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कोरोना की भयावह आपदा में इंसान व इंसानियत की रक्षा करते 'संजय राय शेरपुरिया'

By दीपक कुमार त्यागी
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गाजीपुर, जून 3: उत्तर प्रदेश के जनपद गाजीपुर के शेरपुर गांव की माटी का एक लाल मात्र 17 वर्ष की छोटी उम्र में जीवन को नई दिशा देने के उद्देश्य से गुजरात के लिए निकला था। आज उस युवा ने 33 वर्ष के लंबे संघर्ष दिनरात की अथक मेहनत के बाद अपनी दूरदृष्टि बेहतरीन व्यापारिक रणनीति के बदौलत गुजरात जाकर एक बहुत बड़ा औद्योगिक घराना तैयार कर लिया है, आज इस घराने का देश-विदेश में बहुत बड़ा व्यापार है। वह युवा आज बेहद सम्मान के साथ संजय राय "शेरपुरिया" के नाम से जाना जाता है, जिसकी गिनती गुजरात के दिग्गज उद्योगपतियों में होती हैं।

संजय सिंह शेरपुरिया नहीं भूले अपने गृह जनपद गाजीपुर को

संजय सिंह शेरपुरिया नहीं भूले अपने गृह जनपद गाजीपुर को

सनातन धर्म की पंरपराओं को अक्षरशः अपने जीवन में उतारने वाले संजय राय "शेरपुरिया" का हमेशा अपनी जन्मभूमि से विशेष लगाव रहा है, ज़िंदगी में परिस्थिति कैसी भी रही हो, लेकिन उन्होंने कभी अपने गृह जनपद गाजीपुर को नहीं भूला। संजय राय "शेरपुरिया" इसी विशेष लगाव की वजह से हमेशा अपने गृह जनपद के लिए कुछ ना कुछ जनहित व सामाजिक दायित्व का निर्वहन निरंतर करते रहते हैं। वैसे भी गाजीपुर का यह लाल संजय राय शेरपुरिया जनपद में काम करने वाली "यूथ रूरल इंटरप्रेन्योर फाउंडेशन" के चेयरमैन भी हैं, जो कि गाजीपुर में विभिन्न क्षेत्रों में लगातार कार्यरत है। लेकिन जब से देश में कोरोना काल शुरू हुआ है तब से संजय राय व्यक्तिगत रूप से लोगों की खामोशी के साथ निरंतर हर संभव मदद करके उनके जीवन को बचाने के लिए प्रयास करते रहे हैं।

शेरपुरिया ने बचाया लोगों का अनमोल जीवन

शेरपुरिया ने बचाया लोगों का अनमोल जीवन

कोरोना की दूसरी बेहद भयावह लहर में जब संजय राय "शेरपुरिया" ने देश के विभिन्न राज्यों में चिंताजनक हालात देखें, तो उन्हें अपने गृह जनपद गाजीपुर की याद आयी। जहां पर लोगों को केवल सरकारी व्यवस्था के द्वारा उपलब्ध इलाज के भरोसे छोड़ दिया जाता तो ना जाने कितने लोग असमय काल का ग्रास बन जाते। इसलिए संजय राय "शेरपुरिया" ने तुरंत ही अपने दिल्ली कार्यालय से गाजीपुर के लिए दवाई, इंजेक्शन, कोरोना जांच किट, कोरोना दवाई किट व इलाज के लिए आवश्यक अन्य सभी प्रकार के जरूरतमंद मेडिकल उपकरणों से युक्त चिकित्सा वाहनों का बंदोबस्त करके उस काफिले को लोगों के इलाज के लिए गाजीपुर भेज दिया, जिसके माध्यम से ना जाने कितने लोगों का अनमोल जीवन बचाया गया।

गाजीपुर आकर खुद संभाला मोर्चा

गाजीपुर आकर खुद संभाला मोर्चा

ऐसा करके संजय राय "शेरपुरिया" अब उद्योगपति समाजसेवी के साथ एक निडर निर्भीक इंसान व इंसानियत की रक्षा करने वाले कोरोना वारियर्स बन गये हैं, कोरोना वायरस संक्रमण की भयावहता को देखते हुए उन्होंने अपने जीवन की परवाह किए बिना गाजीपुर के लोगों के अनमोल जीवन को बचाने के लिए अपनी समस्त टीम के साथ गाजीपुर आकर खुद मौके पर मोर्चा संभाल लिया, भयावह आपदाकाल में जब लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों में छिपे बैठे हैं उस समय संजय राय की हिम्मत को दाद देनी पडेगी, जो उन्होंने आम-जनमानस के जीवन को बचाने के लिए अपने जीवन को खतरे में डाल दिया। संजय राय "शेरपुरिया" ने अपनी समस्त टीम व अन्य लोगों में जोश लाने के लिए "जन भागीदारी से जन कल्याण की ओर एक कदम" का नारा देते हुए, इस लक्ष्य के साथ धरातल पर बहुत तेजी के साथ कार्य करना शुरू किया कि कोरोना महामारी के समय में गाजीपुर के हर परिवार और हर व्यक्ति को मिले सम्पूर्ण इलाज। जिसमें वह काफी हद तक सफल भी रहे हैं।

