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वर्चुअल रुप से
गोरखपुर,29 जुलाई: उत्तर प्रदेश वन एंव वन्य जीव विभाग द्वारा 29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर गोरखपुर में पहली बार बाघ संरक्षण पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वर्चुअल रुप से शामिल हुए। अतिथि वन एवं पर्यावरण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना रहे।प्रसिद्ध अभिनेता रणदीप हुडा व सांसद रवि किशन ने भी उपस्थित लोगों से बाघ संरक्षण को लेकर वचुअली अपील की। इस कार्यक्रम में भारत-नेपाल मैत्री का रंग देखने को मिला।नेपाल स्थित वरदहिया टाइगर रिजर्व की टीम ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।सभी ने बाघ संरक्षण को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए।

जल्द अस्तित्व में आएगा रानीपुर टाइगर रिजर्व
वर्चुअल रुप से कार्यक्रम में जुड़े उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बिना वन के बाघ का वध हो जाता है और बिना बाघ के वन काट दिए जाते हैं।इसलिए बाघ को चाहिए वन की रक्षा करें और वन को चाहिए अपने अंदर बाघ को संरक्षित करें।वन संरक्षण में बाघ की भूमिका के तहत वर्ष 1973 में इसे राष्ट्रीय पशु घोषित करते हुए प्रोजेक्ट टाइगर प्रारंभ किया गया ।सेंट पीट्सबर्ग में आयोजित सम्मेलन में दुनिया के बाघों को 2022 तक दो गुना करने का निर्णय लिया गया।यह हमारे लिए प्रसन्नता का विषय है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में समय से पूर्व अपने लक्ष्य को प्राप्त किया। प्रदेश के पीलीभीत रिजर्व में बाघों की प्रारंभिक संख्या 25 से बढ़कर 67 हो गयी है। जिसके लिए इसे अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।प्रदेश में इनकी संख्या में वृद्धि हुई है। वर्ष 2006 में बाघों की संख्या 106 थी। जो वर्ष 2018 में 173 हो गई।2022 में और वृद्धि संभव है।वर्तमान में दुधवा,पीलीभीत व कार्बेट टाइगर रिजर्व में बफर क्षेत्र अपना सहयोग दे रहे हैं।बहुत शीघ्र इस श्रृखंला में रानीपुर टाइगर रिजर्व भी अस्तिव में आने जा रहा है।
बोले पर्यावरण मंत्री
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यावरण मंत्री अरुण सक्सेना ने कहा कि बाघ के लिए जंगल और जंगल के लिए बाघ का रहना जरुरी है।पर्यावरण संतुलन के लिए यह आवश्यक है।बाघ जब जंगल में रहेंगे तो वन नहीं कटेंगे और पर्यावरण का संतुलन बना रहेगा। टाइगर तभी अटैक करता है जब उसे परेशानी होती है। जंगल के बाहर तभी आते है जब उन्हें हैबिटेट या भोजन नहीं मिलता है।हम सभी को बाघ का संरक्षण में सहयोग करना चाहिए।
रवि किशन व रणदीप हुडा ने की अपील
कार्यक्रम में वर्चुअल रुप से जुड़े सांसद रवि किशन व अभिनेता रणदीप हुडा ने सभी को बाघ संरक्षण में सहयोग की अपील की एंव बाघ दिवस की शुभकामनाएं दी।
भारत -नेपाल मैत्री का दिखा रंग
इस सेमिनार में नेपाल देश की टाइगर रिजर्व कंजर्वेशन टीम ने भी हिस्सा लिया।इस दौरान उन्हें पर्यावरण मंत्री ने सम्मानित किया। इसमें भारत-नेपाल मैत्री का बेहतर रंग देखने को मिला।
इस कार्यक्रम में राज्य मंत्री केपी मलिक,एसीएस मनोज सिंह,प्रधान मुख्य वन संरक्षक ममता संजीत,कमलेश कुमार,केपी दूबे सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।












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