UP : 92 साल के शख्स को थाने से मिला ऐसा पैगाम, सुनते ही लगा Shock और निकल गई जान

गोरखपुर के गोला के रहने वाले एक बुजुर्ग की मौत हो गयी है। मौत का कारण सदमा बताया जा रहा है। 92साल के भिखारी भुज पर पारिवारिक विवाद मामले में मुकदमा चल रहा था। पहले भी वह जेल जा चुके थे।इसी मामले में दो दिन पूर्व इन पर वा

Gorakhpur News : गोरखपुर के गोला के रहने वाले एक बुजुर्ग की मौत हो गयी है। मौत का कारण सदमा बताया जा रहा है। 92साल के भिखारी भुज पर पारिवारिक विवाद मामले में मुकदमा चल रहा था। पहले भी वह जेल जा चुके थे।इसी मामले में दो दिन पूर्व इन पर वारंट होने की जानकारी पुलिस ने दी थी। इसके बाद से ही वह परेशान रह रहे थे। जेल जाने का डर उन्हें इस कदर सताने लगा कि सदमे में आ गए। तबियत ज्यादा खराब होने से उनकी मौत मंगलवार सुबह हो गयी।

bujurg

भिखारी भुज के दामाद अयोध्या प्रसाद ने बताया की दो दिन पहले पुराने मामले में उन्हें थाने से वारंट आया था। वारंट आने के बाद से ही वह परेशान रहने लगे। उन्हें जेल जाने का डर सताने लगा। परिजनों से वह बार-बार कहने लगे अब तो मुझे फिर जेल जाना पड़ेगा। यह सोचकर उन्हें गहरा सदमा लगा और तबियत खराब होने की वजह से उनकी मौत हो गयी।

जानकारी के मुताबिक, भिखारी प्रसाद पर पारिवारिक विवाद में मुकदमा दर्ज था। पहले भी वह जेल जा चुके थे। एनबीडब्ल्यू जारी होने पर बड़हलगंज पुलिस ने दो दिन पहले भिखारी के घर जाकर सूचना दी थी। किसी मुकदमे में अगर तारीख पर अभियुक्त या गवाह नहीं पहुंचते हैं तो उन्हें सीधे एनबीडब्ल्यू नहीं जारी होता है। पहले समन वारंट जारी होता है फिर जमानती वारंट जारी होता है और उसके बाद एनबीडब्ल्यू जारी किया जाता है। समन दो से तीन बार जारी होता है। लेकिन पुलिस अक्सर वारंट या फिर जमानती वारंट न पहुंचाकर सीधे गैर जमानती वारंट लेकर पहुंच जाती है।

कोतवाल बड़हलगंज मधुप मिश्रा ने बताया कि 1996 के मारपीट के मुकदमे में एनबीडब्लू जारी हुआ था। इसकी की उन्हें सूचना दी गई थी।

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