दवाइयां, ऑक्सीन करवाई उपलब्ध

दवाइयां, ऑक्सीन करवाई उपलब्ध

कोरोना महामारी के भयावह आपदाकाल में संजय राय "शेरपुरिया" ने गाजीपुर में कोरोन महामारी से निपटने के लिए जन भागीदार से जग कल्याण एक पहल "यूथ रूरल एंटरप्रेन्योर फाउंडेशन" के द्वारा लोगों के जीवन को बचाने के लिए बड़े स्तर पर एक अभियान की शुरुआत की। जिसके तहत गाजीपुर के आम लोगों व जिले के सराकरी अस्पतालों के लिए मास्क, फेशशिल्ड, पीपीई किट, बेड, आक्सीजन, दवाई, इंजेक्शन, कोरोना जांच किट, कोरोना के इलाज के लिए दवाईयों की किट, ऑक्सीजन कंसॉन्ट्रेटर आदि जैसी जीवन रक्षक वस्तुएं उपलब्ध करवाई गयी। उन्होंने जिस समय लोग एक-एक सांस लेने के लिए तड़प रहे थे उस भयावह आपदाकाल में गाजीपुर के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह को आम लोगों के लिए 100 ऑक्सीजन कंसॉन्ट्रेटर उपलब्ध कराये। जिले के पुलिसकर्मियों के इलाज के लिए पुलिस लाइन में चल रहे अस्पताल के लिए दवाई व ऑक्सीजन कंसॉन्ट्रेटर पुलिस कप्तान को उपलब्ध करवाये।

जीवन बचाओ अभियान बिना रूके बिना थके दिन-रात जारी है

जीवन बचाओ अभियान बिना रूके बिना थके दिन-रात जारी है

उपरोक्त कार्य कोरोना आपदाकाल में संजय राय "शेरपुरिया" के द्वारा किए गए, जो जनहित के कार्यों की बानगी मात्र हैं, सभी का यहां विवरण देना संभव नहीं है। लेकिन अच्छी बात यह है कि अब धीरे-धीरे गाजीपुर जनपद में कोरोना का प्रकोप काफी कम होना शुरू गया है, लेकिन संजय राय "शेरपुरिया" का जीवन बचाओ अभियान बिना रूके बिना थके दिन-रात जारी है। उनका हमारा संकल्प-कोरोना महामारी के समय में, गाजीपुर के हर परिवार और हर व्यक्ति को मिले सम्पूर्ण इलाज अभियान निरंतर चल रहा है। वह लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के उपायों के प्रति लगातार जागरूक करके वैक्सीन लगवाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, "दो गज की दूरी मास्क है जरूरी" की कोरोना काल में अहमियत समझा रहे हैं।

नौ श्मशान घाटों पर खोला लकड़ी बैंक

नौ श्मशान घाटों पर खोला लकड़ी बैंक

बड़ी बात यह है कि संजय राय "शेरपुरिया" ने जब भारत व विदेशी मीडिया में गंगा में तैरते हुए मानव शवों की खबरों को देखा तो वह बहुत विचलित हो गए। उन्होंने तत्काल ही दृढ़ संकल्प लिया कि जनपद गाजीपुर में गंगा पर स्थित श्मशानघाटों पर जाकर वह स्थिति को देखकर शवों के दाहसंस्कार की उचित व्यवस्था करेंगे। उन्होंने सभी श्मशानघाटों का दौरा करके लकड़ी की जबरदस्त कमी की समस्या को देखा, क्योंकि कोरोना महामारी के भयावह काल के चलते लोगों की बहुत अधिक मौतें हो रही हैं। इससे श्मशानघाटों पर लकड़ी का जबरदस्त अभाव हो गया है जिसके चलते लकड़ी के दाम भी बढ़ गये हैं। इस परेशानी को देखते हुए समस्या का तुरंत निदान करने के लिए श्मशानघाटों पर लकड़ी की कमी से कोई व्यक्ति शव को गंगा में यूं ही न फेंके। इसलिए गाजीपुर में श्मशानघाट पर संस्था यूथ रूरल एंटरप्रेन्योर फाउंडेशन के माध्यम से लकड़ी बैंक बनाया। जिसमें कोई भी व्यक्ति लकड़ी दान कर सकता है और कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति वहां से नि:शुल्क लकड़ी लेकर अपनों के शव का अंतिम संस्कार पूरे विधि और सम्मान के साथ कर सकता है। फाउंडेशन की ओर से जिले के नौ श्मशान घाटों पर लकड़ी बैंक खोला गया है। जिसके लिए बकायदे रोड मैप तैयार किया है, सभी जगह के लिए इंचार्ज भी नियुक्त किए गए हैं। यहां से निर्धन लोगों के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए नि:शुल्क लकड़ी दी जा रही है।

देश के विभिन्न हिस्सों में कर रहे हैं समाजसेवा

देश के विभिन्न हिस्सों में कर रहे हैं समाजसेवा

संजय राय "शेरपुरिया" का समाजसेवा का क्षेत्र सिर्फ गाजीपुर तक ही सीमित नहीं है, वह देश के विभिन्न हिस्सों में समाजसेवा का कार्य कर रहे हैं। संजय राय "शेरपुरिया" लंबे समय से विभिन्न देशों से आये हिन्दू शर्णार्थियों के जीवन को सरल बनाने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार लंबे समय से काम कर रहे है। दिल्ली स्थित मजलिस पार्क महाराणा प्रताप बस्ती में पाकिस्तान से आए हुए हिन्दू शरणार्थियों की देख-रेख का जिम्मा भी संजय राय "शेरपुरिया" व उनकी संस्था कर रही हैं। वह अक्सर कहते है कि मैंने जीवन में अपनी कठिन तपस्या से समाज में यह मुकाम पाया है, वह आज की युवा पीढी को संदेश देते हैं कि कोई भी व्यक्ति श्रम के द्वारा और संकल्प के द्वारा जीवन में अपना तय लक्ष्य हासिल कर सकता है, यही जीवन में सफलता का सबसे कारगर मंत्र है।

English summary
"Sanjay Rai Sherpuria" protecting humans and humanity in corona pandemic
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