Ground Report Gorakhpur: Hit And Run Law के खिलाफ चालकों का विरोध प्रदर्शन जारी, राहगीर परेशान
Gorakhpur News: Hit And Run Law के खिलाफ जहां एक तरफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन जारी हैं वहीं सीएम सिटी गोरखपुर में भी चालकों का भारी आक्रोश देखने को मिल रहा हैं। इनके द्वारा शहर के प्रमुख चौराहों, जगहों पर चक्का जाम किया जा रहा है। कुछ लोग जो किराए पर ई रिक्शा से जा रहे थे, चालकों ने उन्हें भी उतार दिया। इसके कारण राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहे हैं। वन इंडिया हिंदी ने चालकों व राहगीरों से बातचीत कर उनकी समस्या जानी।
सड़क किया जाम
इस कड़ाके की ठंड में सुबह से ही गोरखपुर के प्रमुख चौराहों पादरी बाजार, असुरन, खजांची, गुलरिहा, मोहद्दीपुर, पैडलेगंज, रुस्तमपुर, नौसढ़, कूड़ाघाट सहित अन्य जगहों पर चालक विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। सड़कों के दोनों तरफ वे खड़े होकर चलते वाहनों को रोकते नजर आए। इस दौरान सर्वाधिक ई रिक्शा को रोका गया।

वाहनों में बैठे राहगीरों को उतारा
इस दौरान चालकों ने ई रिक्शा व अन्य कामर्शियल वाहनों में बैठे पैंसेजरों को नीचे उतार दिया और वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करा दिया।
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इस कानून का कर रहे विरोध
केंद्र सरकार ने हाल ही में संसद में नया हिट एंड रन विधेयक पास किया है। इस बिल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी भी मिल चुकी है। इस नए कानून के तहत अगर चालक दुर्घटना के बाद फरार होता है और हादसे में किसी की मौत हो जाती है तो उसे सात साल का कैद व दस लाख रुपये जुर्माना देना पड़ेगा।
इस सजा से पूरा परिवार ही बर्बाद हो जाएगा
पादरी बाजार के महुआ तिराहे के पास चक्का जाम किए चालकों ने वन इंडिया हिंदी से बातचीत में अपनी मांग बताई। चालक सुनील पाठक ने बताया कि पहले का कानून ठीक था। हम गरीबों के लिए यह काला कानून है। दुर्घटना होने पर बीमा का कोई मतलब नहीं रहेगा। सात साल का कैद और दस लाख रुपया जुर्माना देना है। इतनी बड़ी रकम हम कहां से देंगे। इस सजा से हम सभी का परिवार खत्म हो जाएगा।
हम चालकों को ही सजा, मालिकों को छूट क्यों
सुनील कहते हैं कि हम गरीब हैं। किसी तरह वाहन चला कर अपना और परिवार का भरण पोषण करते हैं। इस सजा से हम गरीब तो परेशानी में पड़ जाएंगे लेकिन जो लाखों की गाड़ी चलवा रहा है वह मालिक चैन की वंशी बजाएगा। इस कानून का हम विरोध करते हैं।
केंद्र सरकार इस कानून को ले वापस
चालक चंदन कुमार बताते हैं कि केंद्र सरकार को यह काला कानून तुरंत वापस लेना चाहिए। हम गरीबों के हित में नहीं है।
अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाएंगे
चालक सुजीत कुमार ने पीएम मोदी से इस कानून को वापस लेने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर हमारी मांगे नहीं मानी जाती हैं तो हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।
राहगीरों को हुई दिक्कत
पिराराईच से आ रहे गोकुल ने बताया कि हमें नार्मल तक जाना हैं। साधन कोई न मिलने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।












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